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रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना: आय प्रमाणपत्र का बदला नियम, जारी हुए नए निर्देश; छात्राओं को मिलेगी बड़ी राहत
Mon, 24 Aug 2026 10:18 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 10:18 AM IST
सार
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए आय प्रमाणपत्र को लेकर नया निर्देश जारी किया है। अब छात्रा के परिवार के बजाय छात्रा का स्वयं का आय प्रमाणपत्र लगाने और उसका क्रमांक दर्ज कर ऑनलाइन प्रति अपलोड करने को कहा गया है।
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- फोटो : Amar Ujala AI
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विस्तार
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने आय प्रमाणपत्र को लेकर नया निर्देश जारी किया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश ने 23 अगस्त को पत्र जारी कर योजना के लिए छात्रा के परिवार के आय प्रमाणपत्र की जगह छात्रा का स्वयं का आय प्रमाणपत्र लगाने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में संबंधित कॉलेजों को छात्रा के आय प्रमाणपत्र का क्रमांक दर्ज करने और उसकी प्रति ऑनलाइन अपलोड करने को कहा गया है। विश्वविद्यालय का यह आदेश इसलिए चर्चा में है, क्योंकि योजना की पात्रता के संबंध में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होने की शर्त बताई गई है। ऐसे में परिवार की आय के प्रमाण के बजाय छात्रा का व्यक्तिगत आय प्रमाणपत्र मांगने पर सवाल उठ रहे हैं।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन ने बताया कि जब छात्रा है तो उसकी खुद की आय कहां से होगी। ऐसे में छात्रा का व्यक्तिगत आय प्रमाणपत्र मांगना व्यावहारिक नहीं है। विश्वविद्यालय को इस आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इसे बदलना चाहिए, ताकि छात्राओं को आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
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पत्र में संबंधित कॉलेजों को छात्रा के आय प्रमाणपत्र का क्रमांक दर्ज करने और उसकी प्रति ऑनलाइन अपलोड करने को कहा गया है। विश्वविद्यालय का यह आदेश इसलिए चर्चा में है, क्योंकि योजना की पात्रता के संबंध में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होने की शर्त बताई गई है। ऐसे में परिवार की आय के प्रमाण के बजाय छात्रा का व्यक्तिगत आय प्रमाणपत्र मांगने पर सवाल उठ रहे हैं।
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सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन ने बताया कि जब छात्रा है तो उसकी खुद की आय कहां से होगी। ऐसे में छात्रा का व्यक्तिगत आय प्रमाणपत्र मांगना व्यावहारिक नहीं है। विश्वविद्यालय को इस आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इसे बदलना चाहिए, ताकि छात्राओं को आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
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