बाह। चंबल नदी घड़ियालों का घर बन गई है। यहां इनका कुनबा साल दर साल बढ़ रहा है। 10 साल में इनकी संख्या 905 से बढ़कर 2176 हो गई है। जनवरी के पहले सप्ताह तक प्रजनन सीजन चलेगा। उसके बाद नेस्टिंग होगी। इसके मद्देनजर वन विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है।
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड ने बताया कि डायनासोर प्रजाति के जीव हवा में उड़ने वाले, जमीन पर चलने वाले और पानी में रहने वाले थे। घड़ियाल उनकी जलीय प्रजाति है। इनके प्रजनन का मौसम शुरू होने के साथ ही चंबल नदी में इनकी निगरानी बढ़ा दी गई है। घड़ियालों के शोधार्थी जैलाबुद्दीन ने बताया कि घड़ियाल डायनासोर प्रजाति के हैं। चंबल में इनका कुनबा लगातार बढ रहा है। आगरा के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि डायनासोर प्रजाति के घड़ियालों की चंबल में वंशवृद्धि हो रही है। गणना का काम चल रहा है। रेंजर के मुताबिक पिछले 10 साल में चंबल में घड़ियालों की संख्या ढाई गुना बढ़ गई है। बताया कि मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के संयुक्त सर्वे के मुताबिक 2012 में 905, 2013 में 948, 2014 में 1088, 2015 में 1151, 2016 में 1162, 2017 में 1255, 2018 में 1681, 2019 में 1876, 2020 में 1859, 2021 में 2176 घड़ियाल मिले थे।