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Agra News: दीपक हत्याकांड में दो आरोपी 12 साल बाद बरी, इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

Sat, 21 Jun 2025 11:18 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sat, 21 Jun 2025 11:18 PM IST
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Two accused in Deepak murder case acquitted after 12 years, order of action against inspector
मैनपुरी। बरनाहल थाना क्षेत्र के एके इंटर कॉलेज, भदोलपुर रोड के पास 12 साल पहले हुए दीपक हत्याकांड में एडीजे कोर्ट ने दो आरोपियों, बालकिशन और राजेश उर्फ राजू को दोषमुक्त कर दिया है। पुलिस की कमजोर विवेचना और मुख्य आरोपी के खिलाफ राजनीतिक दबाव में चार्जशीट दाखिल न करना पुलिस की बड़ी चूक रही। कोर्ट ने तत्कालीन थाना विवेचक/इंस्पेक्टर जीपी गौतम के खिलाफ कार्रवाई के आदेश भी एसपी मैनपुरी को दिए हैं। 10 दिसंबर 2012 को मैनपुरी के थाना दन्नाहर के नगला राधे निवासी वीरेंद्र कुमार ने बरनाहल थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि उनके भतीजे दीपक कुमार (22) ने घटना से तीन माह पहले अपनी जमीन बेची थी, जिसके 7.87 लाख रुपये बालकिशन निवासी नगला उदी, दन्नाहार और इंटू उर्फ शिशुपाल निवासी दरियापुर, करहल ने अपने पास रख लिए थे। इंटू ने इन रुपयों में से 5.35 लाख रुपये में अपना ट्रैक्टर दीपक को देने का वादा किया। मगर, न तो ट्रैक्टर दिया था और न ही पैसे दिए। इस विवाद में 9 दिसंबर 2012 को नगला बरी की पुलिया पर हृदयराम के यहां एक पंचायत हुई थी। इंटू और बालकिशन ने सभी के सामने कहा कि वे बरनाहल में पैसे देंगे। इसके बाद शाम 7 बजे करीब दीपक गया। मगर, वह लौटा नहीं। 10 दिसंबर की सुबह करीब 6:45 बजे दीपक की लाश एके इंटर कॉलेज के पास भदोलपुर रोड पर पड़ी मिली। सीने में बाईं ओर गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी। वीरेंद्र ने आरोप लगाया था कि इंटू और बालकिशन ने पैसा हड़पने के लिए दीपक की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने बालकिशन और इंटू पर केस दर्ज किया। तत्काली इंस्पेक्टर जीपी गौतम ने विवेचना की, जिसमें इंटू उर्फ शिशुपाल का नाम सपा घराने के एक बड़े नेता के दबाव में निकाल दिया गया और बालकिशन और मृतक के साढू राजेश उर्फ राजू के खिलाफ धारा आरोप पत्र न्यायालय में दिया। मगर, पुलिस की थ्योरी अदालत में टिक नहीं सकी। बचाव पक्ष के सवालों के आगे पुलिस की थ्योरी धराशाई होती गई। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बालकिशन और राजेश उर्फ राजू को बरी कर दिया है।
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