फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The Forest Department stopped the motorboat running without permission at Kainjra Ghat.

Agra News: बगैर अनुपति कैंजरा घाट पर चल रही मोटरबोट वन विभाग ने रोकी

Tue, 09 Dec 2025 02:32 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 02:32 AM IST
विज्ञापन
The Forest Department stopped the motorboat running without permission at Kainjra Ghat.
चंबल के कैंजरा घाट पर वन विभाग ने बंद कराई मोटर बोट - फोटो : विभाग
बाह। चंबल नदी के कैंजरा घाट पर वन विभाग ने बिना अनुमति के संचालित हो रहे मोटर बोट को बंद करा दिया है। पीडब्ल्यूडी की ओर से संचालन की अनुमति नहीं लेने से उत्तर प्रदेश के आगरा एवं फिरोजाबाद, मध्य प्रदेश के भिंड एवं मुरैना जिले के 150 से ज्यादा गांवों के लोगों को आवागमन प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन




चंबल नदी के अटेर घाट पर पक्का पुल बन कर तैयार हो गया है, लेकिन निर्माण एजेंसी ने पहुंच मार्ग पर खाई खोद कर आवागमन बंद कर दिया है। पिनाहट घाट पर पांटून पुल बन रहा है। ऐसे में आगरा, फिरोजाबाद, बाह, जैतपुर, पिनाहट, फतेहाबाद और मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना जिले के 150 से अधिक गांवों के लोग आवागमन के लिए चंबल नदी के कैंजरा घाट पुल पर आश्रित थे। पीडब्ल्यूडी के पास घाट पर मोटर बोट संचालन की 15 अक्तूबर तक अवधि थी। इसके बाद पांटून पुल का निर्माण कराना था। लेकिन विभागीय लापरवाही का आलम ये है कि कई बार चेतावनी देने के बाद भी संचालन की अनुमति नहीं ली गई। सोमवार को वन विभाग ने मोटर बोट का संचालन बंद करा दिया है। घाट पर नदी पार करने के लिए बाह के कैंजरा और मध्य प्रदेश के उद्योतगढ़ के छोर पर लोग पहुंचे। मोटर बोट के संचालन का दोपहर तक इंतजार करते रहे। बाह के सुरेश पचौरी, सूरज, राहुल, अरविंद, साहसपुरा के निखिल, विक्रम, वीरेंद्र आदि ने बताया कि अचानक से मोटर बोट का संचालन बंद होने से लोगों को उदी और धौलपुर के रास्ते आना जाना पड़ेगा। जिससे करीब 60 से 90 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
विज्ञापन


इस संबंध में ठेकेदार चंद्रसेन तिवारी ने बताया कि वन विभाग से शुल्क जमा करने के लिए चालान मांगा है, चालान मिलते ही शुल्क जमा कर दिया जाएगा। जबकि चंबल सेंक्चुअरी रेंज बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि कई बार ठेकेदार को अवगत कराने के बाद भी अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर शुल्क नहीं जमा कराया गया है। अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संचालन संभव हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed