{"_id":"69373cebc145fbba040ecabe","slug":"the-forest-department-stopped-the-motorboat-running-without-permission-at-kainjra-ghat-agra-news-c-25-1-agr1008-936412-2025-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: बगैर अनुपति कैंजरा घाट पर चल रही मोटरबोट वन विभाग ने रोकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: बगैर अनुपति कैंजरा घाट पर चल रही मोटरबोट वन विभाग ने रोकी
विज्ञापन
चंबल के कैंजरा घाट पर वन विभाग ने बंद कराई मोटर बोट
- फोटो : विभाग
बाह। चंबल नदी के कैंजरा घाट पर वन विभाग ने बिना अनुमति के संचालित हो रहे मोटर बोट को बंद करा दिया है। पीडब्ल्यूडी की ओर से संचालन की अनुमति नहीं लेने से उत्तर प्रदेश के आगरा एवं फिरोजाबाद, मध्य प्रदेश के भिंड एवं मुरैना जिले के 150 से ज्यादा गांवों के लोगों को आवागमन प्रभावित हुआ है।
चंबल नदी के अटेर घाट पर पक्का पुल बन कर तैयार हो गया है, लेकिन निर्माण एजेंसी ने पहुंच मार्ग पर खाई खोद कर आवागमन बंद कर दिया है। पिनाहट घाट पर पांटून पुल बन रहा है। ऐसे में आगरा, फिरोजाबाद, बाह, जैतपुर, पिनाहट, फतेहाबाद और मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना जिले के 150 से अधिक गांवों के लोग आवागमन के लिए चंबल नदी के कैंजरा घाट पुल पर आश्रित थे। पीडब्ल्यूडी के पास घाट पर मोटर बोट संचालन की 15 अक्तूबर तक अवधि थी। इसके बाद पांटून पुल का निर्माण कराना था। लेकिन विभागीय लापरवाही का आलम ये है कि कई बार चेतावनी देने के बाद भी संचालन की अनुमति नहीं ली गई। सोमवार को वन विभाग ने मोटर बोट का संचालन बंद करा दिया है। घाट पर नदी पार करने के लिए बाह के कैंजरा और मध्य प्रदेश के उद्योतगढ़ के छोर पर लोग पहुंचे। मोटर बोट के संचालन का दोपहर तक इंतजार करते रहे। बाह के सुरेश पचौरी, सूरज, राहुल, अरविंद, साहसपुरा के निखिल, विक्रम, वीरेंद्र आदि ने बताया कि अचानक से मोटर बोट का संचालन बंद होने से लोगों को उदी और धौलपुर के रास्ते आना जाना पड़ेगा। जिससे करीब 60 से 90 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
इस संबंध में ठेकेदार चंद्रसेन तिवारी ने बताया कि वन विभाग से शुल्क जमा करने के लिए चालान मांगा है, चालान मिलते ही शुल्क जमा कर दिया जाएगा। जबकि चंबल सेंक्चुअरी रेंज बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि कई बार ठेकेदार को अवगत कराने के बाद भी अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर शुल्क नहीं जमा कराया गया है। अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संचालन संभव हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंबल नदी के अटेर घाट पर पक्का पुल बन कर तैयार हो गया है, लेकिन निर्माण एजेंसी ने पहुंच मार्ग पर खाई खोद कर आवागमन बंद कर दिया है। पिनाहट घाट पर पांटून पुल बन रहा है। ऐसे में आगरा, फिरोजाबाद, बाह, जैतपुर, पिनाहट, फतेहाबाद और मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना जिले के 150 से अधिक गांवों के लोग आवागमन के लिए चंबल नदी के कैंजरा घाट पुल पर आश्रित थे। पीडब्ल्यूडी के पास घाट पर मोटर बोट संचालन की 15 अक्तूबर तक अवधि थी। इसके बाद पांटून पुल का निर्माण कराना था। लेकिन विभागीय लापरवाही का आलम ये है कि कई बार चेतावनी देने के बाद भी संचालन की अनुमति नहीं ली गई। सोमवार को वन विभाग ने मोटर बोट का संचालन बंद करा दिया है। घाट पर नदी पार करने के लिए बाह के कैंजरा और मध्य प्रदेश के उद्योतगढ़ के छोर पर लोग पहुंचे। मोटर बोट के संचालन का दोपहर तक इंतजार करते रहे। बाह के सुरेश पचौरी, सूरज, राहुल, अरविंद, साहसपुरा के निखिल, विक्रम, वीरेंद्र आदि ने बताया कि अचानक से मोटर बोट का संचालन बंद होने से लोगों को उदी और धौलपुर के रास्ते आना जाना पड़ेगा। जिससे करीब 60 से 90 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
विज्ञापन
इस संबंध में ठेकेदार चंद्रसेन तिवारी ने बताया कि वन विभाग से शुल्क जमा करने के लिए चालान मांगा है, चालान मिलते ही शुल्क जमा कर दिया जाएगा। जबकि चंबल सेंक्चुअरी रेंज बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि कई बार ठेकेदार को अवगत कराने के बाद भी अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर शुल्क नहीं जमा कराया गया है। अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संचालन संभव हो सकेगा।
विज्ञापन