UP Board Result 2022: जेल में बंद कैदियों ने भी मारी बाजी, सलाखों के पीछे से 10वीं और 12वीं में बेहतरीन प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की 10वीं-12वीं की परीक्षाओं के नतीजों से केंद्रीय कारागार में भी खुशी की लहर दौड़ गई। सलाखों के पीछे पढ़ाई कर 12 बंदियों ने परीक्षा पास की है, जिनमें नौ बंदी हाईस्कूल और तीन बंदी इंटरमीडिएट के हैं।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के नतीजे शनिवार को घोषित हो गए हैं। इन परीक्षाओं में आम छात्रों के साथ-साथ केंद्रीय कारागार आगरा के बंदियों का प्रदर्शन भी बेहतरीन रहा। इन कैदियों की पढ़ाई में जेल की सलाखें भी रोड़ा नहीं बन सकीं। हाईस्कूल की परीक्षा में 9 और इंटरमीडिएट में तीन बंदी पास हुए हैं। जब रिजल्ट के बारे में इन बंदियों को बताया गया, तो इनके चेहरे खुशी से खिल गए।
सजायफ्ता 12 बंदियों ने दी थी परीक्षा
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में केंद्रीय कारागार के 12 बंदियों ने भी बाजी मारी। नौ ने हाईस्कूल और तीन ने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर ली। केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि सजायफ्ता 12 बंदियों ने परीक्षा दी थी। नौ बंदी हाईस्कूल की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। इनमें जितेंद्र (64.83 प्रतिशत), अर्जुन (63.16) और शीलेष ने (62.83) प्रथम श्रेणी पाई। छह बंदी राजेंद्र सिंह, विजय, प्रेमवीर, रमेश, धर्मेंद्र और वीरेंद्र ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त की। इंटरमीडिएट में तीन बंदियों शिशुपाल सिंह, हरी सिंह और जितेंद्र ने द्वितीय श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने बताया कि जेल में ही परीक्षक ने आकर परीक्षा कराई थी।
वित्त विहीन विद्यालय छाए
यूपी बोर्ड परीक्षा-2022 के परिणाम में जिले के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की टॉप टेन सूची में वित्त विहीन विद्यालय छाए हैं। एक भी राजकीय विद्यालय के विद्यार्थी का नाम टॉप टेन सूची में शामिल नहीं है। महज एक सहायता प्राप्त विद्यालय सूची में है। वर्षों बाद सहायता प्राप्त विद्यालय के विद्यार्थी ने जिले में टॉप किया है। इंटरमीडिएट के टॉपर विक्रम सिंह सहायता प्राप्त विद्यालय आशाराम रामनिवास इंटर कॉलेज, बाह के छात्र हैं।
हाईस्कूल की टॉप टेन सूची में 21 परीक्षार्थियों के नाम शामिल हैं। सभी वित्त विहीन विद्यालय के हैं। इंटरमीडिएट की टॉप टेन सूची में 12 परीक्षार्थी हैं। सहायता प्राप्त विद्यालय के एक परीक्षार्थी को छोड़कर बाकी सभी 11 परीक्षार्थी वित्त विहीन विद्यालयों के हैं। टॉप टेन की सूची में शहर के विद्यालय पीछे रह गए हैं। हाईस्कूल में दो विद्यालय शहर के हैं, बाकी सभी ग्रामीण क्षेत्र के हैं। इंटरमीडिएट में महज एक विद्यालय शहर का है।