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UP: भारी पड़ रहीं पाबंदियां...आगरा के व्यापारियों ने बयां किया दर्द, जानें क्या कहा

Sat, 01 Nov 2025 09:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 01 Nov 2025 09:43 AM IST
सार

ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) घोषित होने के बाद आगरा से उद्योग सिमटने लगे हैं। 

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TTZ Blow to Agra Industry Diesel Engine and Pump Set Units on Verge of Shutdown
उद्योग(सांकेतिक) - फोटो : संवाद

विस्तार

नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि 1996 में टीटीजेड बनने के बाद आगरा में इंजीनियरिंग कंपोनेंट, डीजल जनरेटर, पंपिंग सेट, डीजल इंजन, फाउंड्री इंडस्ट्रीज पर सीधा प्रभाव पड़ा। इनकी दो हजार से अधिक इकाइयां थी। लाखों लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही पूरे देश में उत्पाद बिकते थे। इस क्षेत्र में कोयले के उपयोग के कारण प्रदूषणकारी उद्योग पूरी तरह से पाबंद कर दिए गए।
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सरकारों ने भी इसके वैकल्पिक और बिना प्रदूषण वाले उद्यम स्थापित करने के लिए प्रयास नहीं किए। इसके चलते अब हालत ये है कि 10,400 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले टीटीजेड में अब महज 150 इकाइयां रह गई हैं। अभी वक्त है कि सरकार टीटीजेड की नए सिरे से समीक्षा करते हुए बिना प्रदूषण वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करे। इससे रोजगार विकसित होने के साथ शहर का भी विकास होगा।
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उद्योग खत्म होने से शहर छोड़ रहे युवा
मनीष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष नेशनल चैंबर- टीटीजेड की बाध्यता से कई उद्योग खत्म हो गए। पाबंदियों के चलते निवेशक दूसरे जिलों और राज्यों में इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। इससे नए उद्योग भी नहीं लग पा रहे हैं। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। मजबूरी में वे दूसरे शहरों में जा रहे हैं।
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भारी पड़ रहीं पाबंदिया
विवेक जैन, उपाध्यक्ष नेशनल चैंबर- टीटीजेड के कारण इंड्रस्ट्रियल बिजली कनेक्शन पर रोक है। पुरानों कनेक्शन का लोड नहीं बढ़ाया जा रहा है। तमाम पाबंदियाें के चलते निवेशक भी नए उद्योग लगाने से बच रहे हैं। इसके कारण बीते 30 वर्षों में आगरा में कोई बड़ी इकाई स्थापित नहीं हुई है।



दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गए उद्योग
पंकज अग्रवाल, इंजन उद्योग व्यापारी- टीटीजेड की वजह से इंजन उद्योग चौपट हो गया। इसके चलते उद्यमियों ने इकाइयां बंद कर आगरा के अलावा अन्य जिलों में उद्यम स्थापित कर दिए। राजस्थान, मध्यप्रदेश में भी इकाइयां शिफ्ट हो गईं। इससे आगरा के उद्यमियों को भारी नुकसान हुआ। 
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