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ट्रेनें हुईं सुरक्षित : आगरा से पलवल रूट पर लगा कवच सिस्टम
Tue, 21 Apr 2026 02:40 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:40 AM IST
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आगरा। मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रेलवे ने आगरा-मथुरा और पलवल खंड में लगभग 84 किलोमीटर रेल मार्ग पर अत्याधुनिक ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली स्थापित की है। इससे संकेत पास करने में मानवीय भूल, आमने-सामने की टक्कर और पीछे से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे आगरा, मथुरा और दिल्ली मार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और सुगम सफर का लाभ मिलेगा।
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि करीब 19.74 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए इस प्रणाली में भूतेश्वर से पलवल खंड तक स्टेशन और फाटकों पर टीसीएएस (ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली) स्थापित की जा चुकी है। यह ट्रेनों की वास्तविक समय निगरानी करती है और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तुरंत चेतावनी जारी करती है।
यदि लोको पायलट से संकेत पार करने या गति नियंत्रण में कोई त्रुटि होती है तो कवच प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना को रोकने का काम करता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कवच संस्करण 4.0 लगाया जा रहा है, जो 160 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की गति से चलने वाली ट्रेनों के लिए अनिवार्य सुरक्षा प्रणाली है। उन्होंने बताया कि आगरा छावनी, मथुरा जंक्शन और निजामुद्दीन के लगभग 195 लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों को इस नई तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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कवच जैसी आधुनिक तकनीक यात्रियों के विश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षित रेलवे व्यवस्था की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है। आगरा मंडल के यात्रियों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी है, दिल्ली-मथुरा-आगरा मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।
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रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि करीब 19.74 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए इस प्रणाली में भूतेश्वर से पलवल खंड तक स्टेशन और फाटकों पर टीसीएएस (ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली) स्थापित की जा चुकी है। यह ट्रेनों की वास्तविक समय निगरानी करती है और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तुरंत चेतावनी जारी करती है।
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यदि लोको पायलट से संकेत पार करने या गति नियंत्रण में कोई त्रुटि होती है तो कवच प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना को रोकने का काम करता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कवच संस्करण 4.0 लगाया जा रहा है, जो 160 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की गति से चलने वाली ट्रेनों के लिए अनिवार्य सुरक्षा प्रणाली है। उन्होंने बताया कि आगरा छावनी, मथुरा जंक्शन और निजामुद्दीन के लगभग 195 लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों को इस नई तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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कवच जैसी आधुनिक तकनीक यात्रियों के विश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षित रेलवे व्यवस्था की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है। आगरा मंडल के यात्रियों के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी है, दिल्ली-मथुरा-आगरा मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।