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आगरा: सऊदी अरब की करेंसी के साथ दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, लोगों को बना रहे थे ठगी का शिकार
Wed, 05 Jan 2022 05:22 PM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 05 Jan 2022 05:22 PM IST
सार
दोनों आरोपी कबाड़ा बीनने का काम रहे थे और लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं।
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गिरफ्तार बांग्लादेश के नागरिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने मंगलवार रात को थाना सदर बाजार इलाके स्थित टक्कर रोड से बांग्लादेश के दो नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से सऊदी अरब की मुद्रा 500 रियाल (50 के दस नोट) बरामद हुए हैं। उन्होंने अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी विदेशी मुद्रा बेचकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। बांग्लादेशियों के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं। आरोपियों से पूछताछ की गई। उनका नेटवर्क पता किया जा रहा है।
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एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्तों में मामून शेख उर्फ मोहम्मद अली और सुनील हैं। मामून बांग्लादेश के जिला मदारीपुर स्थित थाना राजोर के कासी नगर का रहने वाला है। सुनील भी बांग्लादेश का रहने वाला है। हाल में पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित सियालदाह रेलवे स्टेशन के पीछे रह रहा था। उनके पास से 10 रियाल के नोट मिले हैं, एक नोट 50 रियाल का है। इस तरह से उनके पास 500 रियाल थे। इसके अलावा रियाल के कलर प्रिंट करके निकाले गए 62 नकली नोट, दो मोबाइल और 160 रुपये बरामद हुए। आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करना, चार विदेशी मुद्रा अधिनियम 1973, 14 विदेशी अधिनियम 1946 सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज कराया है।
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पश्चिम बंगाल में मामून ने बनवाया फर्जी आधार कार्ड
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी मामून शेख उर्फ मोहम्मद अली और सुनील को तीन महीने पहले भारत की सीमा में शुकंतु नामक व्यक्ति ने अवैध तरीके से प्रवेश कराया था। इसके लिए सात हजार रुपये लिए। वह तीन दिन पश्चिम बंगाल के हावड़ा रेलवे स्टेशन पर रुके थे। मामून ने एक हजार रुपये में फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया। वह राजधानी से सफर करके दिल्ली आ गए। उन्होंने दो महीने तक बवाना में कबाड़ा बीनने का काम किया। 15 दिन पहले ही आगरा आए थे। रुनकता में आलमगीर के कबाड़ा गोदाम में रहकर कबाड़ बीनने का काम करते थे।
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आगरा में महिला ने उपलब्ध कराई थी विदेशी मुद्रा
पूछताछ में आरोपी मामून शेख ने बताया कि दोनों की मुलाकात 10 दिन पहले एक महिला से हुई थी। उसने ठगी का तरीका बताया। विदेश मुद्रा भी दी। वह ग्रामीण इलाके के लोगों को विदेशी मुद्रा दिखाते थे। वह 300 रुपये के हिसाब से एक नोट दे देंगे। वह एक गड्डी बनाते थे, जिसमें आगे और पीछे असली नोट लगाते थे। बाकी कलर प्रिंट करके निकाले गए नकली नोट होते थे। जो लोग झांसे में आते थे, उनको दे देते थे। उनसे यही कहते थे कि यह नोट कबाड़ बीनने के दौरान पड़े मिले हैं। वह 10 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। वह सदर क्षेत्र के एक व्यक्ति को नोट देने आए थे। तभी एसटीएफ ने पकड़ लिया। एसटीएफ अब महिला की तलाश कर रही है। आरोपी महिला का पता और नाम नहीं बता सके। उनके गैंग में और कौन लोग हैं? यह भी पता किया जा रहा है। गोदाम मालिक से भी पूछताछ की जाएगी। सवाल किया जाएगा कि उसने अपने गोदाम में बाग्लादेशी क्यों बुलाए थे। उसे पहले से पता था या नहीं?
यह रही टीम
एसटीएफ की टीम में एसआई प्रमोद कुमार, एसआई अमित गोस्वामी, मुख्य आरक्षी संतोष कुमार, दिनेश गौतम, आरक्षी बल्देव सिंह, प्रशांत चौहान रहे।
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