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अब रेल यात्रियों को ऐसी सुरक्षा जांच से गुजरना होगा, जान लेना है जरूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 23 Feb 2018 03:21 PM IST
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अागरा छावनी
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों का लगेज ही नहीं बल्कि उनकी गाड़ी को भी सुरक्षा जांच से होकर गुजरना पड़ेगा। इसके लिए स्टेशन की पार्किंग में अंडर व्हीकल सिक्योरिटी सर्विलांस सिस्टम लगाया जा रहा है।
इसमें यात्रियों को लेकर आने वाली गाड़ियों के साथ ही पर्यटकों को पिक और ड्राप करने वाली ट्रेवल टैक्सियों की स्कैनिंग होगी। इससे कोई व्यक्ति स्टेशन परिसर तक अपनी गाड़ी में हथियार समेत किसी तरह की आपत्तिजनक वस्तु नहीं ले जा सकेगा।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर दो साल से इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम के तहत सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। इसके साथ ही मुख्य द्वार पर यात्रियों का लगेज को स्कैन करने के लिए लगेज स्कैनर भी लगा हुआ है।
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इसमें यात्रियों को लेकर आने वाली गाड़ियों के साथ ही पर्यटकों को पिक और ड्राप करने वाली ट्रेवल टैक्सियों की स्कैनिंग होगी। इससे कोई व्यक्ति स्टेशन परिसर तक अपनी गाड़ी में हथियार समेत किसी तरह की आपत्तिजनक वस्तु नहीं ले जा सकेगा।
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आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर दो साल से इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम के तहत सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। इसके साथ ही मुख्य द्वार पर यात्रियों का लगेज को स्कैन करने के लिए लगेज स्कैनर भी लगा हुआ है।
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सीसीटीवी कैमरों की मॉनीटरिंग के लिए आरपीएफ थाना परिसर में आधुनिक नियंत्रण कक्ष भी बनाया जा चुका है। इसी सिक्योरिटी सिस्टम के तहत अब पार्किंग में आने वाली यात्रियों की गाड़ियों को भी सुरक्षा जांच के घेरे में लाया जाएगा।
आरपीएफ कैंट थाना प्रभारी बीपी सिंह का कहना है कि यूवीएसएस सिस्टम को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसमें 15 से 20 दिन का समय लगेगा।
इसके बाद स्टेशन परिसर में आने वाले वाहनों को स्कैनिंग की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। इसमें स्टेशन की पार्किंग में आने वाले वाहनों के साथ ही पर्यटकों को लेने और छोड़ने आने वाली ट्रेवल टैक्सियों की जांच भी होगी।
आरपीएफ कैंट थाना प्रभारी बीपी सिंह का कहना है कि यूवीएसएस सिस्टम को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसमें 15 से 20 दिन का समय लगेगा।
इसके बाद स्टेशन परिसर में आने वाले वाहनों को स्कैनिंग की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। इसमें स्टेशन की पार्किंग में आने वाले वाहनों के साथ ही पर्यटकों को लेने और छोड़ने आने वाली ट्रेवल टैक्सियों की जांच भी होगी।
नहीं लगाए जा सके हैं डीएफएमडी
स्टेशन परिसर के सभी गेटों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी लगाए जाने हैं, लेकिन अभी तक इन्हें नहीं लगाया जा सका है। इसके अलावा पार्सल घर में आने वाले पार्सलों की भी सुरक्षा जांच का कोई इंतजाम नहीं है।
हालांकि पार्सल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश माल यहां पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से आता है। इसलिए उनकी जिम्मेदारी होती है।
हालांकि पार्सल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश माल यहां पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से आता है। इसलिए उनकी जिम्मेदारी होती है।