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नमामि गंगे योजना के तहत 1174 करोड़ से होगा कालिंदी का कायाकल्प, शासन ने दी मंजूरी
Sun, 28 Apr 2019 04:49 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 28 Apr 2019 04:49 PM IST
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यमुना
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नमामि गंगे योजना के तहत यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आगरा के जल निगम की ओर से तैयार किए गए 1174 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। अब जल निगम के अधिकारियों को आचार संहिता हटने का इंतजार है। शासन ने कार्य पूरा करने के लिए जल निगम को जून 2021 तक का समय दिया है।
दरअसल, ताजनगरी के अलग-अलग क्षेत्रों में 90 नाले है, जिनमें से 61 नाले यमुना में सीधे गिर रहे हैं। जबकि 29 नालों की जल निगम ने टेपिंग की हुई है। बावजूद इसके कई बार यह नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। जिससे गंदा पानी सीधे यमुना में पहुंचता है।
ऐसी स्थिति में यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिये जल निगम की ओर से 857 और 317 करोड़ के दो अलग-अलग प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। जिन पर शासन ने प्रस्ताव स्वीकृत करते हुए अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।
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दरअसल, ताजनगरी के अलग-अलग क्षेत्रों में 90 नाले है, जिनमें से 61 नाले यमुना में सीधे गिर रहे हैं। जबकि 29 नालों की जल निगम ने टेपिंग की हुई है। बावजूद इसके कई बार यह नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। जिससे गंदा पानी सीधे यमुना में पहुंचता है।
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ऐसी स्थिति में यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिये जल निगम की ओर से 857 और 317 करोड़ के दो अलग-अलग प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। जिन पर शासन ने प्रस्ताव स्वीकृत करते हुए अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।
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तीन नए एसटीपी का होगा निर्माण
जल निगम अधिकारियों के बताया कि प्रस्ताव स्वीकृति के अनुसार सभी नालों की टेपिंग की जाएगी। तीन (ताज ईस्ट गेट पर धाधूपुरा, यमुनापार में पीलाखार, दयालबाद के जगनपुर) नये एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) तथा दस डीएसटीपी का निर्माण किया जाएगा। पूर्व के नौ एसटीपी तथा 26 पंपिग स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा।
जून 2021 तक कार्य पूरा करने में यह बनेंगे बाधक
जल निगम अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता खत्म होने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। टीटीजेड की वजह से शहर में निर्माण कार्यों पर तदर्थ रोक लगी हुई है। जून 2021 तक कार्य को पूरा करने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ इनवायरमेंट से तीन नए एसटीपी का निर्माण करने के लिए अनुमति लेनी होगी। वहीं, टीटीजेड में पेड़ों का कटान भी नहीं कर सकते। इसके लिए भी अनुमति लेनी होगी।
जून 2021 तक कार्य पूरा करने में यह बनेंगे बाधक
जल निगम अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता खत्म होने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। टीटीजेड की वजह से शहर में निर्माण कार्यों पर तदर्थ रोक लगी हुई है। जून 2021 तक कार्य को पूरा करने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ इनवायरमेंट से तीन नए एसटीपी का निर्माण करने के लिए अनुमति लेनी होगी। वहीं, टीटीजेड में पेड़ों का कटान भी नहीं कर सकते। इसके लिए भी अनुमति लेनी होगी।
आंकड़ों पर नजर
1174 करोड़ के प्रस्ताव को मिली स्वीकृति
90 नाले यमुना में गिरने से रुकेंगे
2021 जून तक कार्य को करना होगा पूर्ण
03 नए एसटीपी का होगा निर्माण
90 नाले यमुना में गिरने से रुकेंगे
2021 जून तक कार्य को करना होगा पूर्ण
03 नए एसटीपी का होगा निर्माण
यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत एक प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे शासन ने स्वीकृत कर लिया है। जून 2021 तककार्य पूरा करने के निर्देश दिए है। आचार संहिता हटने के साथ ही कार्य शुरू किया जाएगा। - बीके गर्ग, परियोजना प्रबंधक - निर्माण इकाई, जल निगम