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मेडिकल के विद्यार्थी गाना-बजाना और योग करेंगे, एक महीने किताबी पढ़ाई से दूर रहेंगे
Sun, 14 Jul 2019 06:21 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 14 Jul 2019 06:21 PM IST
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एसएन मेडिकल कॉलेज में नीट की काउंसलिंग के दौरान मेडिकल छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं पूरे एक महीने गाना-बजाना, खेलकूद और योग करेंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के नए कोर्स के मुताबिक पहले महीने में छात्रों को किताबी पढ़ाई से दूर रखा जाएगा। पूरे 30 दिन फाउंडेशन कोर्स पर जोर रहेगा। इसकी ट्रेनिंग भी शिक्षकों को दी जा चुकी है।
मेडिकल कॉलेजों में नया सत्र अगले महीने से शुरू होने वाला है। एमसीआई ने 2019-20 सत्र के लिए कोर्स में बदलाव किया है। अब पहले एक महीने में छात्रों को फाउंडेशन कोर्स सिखाया जाएगा। इसमें छात्रों को संबंधित भाषा (हिंदी-अंग्रेजी) सिखाई जाएगी। संगीत, योग, ध्यान और खेलकूद की कक्षाएं लगेंगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि पहले वर्ष में छात्रों पर पढ़ाई का दबाव न पड़े। वो शिक्षक और छात्रों के बीच घुलमिल जाए, उसके लिए पहले महीने सिर्फ फाउंडेशन कोर्स पढ़ाया जाएगा। एक महीने के लिए संबंधित विषयों के प्रशिक्षकों की सेवा ली जाएगी। इसके लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर शिक्षक मांगे गए हैं।
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मेडिकल कॉलेजों में नया सत्र अगले महीने से शुरू होने वाला है। एमसीआई ने 2019-20 सत्र के लिए कोर्स में बदलाव किया है। अब पहले एक महीने में छात्रों को फाउंडेशन कोर्स सिखाया जाएगा। इसमें छात्रों को संबंधित भाषा (हिंदी-अंग्रेजी) सिखाई जाएगी। संगीत, योग, ध्यान और खेलकूद की कक्षाएं लगेंगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि पहले वर्ष में छात्रों पर पढ़ाई का दबाव न पड़े। वो शिक्षक और छात्रों के बीच घुलमिल जाए, उसके लिए पहले महीने सिर्फ फाउंडेशन कोर्स पढ़ाया जाएगा। एक महीने के लिए संबंधित विषयों के प्रशिक्षकों की सेवा ली जाएगी। इसके लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर शिक्षक मांगे गए हैं।
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पहले साल से ही हॉस्पिटल भ्रमण करेंगे छात्र
एमबीबीएस की पढ़ाई में प्रैक्टिकल पर खासा जोर दिया जाएगा। पहले वर्ष से ही छात्र-छात्राओं को एसएन मेडिकल कॉलेज के वार्ड, पैथोलॉजी लैब, रेडियो डायग्नोसिस सेंटर समेत अन्य विभागों में नियमित भ्रमण कराया जाएगा, जिससे उन्हें मरीजों की जांच, इलाज और परीक्षण की बारीकियां सीखने में आसानी होगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल का भी छात्र भ्रमण करेंगे। मेडिकल छात्रों को मरीज और तीमारदारों से बेहतर व्यवहार और संवाद के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। अभी तक दूसरे वर्ष से यह शुरू होता था।
विषय की संपूर्ण पढ़ाई का चलेगा सत्र
अब छात्र-छात्राओं को संबंधित विषय की संपूर्ण पढ़ाई का सेशन चलेगा। संबंधित अंग की संरचना, बीमारी, इलाज और जांच समेत अन्य बिंदुओं की विभिन्न विभाग के शिक्षक चरणबद्ध पढ़ाई करेंगे।
संबंधित अंग की संपूर्ण पढ़ाई होने के बाद ही अगला चैप्टर शुरू होगा। अभी तक यह किस्तों में होती थी, जिससे पूर्व में क्या पढ़ाई हुई उसे छात्र भूल भी जाता था, जिससे समझने में दिक्कत होती थी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल का भी छात्र भ्रमण करेंगे। मेडिकल छात्रों को मरीज और तीमारदारों से बेहतर व्यवहार और संवाद के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। अभी तक दूसरे वर्ष से यह शुरू होता था।
विषय की संपूर्ण पढ़ाई का चलेगा सत्र
अब छात्र-छात्राओं को संबंधित विषय की संपूर्ण पढ़ाई का सेशन चलेगा। संबंधित अंग की संरचना, बीमारी, इलाज और जांच समेत अन्य बिंदुओं की विभिन्न विभाग के शिक्षक चरणबद्ध पढ़ाई करेंगे।
संबंधित अंग की संपूर्ण पढ़ाई होने के बाद ही अगला चैप्टर शुरू होगा। अभी तक यह किस्तों में होती थी, जिससे पूर्व में क्या पढ़ाई हुई उसे छात्र भूल भी जाता था, जिससे समझने में दिक्कत होती थी।