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न छत है न ही बेंच, यहां ऐसे पढ़ रहे हैं छात्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:35 PM IST
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आगरा में स्कूल का ये हाल
- फोटो : अमर उजाला
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शासन-प्रशासन भले ही शिक्षा को लेकर लाख दावे कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर उनके सारे दावों की हवा निकल जाती है। इसका उदाहरण आगरा के खंदौली ब्लाक के गढ़ी राय सिंह में 2012-13 में बना प्राथमिक विद्यालय है।
ये विद्यालय तो बन गया, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्यार्थी आज भी खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। कारण है विद्यालय को तालाब पाटकर बनाया गया था, जो कि एक साल में ही जर्जर हो गया।
अब धीरे-धीरे पूरा भवन ही ढहता जा रहा है। ग्रामीण ने इसकी शिकायत परियोजना निदेशक डॉ. अवधेश कुमार वाजपेयी से की है। पीडी ने बीएसए को इस संदर्भ में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
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गुरुवार को विकास भवन स्थित परियोजना निदेशक कार्यालय पर ग्रामीणों ने शिकायत की। कहा कि चार साल से विद्यालय की समस्या के संबंध में विभाग से लेकर प्रशासन के उच्चाधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा है।
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ये विद्यालय तो बन गया, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्यार्थी आज भी खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। कारण है विद्यालय को तालाब पाटकर बनाया गया था, जो कि एक साल में ही जर्जर हो गया।
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अब धीरे-धीरे पूरा भवन ही ढहता जा रहा है। ग्रामीण ने इसकी शिकायत परियोजना निदेशक डॉ. अवधेश कुमार वाजपेयी से की है। पीडी ने बीएसए को इस संदर्भ में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
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गुरुवार को विकास भवन स्थित परियोजना निदेशक कार्यालय पर ग्रामीणों ने शिकायत की। कहा कि चार साल से विद्यालय की समस्या के संबंध में विभाग से लेकर प्रशासन के उच्चाधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा है।
वर्तमान में विद्यालय में 40 बच्चे हैं। इनमें 29 लड़कियां और 11 लड़के हैं, जिन्हें मजबूरन विद्यालय भवन के पास ही एक खाली प्लाट में खुले आसमान के नीचे शिक्षक पढ़ाने को मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि वहां शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस कारण छात्राओं को शौच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। सर्दी और बारिश के मौसम में तो स्थिति और खराब हो जाते हैं। विद्यार्थियों को छुट्टी पर भेजना पड़ता है।
परियोजना निदेशक ने शिकायतकर्ता को मामले में जल्द ही कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। बताया कि बीएसए को जांच कमेटी गठित कर विद्यालय का निर्माण करने वाली संस्था को तलब करने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि वहां शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस कारण छात्राओं को शौच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। सर्दी और बारिश के मौसम में तो स्थिति और खराब हो जाते हैं। विद्यार्थियों को छुट्टी पर भेजना पड़ता है।
परियोजना निदेशक ने शिकायतकर्ता को मामले में जल्द ही कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। बताया कि बीएसए को जांच कमेटी गठित कर विद्यालय का निर्माण करने वाली संस्था को तलब करने के आदेश दिए हैं।