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अगले महीने से कालीनदी में गिरने लगेगी गंदे पानी की शुद्ध धार
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कासगंज। लंबे समय से प्रदूषण का दंश झेल रही काली नदी को अब शुद्ध पानी की आस जाग गई है। नदी के समीप बनाया जा रहा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगभग पूरा हो गया है। अब ट्रायल की तैयारी चल रही है। लक्ष्य तय किया गया है कि जुलाई माह के पहले सप्ताह से कालीनदी में सीवरेज के ट्रीटमेंट के बाद पानी की धार पहुंचाई जाएगी।
काली नदी के समीप जो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया है। वैसे तो वह 4 जुलाई तक पूरा होना था लेकिन कालीनदी में दिन प्रतिदिन प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कार्यदायी संस्था ने निर्धारित तिथि से पहले ही काम लगभग पूरा कर लिया है। अब सीवरेज ट्रीटमेंट के ट्रायल की तैयारी चल रही है। पांच चरणों में सीवरेज का ट्रीटमेंट होगा। इसके बाद शुद्ध पानी कालीनदी में पहुंचाया जाएगा। सीवरेज से जो गंदगी निकलेगी उससे जैविक खाद बनाने की तैयारी की गई है। ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूर्णत: की ओर पहुंचने के बाद अब कालीनदी में प्रदूषण में गिरावट आने की उम्मीद जाग गई है।
निकलती निर्मलधार, गोद में गिरता प्रदूषण
कालीनदी कासगंज में प्रदूषण की मुख्य संवाहक है। यह नदी मुजफ्फरनगर के समीप गंगानदी से निकलती है और फिर बुलंदशहर होती हुई कन्नौज के समीप गंगानदी में फिर मिल जाती है। बुलंदशहर के औद्योगिक संस्थानों के अलावा शहरों का गंदा पानी नदी में गिरता है। जो पानी के माध्यम से भूगर्भ को प्रदूषित तो करता ही है और कन्नौज के बाद गंगानदी की गोद में भी प्रदूषण पहुंचा देता है।
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आंकड़े की नजर से-
- 76.73 करोड़ रुपये से मिली थी स्वीकृति।
- 67.56 करोड़ रुपये से एसटीपी निर्माण का हुआ है अनुबंध।
- 15 मिलियन लीटर पानी प्रतिदिन शुद्ध करने की है क्षमता।
- 33.32 करोड़ रुपये से निर्माण के बाद होगा रख रखरखाव।
- 15 साल तक रखरखाव का जिम्मा निभाएगी कार्यदायी संस्था।
वर्जन-
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम लगभग पूरा हो चुका है। ट्रायल की तैयारी की गई है। जुलाई माह के पहले सप्ताह से सीवरेज के ट्रीटमेंट के बाद शुद्ध पानी कालीनदी में पहुंचाना शुरू किया जाएगा। - गौरव शर्मा, अवर अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जल निगम आगरा।
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काली नदी के समीप जो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया है। वैसे तो वह 4 जुलाई तक पूरा होना था लेकिन कालीनदी में दिन प्रतिदिन प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कार्यदायी संस्था ने निर्धारित तिथि से पहले ही काम लगभग पूरा कर लिया है। अब सीवरेज ट्रीटमेंट के ट्रायल की तैयारी चल रही है। पांच चरणों में सीवरेज का ट्रीटमेंट होगा। इसके बाद शुद्ध पानी कालीनदी में पहुंचाया जाएगा। सीवरेज से जो गंदगी निकलेगी उससे जैविक खाद बनाने की तैयारी की गई है। ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूर्णत: की ओर पहुंचने के बाद अब कालीनदी में प्रदूषण में गिरावट आने की उम्मीद जाग गई है।
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निकलती निर्मलधार, गोद में गिरता प्रदूषण
कालीनदी कासगंज में प्रदूषण की मुख्य संवाहक है। यह नदी मुजफ्फरनगर के समीप गंगानदी से निकलती है और फिर बुलंदशहर होती हुई कन्नौज के समीप गंगानदी में फिर मिल जाती है। बुलंदशहर के औद्योगिक संस्थानों के अलावा शहरों का गंदा पानी नदी में गिरता है। जो पानी के माध्यम से भूगर्भ को प्रदूषित तो करता ही है और कन्नौज के बाद गंगानदी की गोद में भी प्रदूषण पहुंचा देता है।
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आंकड़े की नजर से-
- 76.73 करोड़ रुपये से मिली थी स्वीकृति।
- 67.56 करोड़ रुपये से एसटीपी निर्माण का हुआ है अनुबंध।
- 15 मिलियन लीटर पानी प्रतिदिन शुद्ध करने की है क्षमता।
- 33.32 करोड़ रुपये से निर्माण के बाद होगा रख रखरखाव।
- 15 साल तक रखरखाव का जिम्मा निभाएगी कार्यदायी संस्था।
वर्जन-
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम लगभग पूरा हो चुका है। ट्रायल की तैयारी की गई है। जुलाई माह के पहले सप्ताह से सीवरेज के ट्रीटमेंट के बाद शुद्ध पानी कालीनदी में पहुंचाना शुरू किया जाएगा। - गौरव शर्मा, अवर अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जल निगम आगरा।