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ताजनगरी को हेरिटेज सिटी का दर्जा पाने के लिए ढहाने होंगे 5500 अवैध निर्माण

Sat, 08 Sep 2018 03:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Sat, 08 Sep 2018 03:47 PM IST
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thousands illegal construction to be demolished for heritage city status of agra
ताजमहल
अहमदाबाद के बाद आगरा को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने की कवायद हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एक महीने के अंदर राज्य सरकार को हेरिटेज सिटी के प्रस्ताव को भेजना है। 
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यूनेस्को के हेरिटेज सिटी के दर्जे को पाने के लिए आगरा प्रशासन को कई कदम उठाने पड़ेंगे, जिनमें 5500 से ज्यादा अवैध निर्माणों को ढहाना होगा। इनमें स्मारकों के प्रतिबंधित दायरे में दो हजार अवैध निर्माण है। वहीं शहर के अन्य हिस्सों में इनकी संख्या 3500 है। 
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अहमदाबाद नगर निगम ने साल 2016 में यूनेस्को से हेरिटेज सिटी का दर्जा पाने के लिए कवायद शुरू की और एक साल बाद जनवरी 2017 में इसे देश के पहले हेरिटेज सिटी बनने का गौरव प्राप्त हुआ। इस एक साल के दौरान अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध निर्माण हटाए और शहर के इन्फ्राट्रक्चर में जबरदस्त बदलाव किए। 
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आगरा में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश तो हो चुके हैं, लेकिन एक भी अवैध निर्माण तोड़ा नहीं गया। साल 2010 में एएसआई एक्ट में कड़े नियम आने के बाद अवैध निर्माण रुकने की जगह बढ़ गए और अब स्मारकों के पास इनकी संख्या दो हजार से ज्यादा है। 

सेप्ट ने तैयार किया डोजियर

यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा पाने के लिए अहमदाबाद नगर निगम ने सेंटर फॉर एनवायरमेंट एंड टेकभनोलोजी यूनिवर्सिटी अहमदाबाद से नोमिनेशन के लिए डोजियर बनवाया था। जनवरी 2016 में तैयार कराए गए 16 पेज के डोजियर में शहर के 600 सालों के इतिहास, संस्कृति, भाषा, निर्माण शैली, संरक्षण और धरोहरों को बचाने की नीतियों के बारे में बताया गया। अहमदाबाद में कुल 27 संरक्षित स्मारक हैं।

डिप्टी कमिश्नर के हाथ हेरिटेज सेल की कमान

अहमदाबाद में वर्ल्ड हेरिटेज सिटी के लिए नगर निगम ने हेरिटेज सेल बनाया, जिसकी कमान निगम के डिप्टी कमिश्नर को सौंपी गई। उनके सहयोग के लिए 10 विभागों के अधिकारी टीम का हिस्सा बनाए गए। 

इनमें प्रोफेशनल कन्जरवेशन आर्किटेक्ट, अर्बन प्लानर, स्ट्रक्चरल इंजीनियर, बिल्डिंग सर्वेयर, ड्राफ्ट्समैन, फोटोग्राफर्स, आईटी-जीआईएस पर्सनल, रिकॉर्ड आफिसर, पब्लिक अवेयरनेस आफिसर, कैपेसिटी बिल्डिंग कॅर्डिनेटर प्रमुख रहे।

ध्वस्तीकरण के आदेश पर तोड़ा नहीं एक

एडीए ने विधान परिषद को जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक 3500 अवैध निर्माण है, जिनके ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई कुछ भी नहीं की गई। दो साल पहले ही वित्तीय वर्ष 2016-17 में शहर के नौ वार्डों में करीब 426 अवैध निर्माण हुए हैं। 

इनमें 397 के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई की है। 26 अवैध निर्माणों को सील किया है पर एक भी अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया है। 2014-15 में 28 और 2015-16 में प्राधिकरण ने 36 अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे।
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