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ये ही तो अाधार, मुंह क्यों फेरा सरकार
अमर उजाला ब्यूरो, अागरा
Updated Tue, 01 Mar 2016 02:15 AM IST
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पांच हजार करोड़ रुपये का जूता निर्यात और 3.50 लाख लोगों को रोजगार। तीन हजार करोड़ रुपये का ताजमहल से कारोबार और 3 लाख लोगों को रोजगार। ताजनगरी की आर्थिक सेहत और रोजगार के लिए जूता और पर्यटन बेहद अहम हैं, लेकिन सोमवार को पेश हुए बजट में इन दोनों ही बड़े रोजगार देने वाले उद्योगों की झोली खाली रही। वह भी तब, जब दुनिया भर के देश मंदी के शिकार हैं और सबसे पहले इन्हीं दोनों पर इसका बुरा असर पड़ता है। ताजनगरी का पर्यटन और फुटवियर उद्योग बजट में कई उम्मीदें लगा रहा था, लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा।
फुटवियर उद्योग के लिए पिछले साल जिस तरह से एक्साइज ड्यूटी आधी कर दी गई, उससे उम्मीद थी कि बड़ी टैक्स छूट या रियायतें मिलेंगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। केवल फुटवियर पर टैक्स की गणना 75 फीसदी से घटाकर 70 फीसदी पर करने का एलान हुआ। इससे प्रति जोड़ी टैक्स में राहत मिलेगी। मेक इन इंडिया के तहत फुटवियर इंडस्ट्री बड़ी रियायतों की उम्मी कर रही थी। इसी तरह पर्यटन पर फोकस सुनते रहे पर्यटन उद्यमी आगरा जैसे पर्यटन आधारित शहरों के लिए बड़ी योजनाओं की उम्मीद जता रहे थे। पर्यटन के लिए बजट में प्रावधान तो न मिले, उल्टे सर्विस टैक्स बढ़ने से हवाई यात्रा, रेल यात्रा, टैक्सी, रेस्टोरेंट, टूर प्लान, गाइड आदि की सेवाएं महंगी हो गईं।
जूते को रियायतों की पालिश की थी दरकार
फुटवियर इंडस्ट्री में कोई बड़ा कर बदलाव नहीं किया गया तो टैक्स बढ़ाया भी नहीं गया। लघु उद्यमियों के लिए कई कदम उठाए गए हैं। बजट के प्रावधानों से रोजगार और विकास की रफ्तार बढ़ेगी।
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पूरन डावर
अध्यक्ष एफमेक
एक्साइज ड्यूटी की गणना 75 की जगह 70 प्रतिशत करने से सीधे 5 फीसदी का फायदा जूता कारोबारियों को होगा। पिछले साल की छूट को बरकरार रखा है।
राजकुमार जैन
जूता निर्यातक, लाइको ग्रुप
यूरोप की मंदी से निपटने के लिए कई उपायों की जरूरत थी, लेकिन पिछले साल की रियायतें बरकरार रखी हैं। यही ठीक है। उद्योगों की जटिलताएं कम होंगी।
जितेंद्र त्रिलोकानी
जूता निर्यातक
बुनियादी सुविधाओं और कृषि के लिहाज से बजट अच्छा है। किसान की आमदनी बढ़ने से ही देश का विकास होगा। आशाजनक बजट है।
प्रदीप वासन
जूता निर्यातक
दुनिया में सस्ते की होड़, हमारे डेस्टिनेशन महंगे
पर्यटक जिन सेवाओं का उपयोग करता है, बजट में वह सभी महंगी हुई हैं। दुनिया भर में पर्यटन पर फोकस किया जा रहा है, यहां उल्टी चाल चली जा रही है।
संदीप अरोड़ा
अध्यक्ष, आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन
इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास पर जोर दिया है, वैसे ही पर्यटन पर फोकस करने की जरूरत थी। आगरा के लिए बड़े कदम चाहिए थे, जो नहीं दिखे।
अभिनव जैन
पर्यटन उद्यमी
पर्यटन के लिहाज से बजट निराशाजनक है। जबकि पर्यटन को सरकार के प्रोत्साहन की जरूरत है। पर्यटन रोजगार के साथ विदेशी मुद्रा भी बढ़ाता।
राजेश शर्मा
मैनेजर, एलपीटीआई
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फुटवियर उद्योग के लिए पिछले साल जिस तरह से एक्साइज ड्यूटी आधी कर दी गई, उससे उम्मीद थी कि बड़ी टैक्स छूट या रियायतें मिलेंगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। केवल फुटवियर पर टैक्स की गणना 75 फीसदी से घटाकर 70 फीसदी पर करने का एलान हुआ। इससे प्रति जोड़ी टैक्स में राहत मिलेगी। मेक इन इंडिया के तहत फुटवियर इंडस्ट्री बड़ी रियायतों की उम्मी कर रही थी। इसी तरह पर्यटन पर फोकस सुनते रहे पर्यटन उद्यमी आगरा जैसे पर्यटन आधारित शहरों के लिए बड़ी योजनाओं की उम्मीद जता रहे थे। पर्यटन के लिए बजट में प्रावधान तो न मिले, उल्टे सर्विस टैक्स बढ़ने से हवाई यात्रा, रेल यात्रा, टैक्सी, रेस्टोरेंट, टूर प्लान, गाइड आदि की सेवाएं महंगी हो गईं।
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जूते को रियायतों की पालिश की थी दरकार
फुटवियर इंडस्ट्री में कोई बड़ा कर बदलाव नहीं किया गया तो टैक्स बढ़ाया भी नहीं गया। लघु उद्यमियों के लिए कई कदम उठाए गए हैं। बजट के प्रावधानों से रोजगार और विकास की रफ्तार बढ़ेगी।
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पूरन डावर
अध्यक्ष एफमेक
एक्साइज ड्यूटी की गणना 75 की जगह 70 प्रतिशत करने से सीधे 5 फीसदी का फायदा जूता कारोबारियों को होगा। पिछले साल की छूट को बरकरार रखा है।
राजकुमार जैन
जूता निर्यातक, लाइको ग्रुप
यूरोप की मंदी से निपटने के लिए कई उपायों की जरूरत थी, लेकिन पिछले साल की रियायतें बरकरार रखी हैं। यही ठीक है। उद्योगों की जटिलताएं कम होंगी।
जितेंद्र त्रिलोकानी
जूता निर्यातक
बुनियादी सुविधाओं और कृषि के लिहाज से बजट अच्छा है। किसान की आमदनी बढ़ने से ही देश का विकास होगा। आशाजनक बजट है।
प्रदीप वासन
जूता निर्यातक
दुनिया में सस्ते की होड़, हमारे डेस्टिनेशन महंगे
पर्यटक जिन सेवाओं का उपयोग करता है, बजट में वह सभी महंगी हुई हैं। दुनिया भर में पर्यटन पर फोकस किया जा रहा है, यहां उल्टी चाल चली जा रही है।
संदीप अरोड़ा
अध्यक्ष, आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन
इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास पर जोर दिया है, वैसे ही पर्यटन पर फोकस करने की जरूरत थी। आगरा के लिए बड़े कदम चाहिए थे, जो नहीं दिखे।
अभिनव जैन
पर्यटन उद्यमी
पर्यटन के लिहाज से बजट निराशाजनक है। जबकि पर्यटन को सरकार के प्रोत्साहन की जरूरत है। पर्यटन रोजगार के साथ विदेशी मुद्रा भी बढ़ाता।
राजेश शर्मा
मैनेजर, एलपीटीआई