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लाखों खर्च करके बने शौचालय हुए बदहाल

Sat, 16 Oct 2021 11:33 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 11:33 PM IST
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Toilets built by spending lakhs of rupees became bad
मैनपुरी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिलेभर में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण लाखों रुपये खर्च करके कराया गया। शहरी क्षेत्र में सामुदायिक शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी नगर निकायों की है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों की। वर्तमान में यह शौचालय बदहाल हो चुके हैं। सार्वजनिक शौचालयों में टंकी उखड़ी पड़ी हैं, टोंटी चोरी हो गई हैं और सीट व टाइल्स टूटे पड़े हैं। कई शौचालयों पर तो लोगों ने कब्जा कर लिया है।
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कलक्ट्रेट में बदहाल पड़ा शौचालय
कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय के पास सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। यह शौचालय पिछले छह महीने से बदहाल पड़ा हुआ है। छत पर रखी पानी की टंकी उखड़ी पड़ी है। इससे यहां पानी की सप्लाई बाधित होने के कारण गंदगी पसरी है। शहर के मोहल्ला नगला पाई में बने सामुदायिक शौचालय के आसपास जलभराव है।
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नगला पजाबा में है अव्यवस्था
नगला पजाबा में बने सामुदायिक शौचालय में लगी टोंटी चोरी हो चुकी हैँ। वहीं सीट और वॉशबेसिन टूटे पड़े हैं। पाइप, बिजली के बोर्ड चोरी हो चुके हैं। कुल मिलाकर देखरेख के अभाव में यह सामुदायिक शौचालय बदहाल हो गया है। इससे लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।
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मंडी में बने शौचालयों पर कब्जा
नवीन मंडी परिसर में बनाए गए सामुदायिक शौचालय की स्थिति भी अन्य से जुदा नहीं है। यहां दुकानदारों ने इन शौचालयों पर कब्जा कर लिया है। दुकानदार शौचालयों को स्टोर की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि मंडी में आने वाले किसान और मजदूरों को बिना शौचालय के परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सामुदायिक शौचालय बनाने की सरकार की मंशा तो अच्छी है, लेकिन नगर पालिका ने देखरेख नहीं की। इससे सरकार का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। शौचालय बदहाल पड़े है। इससे लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
-राजवीर सिंह, नगला पजाबा
नगर पालिका प्रशासन को शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। जब कि इनमें व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होंगी, लोग इनका इस्तेमाल कैसे करेंगे। अगर इस्तेमाल ही नहीं होगा तो सरकार की योजना का फायदा ही क्या है।

चंद्रप्रकाश सिंह, आवास विकास
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क्षेत्रीय सफाई कर्मचारियों को सामुदायिक शौचालय की साफ सफाई और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अगर कहीं अव्यवस्था है तो जांच कर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा।
-लालचंद्र भारती, ईओ
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