PET 2022: कोचिंग संचालक ने खुद को पास कराने के लिए बिहार से बुलाया इंटर पास सॉल्वर, दोनों गिरफ्तार
प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (पीईटी) के पहले दिन आगरा में नकल और गड़बड़ी का कोई शिकायत नहीं मिली, लेकिन दूसरे दिन सॉल्वर सहित दो आरोपी पकड़े गए हैं। इनमें परीक्षार्थी कोचिंग संचालक है, जिसने खुद को पास कराने के लिए सॉल्वर को 10 हजार रुपये में बुलाया था।
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आगरा के थाना जगदीशपुरा पुलिस ने प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (पीईटी) देने आए सॉल्वर और परीक्षार्थी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। परीक्षार्थी कोचिंग संचालक है। वह भी परीक्षा केंद्र के बाहर बैठा था। मुन्नाभाई (सॉल्वर) ने उससे दस हजार रुपये में परीक्षा में पास कराने का ठेका लिया था। आरोपी से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया गया है।
थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि शनिवार को द्वितीय पाली में दहतोरा रोड स्थित ज्ञान इंटर कॉलेज में परीक्षा चल रही थी। फतेहपुर निवासी परीक्षार्थी संदीप यादव की परीक्षा थी। उसकी जगह पर पटना, बिहार निवासी विश्वजीत कुमार परीक्षा देने आया था।
कक्ष निरीक्षक ने प्रवेश पत्र पर लगे फोटो से चेहरे का मिलान किया। अंतर मिलने पर परीक्षार्थी के फर्जी होने का पता चला। इस पर पुलिस को बुला लिया। केंद्र के बाहर से संदीप यादव भी पकड़ लिया गया। बाद में पुलिस ने थाने लाकर पूछताछ की। मामले में केंद्र के विनोद कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों को रविवार दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिए गए।
प्रवेश पत्र की फोटो से नहीं मिला चेहरा
आरोपी विश्वजीत ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह इंटरमीडिएट पास है। संदीप यादव कोचिंग चलाता है। उसका फोन से संदीप से संपर्क हुआ था। उसने परीक्षा में पास कराने पर दस हजार रुपये देने की बात कही थी। यह भी बताया कि वह कोचिंग में पढ़ाता है, लेकिन परीक्षा में पास होने के लिए तैयारी नहीं कर सका है। इस पर विश्वजीत तैयार हो गया। उसने दस हजार रुपये ले लिए।
इसके बाद केंद्र में प्रवेश कर गया, लेकिन प्रवेश पत्र के फोटो मिलान में पकड़ लिया गया। उसके पास दो आधार कार्ड भी मिले, जिनमें पता विश्वजीत के घर का लिखा था। मगर, एक आधार कार्ड पर फोटो किसी और का था। इस पर मुकदमे में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा भी लगाई है। विश्वजीत के साल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका है। इसकी जांच पुलिस कर रही है।