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Agra News: नियम ताख पर रख प्रधान और सचिव ने कर दिया था भुगतान

Thu, 07 Nov 2024 11:53 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 07 Nov 2024 11:53 PM IST
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The head and secretary had made the payment keeping the rules in mind
मैनपुरी। ग्राम पंचायत नौनेर के गांव झंडाहार में सड़क निर्माण के नाम पर हुए 9.57 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के लिए नियम तोड़े गए थे। बिना एमबी (मीजरमेंट बुक) तैयार किए बिना ही सीधे ग्राम पंचायत निधि से प्रधान और सचिव ने फर्म और श्रमिकों के खातों में भुगतान कर दिया।
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ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का भुगतान करने के लिए एक प्रक्रिया है। इसके तहत निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण पंचायत राज विभाग में तैनात कंसल्टेंट या ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता द्वारा किया जाता है। कंसल्टेंट या अवर अभियंता द्वारा तैयार की गई एमबी में निर्धारित धनराशि के अनुसार ही ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा भुगतान किया जाता है। भुगतान के लिए प्रधान और सचिव दोनों का ही डिजिटल सिग्नेचर लगाना अनिवार्य है।
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झंडाहार में जिस सड़क का फर्जी भुगतान किया गया, उसकी एमबी ही नहीं बनी थी। बिना एमबी के ही प्रधान और सचिव ने ये भुगतान कर दिया था। वास्तव में भुगतान के दौरान सड़क का निर्माण हुआ ही नहीं था, ऐसे में कैसे कोई कंसल्टेंट या अभियंता एमबी तैयार कर सकता था।
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बाद में शिकायत होने पर 5 नवंबर की रात में निर्माण कराया गया। शिकायतकर्ता गौरव चौहान के अवगत कराने पर डीएम ने रात में ही जिला विकास अधिकारी अजय कुमार को भेजकर जांच कराई थी। जांच में रात के अंधेरे में कार्य करते हुए पाया गया था।



ये होती है एमबी
एमबी यानी मीजरमेंट बुक। किसी भी विकास कार्य के भुगतान से पहले संबंधित विभाग के अभियंता द्वारा एमबी तैयार की जाती है। इसमें कार्य की माप के अनुसार धनराशि तय की जाती है। इसी तय धनराशि के अनुसार ही ग्राम पंचायत द्वारा भुगतान किया जाता है। नियमानुसार बिना एमबी के कोई भी भुगतान संभव नहीं है।




मामले में जिला विकास अधिकारी ने जांच की है। वे अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजेंगे। जिलाधिकारी द्वारा जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार दोषी प्रधान और सचिव पर कार्रवाई की जाएगी। - यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ
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