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हाईवे पर पूरे दिन जाम
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:02 AM IST
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ट्र्रेफिक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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क्षतिग्रस्त अंबेडकर पुल के बंद होने से हाईवे और यमुना किनारा रोड पर पूरे दिन जाम लगा रहा। भीषण गर्मी में पर्यटक, मरीजों और आम लोगों का बुरा हाल हो गया। हालात यह हो गए कि लोग पानी के लिए वाहनों को छोड़कर जाने लगे। इधर, ट्रैफिक पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए। वाटर वर्क्स से लेकर शाहदरा और स्ट्रेची ब्रिज पर वाहन फंसे रहे।
पर भी वाहनों को निकलाने में परेशानी आ रही है। ऊपर से माल गोदाम से निकलने वाले ट्रैक्टरों और ट्रकों की वजह से भी समस्या और विकराल हो गई है। सेतु निगम के कर्मचारियों ने अंबेडकर की पुल का मरम्मत कार्य रविवार शाम से प्रारंभ कर दिया था। इसकी वजह से सोमवार रात 12 बजे से पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। प्रशासन की योजना थी कि छोटे वाहनों को स्ट्रेची ब्रिज से गुजारा जाए और बड़े वाहनों को जवाहर पुल से। संभावना थी कि जाम कम लगेगा, लेकिन प्रशासन की उम्मीदों पर मंगलवार सुबह पानी फिर गया। सुबह आठ बजे से जाम लगना शुरू हो गया और दोपहर तक हालात विकराल हो गए। स्थिति यह थी कि वाटर वर्क्स चौराहे से शाहदरा तक वाहन फंस गए। रामबाग से स्ट्रेेची ब्रिज की ओर भी वाहन कई घंटे फंसे रहे। यहां दोनों ओर का लोड बढ़ गया। माल गोदाम से आने वाले ट्रक और ट्रैक्टरों के आने से वाहन एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। बेलनगंज से यमुना किनारा रोड पर वाहनों के आने से यमुना किनारा रोड और बेलनगंज भी जाम रहा। इस भीषण गर्मी में पर्यटकों, एंबुलेंस में मरीजों का बुरा हाल हो गया। शाम करीब आठ बजे बाद के कुछ राहत मिल सकी।
.दो घंटे जाम में फंसे रहे हाईकोर्ट के जज
स्ट्रेेची ब्रिज से छोटे वाहनों को निकाला जा रहा था। इसी दौरान हाईकोर्ट के एक जज की कार भी स्ट्रेची ब्रिज की ओर आई और जाम में फंस गई। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए। न्यायाधीश के जाम में फंसे होने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मचा गया। सीओ छत्ता बीएस त्यागी, सीओ ट्रैफिक और टीएसआई मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से उनकी गाड़ी को निकाला जा सका।
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साइनेज न होने से बढ़ी मुसीबत
प्रशासन ने छोटे वाहनों को स्ट्रेची ब्रिज से निकालने का एलान तो कर दिया लेकिन रामबाग और शाहदरा के पास कोई साइनेज नहीं लगाया है, ताकि वाहन चालकों को यह पता लगे कि कौन से वाहन जवाहर पुल से गुजरेंगे और कौन से स्ट्रिेची ब्रिज से। जानकारी न होने के कारण छोटे और बडे़ सभी प्रकार के वाहन पुल तक पहुंच। यहां से उन्हें लौटना पड़ा। इस वजह से भी जाम और बढ़ गया।
मरम्मत की धीमी गति से लोग नाराज
सेतु निगम ने रविवार से मरम्मत कार्य तो शुरू कर दिया है, लेकिन कार्य की गति बहुत धीमी है। इससे लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रीय निवासी प्रदीप चंसोलिया का कहना है कि यदि इसी गति से काम हुआ तो मरम्मत कार्य में ही कम से कम 10 दिन लग जाएंगे।
बाइक से उड़ाए डेढ़ लाख
ट्रांसयमुना फेज वन निवासी सीमेंट व्यापारी हरीश कुमार बाइक से जा रहे थे। उन्होंने बाइक के साइड बैग में 1.50 लाख रुपये रखे थे। कृष्णा हास्पिटल के समीप वे जाम में फंस गए। तभी साइड बैग से कोई रकम उड़ाकर ले गया। उन्होंने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। जाम के चलते पुलिस भी देरी से पहुंची।
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पर भी वाहनों को निकलाने में परेशानी आ रही है। ऊपर से माल गोदाम से निकलने वाले ट्रैक्टरों और ट्रकों की वजह से भी समस्या और विकराल हो गई है। सेतु निगम के कर्मचारियों ने अंबेडकर की पुल का मरम्मत कार्य रविवार शाम से प्रारंभ कर दिया था। इसकी वजह से सोमवार रात 12 बजे से पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। प्रशासन की योजना थी कि छोटे वाहनों को स्ट्रेची ब्रिज से गुजारा जाए और बड़े वाहनों को जवाहर पुल से। संभावना थी कि जाम कम लगेगा, लेकिन प्रशासन की उम्मीदों पर मंगलवार सुबह पानी फिर गया। सुबह आठ बजे से जाम लगना शुरू हो गया और दोपहर तक हालात विकराल हो गए। स्थिति यह थी कि वाटर वर्क्स चौराहे से शाहदरा तक वाहन फंस गए। रामबाग से स्ट्रेेची ब्रिज की ओर भी वाहन कई घंटे फंसे रहे। यहां दोनों ओर का लोड बढ़ गया। माल गोदाम से आने वाले ट्रक और ट्रैक्टरों के आने से वाहन एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। बेलनगंज से यमुना किनारा रोड पर वाहनों के आने से यमुना किनारा रोड और बेलनगंज भी जाम रहा। इस भीषण गर्मी में पर्यटकों, एंबुलेंस में मरीजों का बुरा हाल हो गया। शाम करीब आठ बजे बाद के कुछ राहत मिल सकी।
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.दो घंटे जाम में फंसे रहे हाईकोर्ट के जज
स्ट्रेेची ब्रिज से छोटे वाहनों को निकाला जा रहा था। इसी दौरान हाईकोर्ट के एक जज की कार भी स्ट्रेची ब्रिज की ओर आई और जाम में फंस गई। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए। न्यायाधीश के जाम में फंसे होने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मचा गया। सीओ छत्ता बीएस त्यागी, सीओ ट्रैफिक और टीएसआई मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से उनकी गाड़ी को निकाला जा सका।
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साइनेज न होने से बढ़ी मुसीबत
प्रशासन ने छोटे वाहनों को स्ट्रेची ब्रिज से निकालने का एलान तो कर दिया लेकिन रामबाग और शाहदरा के पास कोई साइनेज नहीं लगाया है, ताकि वाहन चालकों को यह पता लगे कि कौन से वाहन जवाहर पुल से गुजरेंगे और कौन से स्ट्रिेची ब्रिज से। जानकारी न होने के कारण छोटे और बडे़ सभी प्रकार के वाहन पुल तक पहुंच। यहां से उन्हें लौटना पड़ा। इस वजह से भी जाम और बढ़ गया।
मरम्मत की धीमी गति से लोग नाराज
सेतु निगम ने रविवार से मरम्मत कार्य तो शुरू कर दिया है, लेकिन कार्य की गति बहुत धीमी है। इससे लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रीय निवासी प्रदीप चंसोलिया का कहना है कि यदि इसी गति से काम हुआ तो मरम्मत कार्य में ही कम से कम 10 दिन लग जाएंगे।
बाइक से उड़ाए डेढ़ लाख
ट्रांसयमुना फेज वन निवासी सीमेंट व्यापारी हरीश कुमार बाइक से जा रहे थे। उन्होंने बाइक के साइड बैग में 1.50 लाख रुपये रखे थे। कृष्णा हास्पिटल के समीप वे जाम में फंस गए। तभी साइड बैग से कोई रकम उड़ाकर ले गया। उन्होंने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। जाम के चलते पुलिस भी देरी से पहुंची।