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UP: क्या है ई-मालखाना? जिसमें सुरक्षित रहेंगे पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूत; आगरा में शुरू हुई ये नई व्यवस्था
Tue, 29 Aug 2023 12:49 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 29 Aug 2023 12:49 PM IST
सार
आगरा कमिश्नरेट के थानों में भी ई-मालखाने की व्यवस्था शुरू की गई है। मोबाइल एप से एक क्लिक पर मांगी गई जानकारी मिलेगी।
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पुलिस आयुक्त कार्यालय, आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के थानों में रखे सबूतों से अब छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम से मिली यूनिक आईडी उन्हें सुरक्षित रखेगी। एक क्लिक पर माल की लोकेशन से लेकर कोर्ट में पेश करने की तारीख तक पुलिस को पता चल जाएगी। आगरा में 25 से अधिक थानों को ई-मालखाना साफ्टवेयर से जोड़ दिया गया है।
हर थाने में मालखाना होता है। इसमें अपराधियों से बरामद माल, आला कत्ल आदि रखे जाते हैं। हेड मुहर्रिर माल का ब्योरा एक रजिस्टर में दर्ज करते थे। माल को पोटली या बॉक्स में बंद करके कभी फर्श तो कभी दीवार में बनी अलमारी में रख दिया जाता था। कई बार रैक और अलमारी का प्रयोग कीमती माल को रखने के लिए होता था। इस स्थिति में कोर्ट में माल को पेश करने के समय दिक्कत होती थी। आगरा में मालखाने से चोरी के मामले भी सामने आ चुके हैं। अब ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम से इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
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थाना जगदीशपुरा के मालखाने से दो साल पहले 25 लाख रुपये चोरी हो गए थे। मामला सामने आने के बाद केस दर्ज किया गया। मुंशी पर गाज गिरी थी। जांच में पता चला था कि कई और माल की चोरी हुई। कई कमरों में बने मालखाने से काफी माल चोरी हो गया था।
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हर थाने में मालखाना होता है। इसमें अपराधियों से बरामद माल, आला कत्ल आदि रखे जाते हैं। हेड मुहर्रिर माल का ब्योरा एक रजिस्टर में दर्ज करते थे। माल को पोटली या बॉक्स में बंद करके कभी फर्श तो कभी दीवार में बनी अलमारी में रख दिया जाता था। कई बार रैक और अलमारी का प्रयोग कीमती माल को रखने के लिए होता था। इस स्थिति में कोर्ट में माल को पेश करने के समय दिक्कत होती थी। आगरा में मालखाने से चोरी के मामले भी सामने आ चुके हैं। अब ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम से इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
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क्या है ई-मालखाना?
पुलिस आयुक्त डाॅ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि ई-मालखाना हर थाने में शुरू किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर ई-मालखाना एप डाउनलोड कराया गया है। इसमें माल का पूरा ब्योरा होता है, जैसे माल का क्या प्रकार है, वजन क्या है, केस नंबर क्या है, माल की फोटो, विवेचक कौन है, कोर्ट में कब की तारीख लगी है जब माल पेश किया जाना है आदि। तकरीबन 22 बिंदुओं पर ब्योरा भरा जाता है। यह दर्ज होने के बाद माल को यूनिक आईडी दी जाती है। साथ ही बार कोड भी मिल जाता है। पुलिसकर्मी बक्से पर लगे बार कोड को स्कैन कर माल के केस के बारे में आसानी से जान सकते हैैं। अगर, कोई व्यक्ति अपने माल को लेने के लिए प्रार्थनापत्र देता है तो उसके केस नंबर से पता चल जाएगा कि माल कहां रखा है।
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