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वृंदावन में फिर मृत मिले तीन बंदर, एक को आवारा कुत्तों ने नोंच खाया
Sat, 18 May 2019 07:52 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 18 May 2019 07:52 PM IST
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नाली किनारे पड़ा मिला मृत बंदर
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन में बंदरों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को गोविंद बाग व बमनपुरी में फिर से तीन बंदर मरे मिले। लोगों की मानें तो बंदर दिन भर तड़पते रहे। लोगों की सूचना पर पशु अस्पताल के फॉर्मासिस्ट भी मौके पर पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद लौट गए।
इसके बाद वन विभाग, पशु चिकित्सक व नगर निगम से कोई भी बंदरों को देखने नहीं पहुंचा। शाम को तीनों बंदरों ने दम तोड़ दिया। उधर, आवारा कुत्ते मृत बंदर को बाग में घसीट ले गए। लोग जब तक उन्हें भगाते तब तक जानवरों ने बंदर को पूरा नोंच खाया।
शनिवार सुबह गोविंद बाग व बमनपुरी में तीन बंदरों के तड़पकर मरने की सूचना स्थानीय लोगों ने पशु चिकित्साधिकारी को दी। मौके पर फॉर्मासिस्ट राजेंद्र प्रसाद को भेजा गया, लेकिन वो भी तीनों में से किसी बंदर की जान नहीं बचा पाए।
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इसके बाद वन विभाग, पशु चिकित्सक व नगर निगम से कोई भी बंदरों को देखने नहीं पहुंचा। शाम को तीनों बंदरों ने दम तोड़ दिया। उधर, आवारा कुत्ते मृत बंदर को बाग में घसीट ले गए। लोग जब तक उन्हें भगाते तब तक जानवरों ने बंदर को पूरा नोंच खाया।
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शनिवार सुबह गोविंद बाग व बमनपुरी में तीन बंदरों के तड़पकर मरने की सूचना स्थानीय लोगों ने पशु चिकित्साधिकारी को दी। मौके पर फॉर्मासिस्ट राजेंद्र प्रसाद को भेजा गया, लेकिन वो भी तीनों में से किसी बंदर की जान नहीं बचा पाए।
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शाम तक तीनों बंदरों के शव पड़े रहे। इससे आवारा कुत्ते एक बंदर को खींचकर गोविंद बाग में ले गए और उसे नोंचकर खा गए। बाग में दो मृत बंदर यूं ही पड़े रहे। इन्हें उठाने कोई नहीं आया। आसपास लोगों की भीड़ लगी रही।
गोविंद बाग व आसपास अब तक 130 से अधिक बंदर तड़प-तड़पकर जान दे चुके हैं। स्थानीय लोगों के दबाव में पूर्व में पशु चिकित्सकों ने जिन बंदरों का पोस्टमार्टम किया था उनका विसरा भी अब तक जांच को नहीं भेजा गया है।
गोविंद बाग व आसपास अब तक 130 से अधिक बंदर तड़प-तड़पकर जान दे चुके हैं। स्थानीय लोगों के दबाव में पूर्व में पशु चिकित्सकों ने जिन बंदरों का पोस्टमार्टम किया था उनका विसरा भी अब तक जांच को नहीं भेजा गया है।