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आगरा: राज्यपाल और राष्ट्रपति तक रहे हैं सेंट जोंस में छात्र, बेबी रेड फोर्ट से भी मशहूर है कॉलेज

Wed, 16 Dec 2020 02:11 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 16 Dec 2020 02:11 PM IST
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The Governor And President Have Been Students In St. John's
सेंट जोंस कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एमजी रोड स्थित सेंट जोंस कॉलेज का इतिहास गौरवशाली रहा है। राष्ट्रपति रहे शंकर दयाल शर्मा और राजस्थान के राज्यपाल रहे शैलेंद्र कुमार सिंह ने इस कॉलेज से पढ़ाई की थी। ये ही नहीं, देश को कई महान वैज्ञानिक, राजदूत भी इस कॉलेज ने दिए हैं। लाल पत्थर से बना होने के कारण इसे बेबी रेड फोर्ट भी कहा जाता है।
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प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार रहे पंकज पचौरी, अमेरिका में भारत की राजदूत रहीं मीरा शंकर भी सेंट जोंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। इस कॉलेज के कार्यक्रमों में पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन, पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा भी आए थे।
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आजादी से पहले देश के कोने कोने से छात्र यहां आते थे। आज भी सेंट जोंस में दाखिला मिलना बड़ी बात मान जाती है। कॉलेज का निर्माण वर्ष 1911 से 1914 के बीच प्रख्यात वास्तुविद सर स्विटन जैकब ने किया। इसका उद्घाटन गर्वनर जनरल लॉर्ड हर्डिंग ने किया। वर्ष 1927 में आगरा विवि की स्थापना हुई तो सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एडब्ल्यू डेविस उसके पहले कुलपति बने।
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सबसे पहले एलएलबी की पढ़ाई शुरू हुई थी
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि कॉलेज में वर्ष 1891 में एलएलबी की कक्षाएं शुरू हुईं। वर्ष 1893 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए पाठ्यक्रम की मान्यता मिली। इसी वर्ष रेलवे में नौकरी के लिए टेलीग्राफी और सिग्नलिंग की कक्षाएं भी शुरू की गईं। वर्ष 1903 में इलाहाबाद विवि ने भौतिक विज्ञान व रसायन विज्ञान विषय की मान्यता प्रदान की। जीव विज्ञान की मान्यता 1906 में मिली।

पांच संकायों में पांच हजार छात्र
कॉलेज को नैक से ए-ग्रेड प्राप्त है। कॉलेज के पांच संकायों में करीब पांच हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कॉलेज के विद्यार्थियों के प्लेसमेंट और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाता है।

मनाया 170 वां स्थापना दिवस
डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि से संबद्ध सेंट जोंस कॉलेज 16 दिसंबर को 170 वर्ष का हो गया। वर्ष 1850 में इसकी स्थापना हुई थी। इसके पहले प्राचार्य ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के विद्वान विशप वैल्पी फ्रेंच थे। पहले कॉलेज कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा है। कॉलेज का स्थापना दिवस समारोह बुधवार को मुख्य सभागार में मनाया। कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

गर्व है... सेंट जोंस का छात्र रहा : कुलपति
सेंट जोंस कॉलेज का स्वर्णिम इतिहास रहा है। मैं आज जिस मुकाम पर हूं, इसमें कॉलेज के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुझे गर्व है कि मैं सेंट जोंस का छात्र रहा। कॉलेज उत्तरोत्तर प्रगति करे, ऐसी शुभकामना है। - प्रो. अशोक मित्तल, विश्वविद्यालय के कुलपति

देश के महान कॉलेजों में से एक 
सेंट जोंस कॉलेज देश के महान कॉलेजों में से एक है। यहां के पूर्व छात्र अच्छे पदों पर काबिज हैं। इस कॉलेज से बहुत कुछ सीखने को मिला। स्थापना दिवस पर सेंट जोनियंस को हार्दिक बधाई। - प्रो. अजय तनेजा, विवि के आईक्यूएसी के सचिव

कॉलेज की पढ़ाई उत्तर भारत में चर्चित थी
सेंट जोंस कॉलेज की पढ़ाई उत्तर भारत में चर्चित थी। कॉलेज ने आज भी शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखा है। कॉलेज का पूर्व छात्र होने पर मुझे गर्व है। यहां के पढ़े हुए छात्र विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। - प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा, पर्यावरण अध्ययन विभाग, विवि

शिक्षक अभिभावक की तरह करते थे व्यवहार 
सेंट जोंस कॉलेज में पढ़कर जीवन को नई दिशा मिली। यहां शिक्षक अभिभावक की भूमिका भी निभाते थे। कॉलेज के स्थापना दिवस पर उन सभी गुरुजनों को सादर नमन। - सोमदेव सारस्वत, प्रधानाचार्य, श्री रामकृष्ण इंटर कॉलेज
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