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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The names open of the officials responsible for illegal constructions

अवैध निर्माणों के जिम्मेदार अधिकारियों के नाम खुलेंगे

Fri, 29 May 2015 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 29 May 2015 02:06 AM IST
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एनजीटी के सख्त रुख के बाद एडीए ने अवैध निर्माणों के साथ ‘घर’ की भी सफाई शुरू कर दी है। एनजीटी में अवैध निर्माणों को लेकर जो जवाब दाखिल किया जा रहा है, उसमें अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों का भी उल्लेख है।
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बता दें कि अनुश्रवण समिति के सदस्य डीके जोशी की यमुना को मूलस्वरूप में लाने को लेकर दायर याचिका पर एनजीटी ने कमिश्नर, नगर आयुक्त और एडीए वीसी से जवाब तलब किया था। इसके बाद एडीए ने आनन-फानन में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान की शुरुआत कर दी। इसकी रिपोर्ट तैयार की गई है। साथ ही इन अवैध निर्माणों के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सूची तैयार की गई है। इसमें दर्जनभर से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। ट्रिब्यूनल इस पर क्या रुख रखेगा, यह तो बाद में पता चलेगा। मगर, विभाग के उच्च अधिकारियों ने इन कर्मचारियों का काला चिट्ठा तैयार कर इनके खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है।
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वर्जन
हमने एनजीटी में जवाब दाखिल करने के लिए रिपोर्ट तैयार की है। कुछ जिम्मेदार कर्मचारियों का इसमें उल्लेख किया गया है।
- कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्त, सचिव, एडीए

डूब क्षेत्र में चल रही कार्रवाई
के खिलाफ समिति का गठन
आगरा। यमुना के डूब क्षेत्र में हुए निर्माणों पर एडीए की कार्रवाई के विरोध में संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन, एडीए और सिंचाई विभाग मिलकर लोगों के घर उजाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। आगरा जमुना डूब क्षेत्र आवासीय संघर्ष समिति की बैठक गुरुवार को मां गौरी टाउन, बहादुरपुर, दयालबाग में हुई। इसमें संघर्ष समिति का गठन किया गया। कूपर चंद रवत को अध्यक्ष, सतीश चंद माधौरिया को उपाध्यक्ष, राहुल त्रिपाठी को महासचिव, सुनील यादव को सचिव, ब्रजेश बघेल को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इस दौरान समिति के अध्यक्ष कपूर चंद रावत ने कहा कि राधा नगर, लोहिया नगर, रजवाड़ा, सीताराम कालोनी, इंदर एनक्लेव, अनुराग नगर, मनोहरपुर, मां गौरी टाउन आदि के लोग एकजुट होकर एडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई का विरोध करेंगे। बैठक में चौधरी रामगोपाल, सत्य प्रकाश सिंह बघेल, एमपी सिंह, मंजू माधौरिया, सुनील यादव, सुरेश चंद निषाद आदि मौजूद थे।
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‘हिंदी’ को हथियार बनाकर एनजीटी से ली अगली तारीख
आगरा। यमुना को मूलस्वरूप में लाने को लेकर एनजीटी में दायर की याचिका पर अब आठ जून को सुनवाई होगी। गुरुवार को एडीए की तरफ से अधिवक्ता ने जवाब दाखिल किया था। इसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। आठ जून तक इस जवाब को अंग्रेजी भाषा में दाखिल करने का समय दिया है। वहीं, बर्ड सेंक्चुरी के प्रतिबंधित दायरे में आनंद इंजीनियर कॉलेज के निर्माण को लेकर दायर याचिका की सुनवाई 25 जुलाई को होगी और हिंदुस्तान कॉलेज की सात जुलाई को। बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की अनुश्रवण समिति के सदस्य डीके जोशी ने एनजीटी में यमुना को मूलरूप में लाने के लिए याचिका दायर की थी। इस पर कमिश्नर, नगर आयुक्त और एडीए वीसी को 26 मई को जवाब देना था। मगर, हिंदी में जवाब दाखिल करने पर कोर्ट ने आठ जून को बुलाया है।
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