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विविः बीए में प्रवेश छात्रों की पहली पसंद
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय इकाई के संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 1,80,938 छात्र-छात्राओं ने वेब रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें से 1,70,359 ने पाठ्यक्रम चुन लिया है। बीए में प्रवेश छात्र-छात्राओं की पहली पसंद है। सर्वाधिक 73,334 ने बीए पाठ्यक्रम को चुना है।
गत सत्र से छात्र-छात्राओं का रुझान बदला है। इसके पहले बीएससी में प्रवेश के लिए सर्वाधिक आवेदन प्राप्त होते थे। इस बार बीएससी पाठ्यक्रम को 57,386 छात्र-छात्राओं ने चुना है। बीएससी की अपेक्षा बीए में 15,948 आवेदन अधिक हैं। बीकॉम में प्रवेश के लिए 14,793 छात्र-छात्राओं ने फार्म भरा है। हालांकि बीकॉम में सीटें भी कम हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रवेश समिति के सह समन्वयक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि छात्र यूपीएससी, एसएससी आदि की तैयारी के लिए कला वर्ग को चुन रहे हैं। इसके विषयों को रखकर तैयारी कर रहे हैं। इससे कला वर्ग में प्रवेश बढ़ रहे हैं।
इस समय विद्यार्थी सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए कला वर्ग के विषयों को चुन रहे हैं। कला वर्ग के विषयों की पढ़ाई करके विद्यार्थी बीएड और डीएलएड भी करना चाह रहे हैं। सरकारी नौकरी प्राथमिकता है। कोरोना काल में निजी नौकरियां जाने से विद्यार्थी सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं। - डॉ. मीरा अग्रवाल, प्राचार्या, श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज
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छात्रों में गत एक-दो वर्षों में विज्ञान के प्रति रुझान कम हुआ है। विज्ञान के छात्रों को अपेक्षाकृत रोजगार के अवसर कम मिल रहे हैं। जबकि कला वर्ग के विषयों से पढ़ाई के बाद रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में भी कला वर्ग की कट ऑफ बढ़ती जा रही है। देश भर में यह बदलाव दिख रहा है। - डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य परिषद के महामंत्री, विवि
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 1.80 लाख के करीब छात्र-छात्राओं ने वेब रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों में चार लाख से अधिक सीटें हैं। इस तरह से दो लाख से भी अधिक सीटें खाली रहेंगी।
विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वेब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 16 सितंबर को बंद कर दी। जबकि परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वेब रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है। 20 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। पहले इसकी आखिरी तारीख 16 सितंबर थी।
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गत सत्र से छात्र-छात्राओं का रुझान बदला है। इसके पहले बीएससी में प्रवेश के लिए सर्वाधिक आवेदन प्राप्त होते थे। इस बार बीएससी पाठ्यक्रम को 57,386 छात्र-छात्राओं ने चुना है। बीएससी की अपेक्षा बीए में 15,948 आवेदन अधिक हैं। बीकॉम में प्रवेश के लिए 14,793 छात्र-छात्राओं ने फार्म भरा है। हालांकि बीकॉम में सीटें भी कम हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रवेश समिति के सह समन्वयक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि छात्र यूपीएससी, एसएससी आदि की तैयारी के लिए कला वर्ग को चुन रहे हैं। इसके विषयों को रखकर तैयारी कर रहे हैं। इससे कला वर्ग में प्रवेश बढ़ रहे हैं।
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इस समय विद्यार्थी सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए कला वर्ग के विषयों को चुन रहे हैं। कला वर्ग के विषयों की पढ़ाई करके विद्यार्थी बीएड और डीएलएड भी करना चाह रहे हैं। सरकारी नौकरी प्राथमिकता है। कोरोना काल में निजी नौकरियां जाने से विद्यार्थी सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं। - डॉ. मीरा अग्रवाल, प्राचार्या, श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज
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छात्रों में गत एक-दो वर्षों में विज्ञान के प्रति रुझान कम हुआ है। विज्ञान के छात्रों को अपेक्षाकृत रोजगार के अवसर कम मिल रहे हैं। जबकि कला वर्ग के विषयों से पढ़ाई के बाद रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में भी कला वर्ग की कट ऑफ बढ़ती जा रही है। देश भर में यह बदलाव दिख रहा है। - डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य परिषद के महामंत्री, विवि
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 1.80 लाख के करीब छात्र-छात्राओं ने वेब रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों में चार लाख से अधिक सीटें हैं। इस तरह से दो लाख से भी अधिक सीटें खाली रहेंगी।
विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वेब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 16 सितंबर को बंद कर दी। जबकि परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वेब रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है। 20 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। पहले इसकी आखिरी तारीख 16 सितंबर थी।