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फ्लैट में मृत मिलीं दो वृद्ध बहनें: 4 दिन से नहीं थी कोई आहट, मॉर्निंग वॉक पर भी न आईं; ऐसे हाल में थीं लाशें
Fri, 31 May 2024 11:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 31 May 2024 11:43 AM IST
सार
आगरा के शाहगंज में दोनों बहनों की मौत कैसे हुई ये सवाल बना हुआ है। दोनों के शव चार दिन से फ्लैट में पड़े हुए थे। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर लाशों को निकाला, तो दुर्गंध की वजह से लोग भी दूर हट गए।
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मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के थाना शाहगंज स्थित वेस्ट अर्जुन नगर स्थित फ्लैट में दो वृद्ध बहनों की मौत कैसे हुई ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगा। दोनों बहनें 20 साल से एकाकी जीवन बिता रहीं थीं। किसी से उन दोनों का मिलना जुलना तक नहीं था। बृहस्पतिवार को तेज दुर्गंध इलाके में फैली तो दूधिए ने उनके पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की मदद से दरवाजे तोड़कर देखा तो दोनों बहनों के शव मिले। पुलिस का अनुमान है कि दोनों की मृत्यु चार से पांच दिन पूर्व हो चुकी होगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
चार दिन से नहीं आईं थीं मॉर्निंग वॉक पर
पड़ोसी ओपी वर्मा ने बताया कि दोनों बहनों का आसपास के लोगों से कोई मेलजोल नहीं था। दोनों फ्लैट में अकेली रहती थीं। कोई उनके पास आता-जाता नहीं था। दोनों सुबह सिर्फ मॉर्निंग वॉक पर दिखाई देती थीं। चार दिन से मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं आई थीं। सब्जी वाला, दूध वाला रोज गेट खटखटाते थे। कोई जवाब नहीं मिलने पर लौट जाते थे।
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चार दिन से नहीं आईं थीं मॉर्निंग वॉक पर
पड़ोसी ओपी वर्मा ने बताया कि दोनों बहनों का आसपास के लोगों से कोई मेलजोल नहीं था। दोनों फ्लैट में अकेली रहती थीं। कोई उनके पास आता-जाता नहीं था। दोनों सुबह सिर्फ मॉर्निंग वॉक पर दिखाई देती थीं। चार दिन से मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं आई थीं। सब्जी वाला, दूध वाला रोज गेट खटखटाते थे। कोई जवाब नहीं मिलने पर लौट जाते थे।
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2004 में खरीदा था फ्लैट
हनुमान मंदिर के पास पीपल का पेड़ है। इसी मकान में ऊपर और नीचे दो अलग-अलग फ्लैट हैं। ऊपर फ्लैट में एक कमरा, एक हॉल, किचिन व टायलेट था। यह फ्लैट 2004 में मधुमिता ने खरीदा था। 20 साल से मधुमिता के साथ रितु रहती थी। नीचे का फ्लैट शशि शर्मा का था। जिसे 2021 में सुनील जैन ने खरीदा था। लेकिन, यह फ्लैट खाली पड़ा था। सुनील जैन दूसरे मकान में पीछे की गली में रहते थे।
हनुमान मंदिर के पास पीपल का पेड़ है। इसी मकान में ऊपर और नीचे दो अलग-अलग फ्लैट हैं। ऊपर फ्लैट में एक कमरा, एक हॉल, किचिन व टायलेट था। यह फ्लैट 2004 में मधुमिता ने खरीदा था। 20 साल से मधुमिता के साथ रितु रहती थी। नीचे का फ्लैट शशि शर्मा का था। जिसे 2021 में सुनील जैन ने खरीदा था। लेकिन, यह फ्लैट खाली पड़ा था। सुनील जैन दूसरे मकान में पीछे की गली में रहते थे।
आत्महत्या का मामला
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। दरवाजे अंदर से बंद थे। फील्ड यूनिट ने दरवाजे तोड़कर शव निकाले। शव तीन से चार दिन पुराने हैं। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। दरवाजे अंदर से बंद थे। फील्ड यूनिट ने दरवाजे तोड़कर शव निकाले। शव तीन से चार दिन पुराने हैं। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
समाज से अलग-थलग हो जाते हैं एकल रहने वाले
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के मनोवैज्ञानिक जितेंद्र यादव ने बताया कि अक्सर एकाकी जीवन जीने वाले परिवार, समाज और आस-पड़ोस से कोई मतलब नहीं रखते। नौकरी के दौरान इनका थोड़ा बहुत लोगों से मिलना-जुलना होगा जो सेवानिवृत्ति के बाद एकदम खत्म हो गया होगा। बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक समस्याएं भी परेशान करती हैं। एकल जीवन जीने वाले समाज से अलग-थलग होने के कारण अपना सुख-दुख भी किसी से नहीं बांट पाते। ऐसे में मुमकिन है कि दोनों महिलाओं ने खुद ही आत्महत्या का निर्णय ले लिया हो। ये भी मुमकिन है कि बहन की मौत के बाद दूसरी ने खाना-पीना छोड़ दिया हो और भीषण गर्मी के चलते उनकी भी मृत्यु हो गई हो।
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के मनोवैज्ञानिक जितेंद्र यादव ने बताया कि अक्सर एकाकी जीवन जीने वाले परिवार, समाज और आस-पड़ोस से कोई मतलब नहीं रखते। नौकरी के दौरान इनका थोड़ा बहुत लोगों से मिलना-जुलना होगा जो सेवानिवृत्ति के बाद एकदम खत्म हो गया होगा। बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक समस्याएं भी परेशान करती हैं। एकल जीवन जीने वाले समाज से अलग-थलग होने के कारण अपना सुख-दुख भी किसी से नहीं बांट पाते। ऐसे में मुमकिन है कि दोनों महिलाओं ने खुद ही आत्महत्या का निर्णय ले लिया हो। ये भी मुमकिन है कि बहन की मौत के बाद दूसरी ने खाना-पीना छोड़ दिया हो और भीषण गर्मी के चलते उनकी भी मृत्यु हो गई हो।