फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The marriage was ruined even before the mehndi on the hands faded.

Agra News: हाथ की मेहंदी छूटने से पहले ही उजड़ा सुहाग

Thu, 21 May 2026 02:48 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 21 May 2026 02:48 AM IST
विज्ञापन
The marriage was ruined even before the mehndi on the hands faded.
एचटी लाइन के करंट से बिरखेपुरा में मृतक जितेन्द्र सिंह की पत्नी पारस देवी हुई बेसुध
बाह। छह महीने पहले बिरखेपुरा के जितेंद्र सिंह की शादी दया का नगला फिरोजाबाद की पारस देवी के साथ हुई थी। पारस देवी के हाथों की मेहंदी ठीक से छूट भी नहीं पाई है कि बुधवार को जितेंद्र की मौत के साथ उसका सुहाग उजड़ गया। पति का शव देखकर बेसुध हुई पारस देवी बस यही कह रही थी कि बिन सुहाग के कैसे जीऊंगी? मृतक की मां गिरजा देवी भी सुधबुध खो बैठी हैं। एक तरफ बेटे का शव पड़ा था, दूसरी तरफ सुहाग उजड़ने से बेसुध हुई पत्नी थी। ढांढ़स बंधाने वालों को यही बोल रही थी कि ईश्वर ने बेटे से पहले उसे ही उठा लिया होता तो अच्छा रहता। कैसे बहू को संभालूंगी?
विज्ञापन

लाइन हटने के बाद ही उठने दिया शव

बिरखेपुरा में घरों की छत के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन को हटाने के लिए एक साल से गांव के लोग शिकायत कर रहे थे। मृतक जितेंद्र सिंह के पिता मुकेश कुमार व परिजन ने बताया कि दो कुत्ते एचटी लाइन के करंट से मरे, तब शिकायत की। छत पर बैठा मोर मरा, तब लाइन हटाने की गुहार लगाई, लेकिन बिजली विभाग ने एक नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि लाइन शिफ्ट कराने के नाम पर 2 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया था। गरीबी का हवाला दिया तो 1.40 लाख रुपये की मांग की गई। पुलिस और बिजली अधिकारी के सामने चीख चीख कर परिजन यही आरोप लगाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि शव तभी उठने देंगे, जब छत के ऊपर से बिजली की लाइन हटेगी। आनन फानन में बिजली की लाइन को हटाया गया। तार समेटे, तब जांच और आर्थिक सहायता का आश्वासन अधिशाषी अभियंता रोहित शर्मा ने दिया। एसओ खेड़ा राठौर ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर बुधवार की शाम 4.30 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए उठने दिया।
विज्ञापन




मृतक के दिव्यांग माता-पिता बोले- कैसे पीले होंगे बेटी के हाथ



बिरखेपुरा में जितेंद्र की मौत से परिवार टूट गया है। खेती बाड़ी पर आश्रित परिवार में कोई संभालने की स्थिति में नहीं है। माता गिरजा देवी एवं पिता मुकेश कुमार पैरों से दिव्यांग हैं। बड़े बेटे जितेंद्र की कमाई पर परिवार आश्रित था। दोनों ने बताया कि बड़ी बेटी पूजा के लिए रिश्ता देख रहे थे। छोटी बेटी मोहिनी 10 साल की है। छोटा बेटा अंकुश 7 साल का है। बेटी के हाथ कैसे पीले होंगे? विधवा बहू को कैसे संभालेंगे? जिंदगी किसके भरोसे कटेगी। बिजली विभाग की लापरवाही ने बेटे को छीना तो सपने भी चकना चूर हो गए। हादसे से टूटे परिवार को ढांढ़स बंधाने वाले भी घरों की छत पर एचटी लाइन को देखकर गुस्सा हुए बिना नहीं रह सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed