डेंगू का डंक: मथुरा में बुखार से किशोर सहित दो की मौत, आगरा में 25 और मरीज मिले
आगरा और मथुरा में डेंगू और बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। मथुरा में बृहस्पतिवार को बुखार से युवक सहित दो की मौत हो गई। डेंगू के 18 नए मरीज मिले हैं। उधर, आगरा में डेंगू के 25 नए मरीज मिले हैं।
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मथुरा जिले में एक बार फिर से डेंगू पनप रहा है। नौहझील और मांट में डेंगू बुखार युवक और एक किशोर की मौत हो गई है। कोविड सेंटर प्रभारी डॉ. भूदेव ने बताया बृहस्पतिवार को जांच में 18 डेंगू के नए मरीज मिले हैं। बताया कि दो मौतों के बारे में जानकारी की जा रही है और सैंपलिंग का काम तेज कर दिया गया है।
नौहझील के गांव पचहरा निवासी राहुल कुमार वशिष्ठ (22) पुत्र उमाशंकर वशिष्ठ को बुखार आया था। जिसका इलाज नौहझील व बाजना में भी कराया गया, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। परिवार के लोग हालत गंभीर देख युवक को नोएडा ले गए। जहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को मौत हो गई।
गांव बिजौली निवासी आकाश (17) पुत्र प्रेमपाल की फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में डेंगू के चलते मौत हो गई। परिवार वालों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से वह बीमार चल रहा था। लोगों का कहना है कि बीमारी की रोकथाम व इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग मात्र औपचारिकता निभा रहा है। मरीजों के लिए न तो उचित सुविधा और न ही दवाएं हैं।
आगरा में डेंगू के 25 नए मरीज मिले
आगरा जिले में बृहस्पतिवार को डेंगू के 25 और नए मरीज मिले हैं। अब आगरा में कुल मरीजों की संख्या 948 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक डेंगू से मरने वालों की संख्या सात है। अच्छी बात यह है कि इस समय डेंगू के मरीज गंभीर हालत में कम भर्ती हो रहे हैं।
मरीजों में सामान्य लक्षण ही हैं। करीब 20 फीसदी मरीजों को ही भर्ती करना पड़ रहा है। सितंबर और अक्तूबर में स्थिति अधिक खराब थी। करीब 60 फीसदी मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा था।
एसएन मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड के प्रभारी डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि डेंगू का लक्षण दिखते ही मरीज चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए पहुंच रहे हैं और एहतियात बरत रहे हैं, इससे वह गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि एसएन मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में अब महज चार मरीज ही भर्ती हैं। अब प्लेटलेट्स की मांग भी पहले की अपेक्षा 50 फीसदी तक कम हो गई है।