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Agra News: पट्टे की जमीन छुई नहीं, फड़ हटाकर की खानापूर्ति
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आगरा। राजामंडी स्थित लाभचंद मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद नगर निगम ने 27 अप्रैल को फुटपाथ और गैलरी से अतिक्रमण के नाम पर ठेल-ढकेल और फड़ हटाकर खानापूर्ति की। पक्के अतिक्रमण छुए ही नहीं।
नगर निगम ने तीन दिन पहले जिन ठेल-ढकेल और फड़ को हटाया, उन्हें बृहस्पतिवार को लगने नहीं दिया। जैसे ही कहीं फड़ या सामान फुटपाथ पर रखने की कोशिश हुई, टीम ने तुरंत उसे हटवा दिया। लेकिन, नगर निगम की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने डीएम, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त और नगरायुक्त सहित आठ अधिकारियों से जवाब मांगा है। 4 मई को इस मामले में सुनवाई होनी है। अवमानना नोटिस जारी होने के बाद 13 अप्रैल को डीएम अरविंद बंगारी ने नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को पत्र लिखा था। इसमें कहा था कि लाभचंद्र मार्केट का पट्टा एक साल पहले निरस्त हो चुका है। ऐसे में नगर निगम लीज की भूमि पर कब्जा ले। सभी तरह के अतिक्रमण हटाए। लेकिन, नगर निगम ने सिर्फ अस्थाई अतिक्रमण हटाकर खानापूर्ति की। उधर, याचिकाकर्ता अमरजोत सूरी का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन सुप्रीम कोर्ट की आंखों में धूल झोंकना चाहते हैं।
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार का कहना है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और शहर के अन्य बाजारों में भी इसी तरह की सख्ती बरती जाएगी, ताकि सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके। वहीं, इस संबंध में डीएम मनीष बंसल का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। इस वजह से कुछ भी कहना मुनासिब नहीं है।
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नगर निगम ने तीन दिन पहले जिन ठेल-ढकेल और फड़ को हटाया, उन्हें बृहस्पतिवार को लगने नहीं दिया। जैसे ही कहीं फड़ या सामान फुटपाथ पर रखने की कोशिश हुई, टीम ने तुरंत उसे हटवा दिया। लेकिन, नगर निगम की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने डीएम, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त और नगरायुक्त सहित आठ अधिकारियों से जवाब मांगा है। 4 मई को इस मामले में सुनवाई होनी है। अवमानना नोटिस जारी होने के बाद 13 अप्रैल को डीएम अरविंद बंगारी ने नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को पत्र लिखा था। इसमें कहा था कि लाभचंद्र मार्केट का पट्टा एक साल पहले निरस्त हो चुका है। ऐसे में नगर निगम लीज की भूमि पर कब्जा ले। सभी तरह के अतिक्रमण हटाए। लेकिन, नगर निगम ने सिर्फ अस्थाई अतिक्रमण हटाकर खानापूर्ति की। उधर, याचिकाकर्ता अमरजोत सूरी का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन सुप्रीम कोर्ट की आंखों में धूल झोंकना चाहते हैं।
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अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार का कहना है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और शहर के अन्य बाजारों में भी इसी तरह की सख्ती बरती जाएगी, ताकि सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके। वहीं, इस संबंध में डीएम मनीष बंसल का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। इस वजह से कुछ भी कहना मुनासिब नहीं है।
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