यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा रद्द: आगरा जिले में 56,927 छात्र-छात्राएं होंगे प्रोन्नत
यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय को प्रधानाचार्य, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों ने सराहा है। इसे परिस्थिति के अनुरूप और छात्र हित में अच्छा निर्णय बताया है। इस निर्णय से विद्यार्थी भी खुश है। इस फैसले से जिले में कक्षा 12वीं में पंजीकृत 56927 विद्यार्थियों के प्रोन्नत होने का रास्ता साफ हो गया है।
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आगरा जिले में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा के लिए 156 केंद्र बनाए गए थे। इसमें सामाजिक दूरी का पालन कराना और विद्यार्थियों को संक्रमण से बचाने की चुनौती थी। वहीं, मूल्यांकन कराने की भी चुनौती थी। परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय को स्कूल प्रबंधकों ने सही बताया है। अब जिले में कक्षा 12वीं के 56927 छात्र-छात्राएं प्रोन्नत होंगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. भोजकुमार शर्मा, आल स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सचिन शर्मा ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। प्रधानाचार्य परिषद के वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र पाल सिंह और ऑल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सक्सेना ने कहा कि यह समय परीक्षा कराने लायक भी नहीं था।
विद्यार्थी संक्रमण के खतरे से बच जाएंगे
रोहता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रामनिवास मुद्गल ने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं को रद्द किया जाना सराहनीय निर्णय है। इससे प्रदेश के लाखों विद्यार्थी संक्रमण के खतरे से बच जाएंगे।
छात्रों के स्वास्थ्य को दी गई प्राथमिकता
चाहरवाटी इंटर कॉलेज अकोला के प्रवक्ता डॉ. योगेंद्र सिंह चाहर ने कहा कि 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा को रद्द करना सरकार का अच्छा कदम है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई थी। इस समय परीक्षा को रद्द करना जरूरी था।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख घोषित हो
रामकृष्ण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सोमदेव सारस्वत ने कहा कि परीक्षा रद्द करना उचित निर्णय है। नीट व जेईई आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख जल्द घोषित कर देनी चाहिए। जिससे विद्यार्थी उनकी तैयारी में लग जाएंगे।
विद्यार्थी बोले- परीक्षा रदद करने के फैसले से खुशी हुई
जीआईसी के छात्र देवकांत शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए घर से बाहर निकलने में डर लगता है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होना खतरनाक था। परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से खुशी हुई। छात्र नितेश सोनी ने कहा कि परीक्षाएं बार-बार स्थगित होने से तनाव बना हुआ था। तारीख निर्धारित न होने से परीक्षा की तैयारी भी उतनी अच्छे से नहीं हो पा रही थी। ऐसे में परीक्षा रद्द किया जाना अच्छा है।
कुछ कष्ट हुआ पर फैसला अच्छा
श्री नारायणी गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा नेहा पाठक ने कहा कि परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय से कुछ कष्ट तो हुआ पर यह कदम विद्यार्थियों के हित में है। कोरोना से तमाम परिवारों में लोग संक्रमित हुए और मौतें भी हुईं। ऐसे में परीक्षा कराना उचित नहीं था। छात्रा कामना कुमारी ने कहा कि परीक्षाएं जरूरी होती हैं, इस वर्ष परिस्थितियां विपरीत हैं। सरकार ने 12वीं की परीक्षा रद्द करने का निर्णय हमारे हित में ही लिया है। विद्यार्थी स्वस्थ रहेंगे तो ही वह अपना भविष्य बेहतर बना सकते हैं।