पेट्रोल-डीजल की मार: सैर करने वालों की जेब होगी ढीली, टूर ऑपरेटर ने बढ़ाया किराया, आगरा के ट्रांसपोर्टर्स बढ़ाएंगे भाड़ा
संक्रमण की दूसरी लहर का असर कम होने के बाद सैर करने की योजना बनाने वालों पर इसका असर पड़ा है। पैकेज महंगा होने से लोगों ने बाहर घूमने जाने की योजना रद्द कर दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पेट्रोल-डीजल के बढ़ती कीमतों के कारण 14 माह के भीतर अब ट्रांसपोर्टर्स दूसरी बार माल भाड़ा 20 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी में हैं। कारोबारियों का कहना था कि दो साल से कोरोना संक्रमण ने ट्रांसपोर्ट कारोबार की कमर तोड़ रखी थी। अब कुछ उम्मीद जगी थी तो पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों ने मुनाफा लगभग खत्म कर दिया। ऐसे में माल भाड़ा बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इधर टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियां किराये में इजाफा कर चुकी हैं। संक्रमण की दूसरी लहर का असर कम होने के बाद सैर करने की योजना बनाने वालों पर इसका असर पड़ा है। पैकेज महंगा होने से लोगों ने बाहर घूमने जाने की योजना रद्द कर दी है।
किस्त नहीं भरीं, गाड़ियां खिंच रहीं
ट्रांसपोर्ट व्यवसाय 14 माह से बुरे हालात से गुजर रहा है। पहली लहर के बाद आई दूसरी लहर ने स्थिति और खराब की है। छोटे ट्रांसपोर्टरों की कंपनियां बंद हो चुकी हैं। किस्त नहीं भरने के कारण उनकी गाड़ियां खिंच गई हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स 20 फीसदी तक किराया बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए जल्द मीटिंग होगी। -दीपक शर्मा, अध्यक्ष, आगरा गुड्स कैरियर एसोसिएशन
माल कम आ रहा, किराया ज्यादा
तीसरी लहर की आशंका के कारण व्यापारी ज्यादा माल स्टॉक नहीं कर रहे हैं। माल कम होने के कारण किराया बढ़ाने पर कामकाज ठप होने की संभावना है। लेकिन क्या करें। डीजल 90 रुपये के करीब पहुंच गया है, ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स के खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं। -अजय तिवारी, ट्रांसपोर्ट कारोबारी
50 फीसदी गाड़ियां गोदामों में खड़ीं
दूसरी लहर के बाद भी व्यापार पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटा है। अब भी 50 फीसदी ही गाड़ियां सड़क पर हैं। आधी गाड़ियां गोदामों में खड़ी हैं। ऐसे में खर्च निकालना मुश्किल पड़ रहा है। छोटी कंपनियां बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। -रमेश शर्मा, ट्रांसपोर्ट कारोबारी
ट्रांसपोर्ट व्यवसाय का हाल पूरे देश में एक जैसा है। महंगा डीजल, टोल टैक्स, ई वे बिल और अन्य देनदारियों के बाद ट्रांसपोर्टर के हाथ खाली रह जाते हैं। वार्ता कर रहे हैं। आल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। -वीरेंद्र गुप्ता, सह प्रवक्ता, एआईएमटीसी
जयपुर और अजमेर का किराया 200 रुपये बढ़ाया
आगरा से जयपुर, बीकानेर, हरिद्वार, बनारस, कानपुर, अजमेर, ऋषिकेश जाने वाली ट्रेवल कंपनियों ने एसी और नॉन एसी के किराये में किलोमीटर के हिसाब से 20 फीसदी की वृद्धि कर दी है। जयपुर के लिए नॉन एसी बस का किराया 300 से 500 रुपये कर दिया है। एसी बस का किराया 700 रुपये प्रति व्यक्ति हो गया है। इसी तरह अजमेर का 400 से 600 रुपये नॉन एसी और एसी का 800 रुपये हो चुका है। -अमित सिंह चौहान, वीरेंद्र ट्रेवल्स, बुद्ध विहार, बिजलीघर
पैकेज महंगे, टूर बुकिंग बहुत कम
करीब दो साल से टूर पैकेज की बुकिंग बहुत सीमित रह गई है। दूसरी लहर के बाद भी कामकाज में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो सकी है। अब डीजल के बढ़ने से टूर पैकेज भी महंगे हो गए हैं। ऐसे में बुकिंग कम रह गई हैं। - सुमित उपाध्याय, मरकरी टूर एंड ट्रेवल्स, फतेहाबाद रोड
हमने टूर कैंसिल कर दिया
संक्रमण कम होने पर जुलाई में मसूरी जाने का प्लान था। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से पैकेज महंगे हो गए हैं। ऐसे में हमने बाहर जाने की योजना ही रद्द कर दी। -रितु श्रीवास्तव, धौलपुर हाउस