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गवाही से पहले दुष्कर्म पीड़िता अगवा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 31 Jan 2015 01:53 AM IST
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ताजगंज क्षेत्र से दुष्कर्म पीड़िता रहस्यमय ढंग से अगवा हो गई। यह वही युवती है, जिसने जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव के बेटे और उसके चार साथियों पर अपहरण और बलात्कार का आरोप लगाया था। मामले में सभी जेल गए थे। मामले में युवती की अगले महीने कोर्ट में गवाही होनी है। परिवारीजन छह दिन तक मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटकते रहे। ताजगंज पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमा दर्ज करने का दावा किया।
बता दें, 31 जनवरी 2013 को जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव के पुत्र कौशल ने अपने चार साथियों के साथ दो लड़कियों को अगवा कर लिया था। दोनों सहेलियां थीं। इनमें से ताजगंज क्षेत्र की युवती के साथ कौशल ने दुष्कर्म किया था। नेता पुत्र पर आरोप लगने के बाद सपा में भी हंगामा हुआ था। उनकी अध्यक्ष पद की ताजपोशी भी खतरे में पड़ गई थी। पुलिस ने नेता पुत्र और उसके चारों साथियों को जेल भेजा था। पांच महीने बाद उनकी जमानत हो गई। मामला कोर्ट में चल रहा है। युवती की 11 फरवरी को कोर्ट में गवाही होनी है। युवती के भाई ने बताया कि वह 24 जनवरी को वह घर में अकेली थी। घरवाले लौटे तो वह नहीं थी। ताजगंज पुलिस को सूचना दी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों से भी गुहार लगाई। मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटकते रहे। परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस पर अगर किसी का दबाव नहीं है तो उल्टा उन पर ही दबाव क्यों बनाया जा रहा है।
इंस्पेक्टर ताजगंज अरुण कुमार ने बताया कि 28 जनवरी को प्रार्थना पत्र मिला था। इसके बाद पांच आरोपी कौशल, राहुल, सचिन, शिवराम और पवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोप है कि युवती को गायब कराया है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव का कहना है कि आरोप गलत है। मामले की किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए, वह तैयार हैं।
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सवालों में पुलिस की कार्रवाई
युवती के परिवारीजन छह दिन से मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटक रहे थे, जबकि पुलिस ने 28 को शिकायत मिलने की बात कही है। इसके बाद पुलिस गुरुवार को पीड़ित परिवारीजनों के घर पहुंची। यहां भी जांच की सिर्फ औपचारिकताएं ही निभाईं। मामला गंभीर होने पर भी तुरंत कार्रवाई नहीं की गई।
थाने पर पर्ची सिस्टम भी फेल
एसएसपी ने हर प्रार्थना पत्र पर पीड़ित को पीली पर्ची देने का नियम बनाया है, लेकिन दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को ऐसी कोई पर्ची नहीं मिली। इससे पुलिस ने एसएसपी के आदेश की भी अवहेलना की।
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बता दें, 31 जनवरी 2013 को जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव के पुत्र कौशल ने अपने चार साथियों के साथ दो लड़कियों को अगवा कर लिया था। दोनों सहेलियां थीं। इनमें से ताजगंज क्षेत्र की युवती के साथ कौशल ने दुष्कर्म किया था। नेता पुत्र पर आरोप लगने के बाद सपा में भी हंगामा हुआ था। उनकी अध्यक्ष पद की ताजपोशी भी खतरे में पड़ गई थी। पुलिस ने नेता पुत्र और उसके चारों साथियों को जेल भेजा था। पांच महीने बाद उनकी जमानत हो गई। मामला कोर्ट में चल रहा है। युवती की 11 फरवरी को कोर्ट में गवाही होनी है। युवती के भाई ने बताया कि वह 24 जनवरी को वह घर में अकेली थी। घरवाले लौटे तो वह नहीं थी। ताजगंज पुलिस को सूचना दी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों से भी गुहार लगाई। मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटकते रहे। परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस पर अगर किसी का दबाव नहीं है तो उल्टा उन पर ही दबाव क्यों बनाया जा रहा है।
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इंस्पेक्टर ताजगंज अरुण कुमार ने बताया कि 28 जनवरी को प्रार्थना पत्र मिला था। इसके बाद पांच आरोपी कौशल, राहुल, सचिन, शिवराम और पवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोप है कि युवती को गायब कराया है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव का कहना है कि आरोप गलत है। मामले की किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए, वह तैयार हैं।
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सवालों में पुलिस की कार्रवाई
युवती के परिवारीजन छह दिन से मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटक रहे थे, जबकि पुलिस ने 28 को शिकायत मिलने की बात कही है। इसके बाद पुलिस गुरुवार को पीड़ित परिवारीजनों के घर पहुंची। यहां भी जांच की सिर्फ औपचारिकताएं ही निभाईं। मामला गंभीर होने पर भी तुरंत कार्रवाई नहीं की गई।
थाने पर पर्ची सिस्टम भी फेल
एसएसपी ने हर प्रार्थना पत्र पर पीड़ित को पीली पर्ची देने का नियम बनाया है, लेकिन दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को ऐसी कोई पर्ची नहीं मिली। इससे पुलिस ने एसएसपी के आदेश की भी अवहेलना की।