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चंबल की वादियों में गूंज रही हरियल की सीटी जैसी आवाज
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अदभुत: जमीन पर पैर नहीं रखता हरियल,चंबल में गूंज रही सीटी जैसी मीठी आवाज
- फोटो : Agra Dehat
बाह। चंबल की वादियों में मौजूद हरियल पक्षी कभी जमीन पर पैर नहीं रखता है। धरती पर उतरता भी है तो लकडी का टुकडा उसके पंजो में जकड़ा रहता है। इस अविश्वनीय सच के बारे में जानकर पर्यटक भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। सीटी जैसी इसकी मीठी आवाज सैलानियों को खूब लुभाती है।
चिड़ियों के बारे में जानकारी रखने वाले वन दरोगा नंदराम ने बताया कि हल्के पीले हरे रंग के हरियल का आकार औसतन 30 सेमी, वजन 250 ग्राम, पंख फैलाव करीब 18 सेमी होता है। आंखों का रंग नीला होता है और इनके चारों ओर गुलाबी घेरा होता है। यह अपना घोंसला घास के तिनकों और पत्तियों से बरगद और पीपल के पेड़ों पर बनाता है। फल, पौधे के अंकुर और अनाज इनका भोजन होता है। हरियल पक्षी का प्रजनन काल मार्च से जून तक होता है।
प्रजनन काल में एक से दो अंडे ही देते हैं। इन अंडो का रंग चमकीला सफेद होता है। नर और मादा दोनों अंडों को 13 दिन तक सेते हैं। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि चंबल में मौजूद हरियल के जमीन पर पैर न रखने के तथ्य को जानकर पर्यटक आश्चर्यचकित हो जाते हैं। बीहड़ की वादियां इनकी सीटी जैसी मीठी आवाज से गूंज रही है। यह एक शर्मीला पक्षी है जो इंसानों की आहट पाकर चुप्पी साध लेता है।
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चिड़ियों के बारे में जानकारी रखने वाले वन दरोगा नंदराम ने बताया कि हल्के पीले हरे रंग के हरियल का आकार औसतन 30 सेमी, वजन 250 ग्राम, पंख फैलाव करीब 18 सेमी होता है। आंखों का रंग नीला होता है और इनके चारों ओर गुलाबी घेरा होता है। यह अपना घोंसला घास के तिनकों और पत्तियों से बरगद और पीपल के पेड़ों पर बनाता है। फल, पौधे के अंकुर और अनाज इनका भोजन होता है। हरियल पक्षी का प्रजनन काल मार्च से जून तक होता है।
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प्रजनन काल में एक से दो अंडे ही देते हैं। इन अंडो का रंग चमकीला सफेद होता है। नर और मादा दोनों अंडों को 13 दिन तक सेते हैं। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि चंबल में मौजूद हरियल के जमीन पर पैर न रखने के तथ्य को जानकर पर्यटक आश्चर्यचकित हो जाते हैं। बीहड़ की वादियां इनकी सीटी जैसी मीठी आवाज से गूंज रही है। यह एक शर्मीला पक्षी है जो इंसानों की आहट पाकर चुप्पी साध लेता है।

अदभुत: जमीन पर पैर नहीं रखता हरियल,चंबल में गूंज रही सीटी जैसी मीठी आवाज- फोटो : Agra Dehat
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