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आंवला, लहसुन, तिल का निर्यात करेगी सरकार, कृषि उत्पादन बढ़ाने पर हुआ मंथन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 14 Oct 2018 09:41 PM IST
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही।
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित वर्ल्ड यूनियन होलसेल मार्केट इंटरनेशनल कांफ्रेंस में पांच देशों के प्रतिनिधि मंडल से कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश में होने वाली फसलों और उनकी गुणवत्ता के बारे में बताते हुए उद्योग लगाने के लिए विदेशी प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया। साथ ही कहा कि सरकार फल-सब्जी के बाद आंवला, लहसुन समेत अन्य फसलों का निर्यात भी करेगी।
कांफ्रेंस में चीन, मैक्सिको, स्पेन, इटली, पुर्तगाल के प्रतिनिधिमंडल के सामने आम, चावल, आलू, गेहूं समेत अन्य फसलों का प्रजेंटेशन दिया गया। उनको फसल की गुणवत्ता, पैदावार के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में आलू, गन्ना, गेहूं, दूध का उत्पादन सबसे ज्यादा है। चावल, आम, मिर्ची के बाद अब तिल, आंवला, लहसुन का निर्यात किया जाएगा।
आगरा में आलू की प्रोसेसिंग यूनिट पर उन्होंने कहा कि अगर कोई प्राइवेट कंपनी यूनिट आगे आती है तो उसे सरकार उसकी मदद करेगी। सरकार किसानों के लिए बीज में सब्सिडी देने के साथ ही गेहूं, चावल की रिकार्ड खरीददारी कर रही है, कई फसलों का समर्थन मूल्य भी पहली बार जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 100 मंडी को इंटरनेट से जोड़ा गया है, जिससे किसान घर बैठे फसलों के दाम की जानकारी कर सके।
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कांफ्रेंस में चीन, मैक्सिको, स्पेन, इटली, पुर्तगाल के प्रतिनिधिमंडल के सामने आम, चावल, आलू, गेहूं समेत अन्य फसलों का प्रजेंटेशन दिया गया। उनको फसल की गुणवत्ता, पैदावार के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में आलू, गन्ना, गेहूं, दूध का उत्पादन सबसे ज्यादा है। चावल, आम, मिर्ची के बाद अब तिल, आंवला, लहसुन का निर्यात किया जाएगा।
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आगरा में आलू की प्रोसेसिंग यूनिट पर उन्होंने कहा कि अगर कोई प्राइवेट कंपनी यूनिट आगे आती है तो उसे सरकार उसकी मदद करेगी। सरकार किसानों के लिए बीज में सब्सिडी देने के साथ ही गेहूं, चावल की रिकार्ड खरीददारी कर रही है, कई फसलों का समर्थन मूल्य भी पहली बार जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 100 मंडी को इंटरनेट से जोड़ा गया है, जिससे किसान घर बैठे फसलों के दाम की जानकारी कर सके।
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मंडी परिषद के निदेशक रमाकांत पांडे ने कहा कि जापान, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, इटली, दुबई, यूरोप, लंदन में फल-सब्जी और चावल का निर्यात होता है। अब अन्य देशों में इनका निर्यात बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि प्रमुख सचिव कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के व्यापार नीति की जानकारी दी।
प्रबंध निदेशक डॉ. जेएस यादव, विदेशी प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख स्टीफन ल्यानी ने भी विचार रखे। कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम एनजी रवि कुमार, मंडी सचिव पंकज शर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा मौजूद रहे।
बीज से धान उगाने पर चल रहा प्रयोग
चावल उद्यमी अनिल मित्तल ने बताया कि धान की पौध का री-प्लांट के स्थान पर बीज से इसकी पैदावार करने पर प्रयोग चल रहा है। इसके अलावा धान की खेती में पानी की उपयोगिता कम करने और इसकी फसल को 90 से कम दिन में तैयार करने पर विज्ञानी लगे हुए हैं।
ऐसा होने से किसान को बचत होगी और कम समय पर ज्यादा पैदावार हो सकेगी। आलू के निर्यात पर मंडी परिषद के निदेशक रमाकांत पांडे का कहना है कि आगरा से आलू का निर्यात तो होता है, लेकिन पैदावार के मुकाबले कम है। इसकी वजह भाड़े का खर्च अधिक होना है।
प्रबंध निदेशक डॉ. जेएस यादव, विदेशी प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख स्टीफन ल्यानी ने भी विचार रखे। कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम एनजी रवि कुमार, मंडी सचिव पंकज शर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा मौजूद रहे।
बीज से धान उगाने पर चल रहा प्रयोग
चावल उद्यमी अनिल मित्तल ने बताया कि धान की पौध का री-प्लांट के स्थान पर बीज से इसकी पैदावार करने पर प्रयोग चल रहा है। इसके अलावा धान की खेती में पानी की उपयोगिता कम करने और इसकी फसल को 90 से कम दिन में तैयार करने पर विज्ञानी लगे हुए हैं।
ऐसा होने से किसान को बचत होगी और कम समय पर ज्यादा पैदावार हो सकेगी। आलू के निर्यात पर मंडी परिषद के निदेशक रमाकांत पांडे का कहना है कि आगरा से आलू का निर्यात तो होता है, लेकिन पैदावार के मुकाबले कम है। इसकी वजह भाड़े का खर्च अधिक होना है।