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भदरौली के किसानों ने मांगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:16 AM IST
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इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए राजनेता सत्ता के आगे बेबस हों, लेकिन अपने हक के लिए ताजनगरी के लोग लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। विकास से महरूम भदरौली और बाह के लोगों ने एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीनें देने की पेशकश की। अमर उजाला ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आवाज उठाई तो बाह, भदरौली के साथ फतेहपुर सीकरी और खंदौली के लोगों ने भी इसमें अपना सुर मिलाया। महज 15 घंटे में ही एयरपोर्ट के लिए 417 फोन कॉल पहुंचे। बाह तहसील के लोगों ने भदरौली की जगह सैफई का समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधियों को चुनाव में सबक सिखाने का एलान किया है।
जनवरी में एयरपोर्ट अथारिटी द्वारा भदरौली में सर्वे किया गया तो किसानों को आजादी के 69 साल बाद विकास की उम्मीद नजर आई। सर्वे के बाद से ही लोग अपनी जमीनें देने का मन चुका थे। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन को भी एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीनें देने की पेशकश कर दी है।
विधानसभा में हंगामे की भेंट चढ़ा एयरपोर्ट का सवाल
आगरा। विधानसभा सत्र में एत्मादपुर के विधायक डा. धर्मपाल सिंह ने नियम 56 के तहत आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का सवाल पूछा था, लेकिन भारी हंगामे और शोरशराबे के बीच इस सवाल का जवाब नहीं आ सका। विधायक ने लखनऊ से फोन पर बताया कि वह 30 अगस्त को एयरपोर्ट का सवाल फिर से विधानसभा में उठाएंगे।
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आने दो चुनाव, सिखा देंगे सबक
बाह और भदरौली के लोगों ने एयरपोर्ट को लेकर जनप्रतिनिधियों के सैफई समर्थक बयानों पर आक्र ोश जताया। भदरौली, रूदमुली के राजेंद्र सिंह, हुकुम सिंह, राकेश परिहार, पद्म चंद के साथ दर्जनों लोगों ने बैठक कर एयरपोर्ट को भदरौली के विकास की चाबी बताया। कहा कि बाह तहसील का विकास अब तक नहीं हो पाया है। भदरौली में पहली बार विकास की बात हुई है, लेकिन जनप्रतिनिधि सत्ता के डर से अपने घर की बात भी नहीं कह पा रहे। एयरपोर्ट बना तो बाह भदरौली की किस्मत ही बदल जाएगी। रही बात जन प्रतिनिधियों की, तो चुनाव ज्यादा दूर नहीं है।
एयरपोर्ट के लिए महिलाएं भी बोलीं
डा. गिरधर शर्मा, अखिलेश कुमार, पद्म चंद जैन, रवींद्र सिंह, जे ओम प्रकाश, सुखदेव सिंह, गौरव चंद्र, विराग, गगन कुमार, महेश शर्मा, भगवान दास, महिपाल यादव, राज अवतार, महेश चंद्र, शांति स्वरूप, रामबरन यादव, गौरव तिवारी, राजेंद्र सिंह, अमित जैन, रमाशंकर, वीके अग्रवाल, श्रृजल जैन, राम किशन भारती, सोमवीर सिंह, अरशद अली, संजय यादव, नरेश परिहार, नीतेश गुप्ता, अनिल पालीवाल, जय सिंह राठौर, राम बाबू अग्रवाल, संतोष भारती, मोहित परिहार, देवेंद्र सिसौदिया, महेश शुक्ला, देवेंद्र सिंह, अरविंद सिंह सहित 400 से ज्यादा लोगों ने एयरपोर्ट की पैरवी करते हुए जनप्रतिनिधियों पर आक्रोश जताया। विकास के इस मुद्दे पर नीरू, रचना, लक्ष्मी, राखी जैन, रानू ने भी प्रतिक्रिया दी।
क्रमिक अनशन से आंदोलन का प्रस्ताव
अंतर्राष्ट्रीय कमेंटेटर और विश्वविद्यालय के रिटायर्ड शिक्षक डा. एसवीएस चौहान ने कहा कि आगरा को एयरपोर्ट के लिए लालीपॉप दिया जाता रहा है। हमेशा धोखा मिला है। आगरा की कमजोर राजनीति हमारा हक होते हुए भी एयरपोर्ट नहीं दिला पा रही। जनता को ही आगे आना होगा। शहीद स्मारक से एयरपोर्ट के लिए आंदोलन की शुरुआत होनी चाहिए। क्रमिक अनशन अगर किया जाए तो वह पहले सात दिन तक अनशन करने को तैयार हैं। यह आगरा के हक की बात है। सरकार अगर सैफई एयरपोर्ट ले जाती है तो बेहतर होगा कि ताज को भी सैफई ही ले जाया जाए।
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जनवरी में एयरपोर्ट अथारिटी द्वारा भदरौली में सर्वे किया गया तो किसानों को आजादी के 69 साल बाद विकास की उम्मीद नजर आई। सर्वे के बाद से ही लोग अपनी जमीनें देने का मन चुका थे। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन को भी एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीनें देने की पेशकश कर दी है।
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विधानसभा में हंगामे की भेंट चढ़ा एयरपोर्ट का सवाल
आगरा। विधानसभा सत्र में एत्मादपुर के विधायक डा. धर्मपाल सिंह ने नियम 56 के तहत आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का सवाल पूछा था, लेकिन भारी हंगामे और शोरशराबे के बीच इस सवाल का जवाब नहीं आ सका। विधायक ने लखनऊ से फोन पर बताया कि वह 30 अगस्त को एयरपोर्ट का सवाल फिर से विधानसभा में उठाएंगे।
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आने दो चुनाव, सिखा देंगे सबक
बाह और भदरौली के लोगों ने एयरपोर्ट को लेकर जनप्रतिनिधियों के सैफई समर्थक बयानों पर आक्र ोश जताया। भदरौली, रूदमुली के राजेंद्र सिंह, हुकुम सिंह, राकेश परिहार, पद्म चंद के साथ दर्जनों लोगों ने बैठक कर एयरपोर्ट को भदरौली के विकास की चाबी बताया। कहा कि बाह तहसील का विकास अब तक नहीं हो पाया है। भदरौली में पहली बार विकास की बात हुई है, लेकिन जनप्रतिनिधि सत्ता के डर से अपने घर की बात भी नहीं कह पा रहे। एयरपोर्ट बना तो बाह भदरौली की किस्मत ही बदल जाएगी। रही बात जन प्रतिनिधियों की, तो चुनाव ज्यादा दूर नहीं है।
एयरपोर्ट के लिए महिलाएं भी बोलीं
डा. गिरधर शर्मा, अखिलेश कुमार, पद्म चंद जैन, रवींद्र सिंह, जे ओम प्रकाश, सुखदेव सिंह, गौरव चंद्र, विराग, गगन कुमार, महेश शर्मा, भगवान दास, महिपाल यादव, राज अवतार, महेश चंद्र, शांति स्वरूप, रामबरन यादव, गौरव तिवारी, राजेंद्र सिंह, अमित जैन, रमाशंकर, वीके अग्रवाल, श्रृजल जैन, राम किशन भारती, सोमवीर सिंह, अरशद अली, संजय यादव, नरेश परिहार, नीतेश गुप्ता, अनिल पालीवाल, जय सिंह राठौर, राम बाबू अग्रवाल, संतोष भारती, मोहित परिहार, देवेंद्र सिसौदिया, महेश शुक्ला, देवेंद्र सिंह, अरविंद सिंह सहित 400 से ज्यादा लोगों ने एयरपोर्ट की पैरवी करते हुए जनप्रतिनिधियों पर आक्रोश जताया। विकास के इस मुद्दे पर नीरू, रचना, लक्ष्मी, राखी जैन, रानू ने भी प्रतिक्रिया दी।
क्रमिक अनशन से आंदोलन का प्रस्ताव
अंतर्राष्ट्रीय कमेंटेटर और विश्वविद्यालय के रिटायर्ड शिक्षक डा. एसवीएस चौहान ने कहा कि आगरा को एयरपोर्ट के लिए लालीपॉप दिया जाता रहा है। हमेशा धोखा मिला है। आगरा की कमजोर राजनीति हमारा हक होते हुए भी एयरपोर्ट नहीं दिला पा रही। जनता को ही आगे आना होगा। शहीद स्मारक से एयरपोर्ट के लिए आंदोलन की शुरुआत होनी चाहिए। क्रमिक अनशन अगर किया जाए तो वह पहले सात दिन तक अनशन करने को तैयार हैं। यह आगरा के हक की बात है। सरकार अगर सैफई एयरपोर्ट ले जाती है तो बेहतर होगा कि ताज को भी सैफई ही ले जाया जाए।