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जलमग्न हुआ शहर, घरों और दुकानों में घुसा गंदा पानी
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 12 Jul 2016 12:44 AM IST
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बाढ़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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पांच घंटे की बारिश से शहर जलमग्न हो गया। कालोनियां ताल-तैलया बन गईं और सड़कें नाला। सड़कों पर दो से चार फुट तक पानी भर गया। गलियां लबालब हो गईं। घरों और दुकानों में नाले का गंदा पानी घुस गया। कई घरों का सामान पानी के साथ बह गया। जलभराव की वजह से घरों में कैद होकर रह गए। पानी की निकासी न होने से अधिकांश क्षेत्रों में देर शाम तक ऐसी ही स्थिति रही। बड़े नालों के आसपास के क्षेत्रों में तो हालात और भी नारकीय थे। कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसा नजारा था।
पॉश कालोनियां भी जलमग्न
सालों बाद हुई मूसलाधार बारिश की वजह से बस्तियां ही नहीं शहर की पॉश कालोनियों में भी जलभराव हो गया। लॉयर्स कालोनी, सूर्य नगर, कमला नगर, विजय नगर, खंदारी आदि कालोनियों में न सिर्फ जलभराव हुआ बल्कि घरों में भी पानी घुस गया। ड्राइंग रूम से लेकर किचिन तक में नाले का गंदा पानी भर गया। इसके अलावा शास्त्रीपुरम ए ब्लॉक, बल्केश्वर, राधा नगर, लाल मजिस्द (वाटर वर्क्स), कमला नगर जी ब्लॉक, अंबेडकर (टेढ़ी बगिया), दौरेठा, अवधपुरी, सुभाष नगर, मारुति एस्टेट, केदार नगर, बालाजी पुरम, साकेत कालोनी, गोविंद नगर, बिल्लोचपुरा, अर्जुन नगर, डिफेंस कालोनी, मधुनगर, जगदीशुपरा, दुर्गा नगर, सत्य नगर, हनुमान नगर, नगला पदी आदि क्षेत्रों में बने घरों में पानी घुस गया। बारिश बंद होने के कई घंटे बाद तक लोग घरों में से गंदा पानी निकालते रहे।
इन इलाकों में घंटों रहा जलभराव
यमुनापार के सती नगर, इस्लाम नगर, महावीर नगर, शाहदरा और गोकुलपुरा, बेसन बस्ती, अशोक नगर, राजामंडी, मदिया कटरा, तोता का ताल, सूरसदन चौराहा, सेंट जोंस चौराहा, आवास विकास, अमर बाग, राहुल विहार, राधे ग्रीन, नगला बघेल, ताजगंज, बिजलीघर चौराहा, सदरभट्टी आदि क्षेत्रों में घंटों जलभराव रहा।
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यहां सड़कें हुईं जलमग्न
मारुति एस्टेट चौराहा से मानस नगर, प्रताप नगर, साकेत कालोनी, न्यू शाहगंज, कोठी मीना बाजार मैदान तक, एमजी रोड पर हरीपर्वत से दीवानी चौराहा तक, सेंट चौराहा से किदवई पार्क मोड़ तक, सेंट जोंस चौराहा से बाग मुजफ्फर खां, सूरसदन चौराहा से चर्च रोड तक, सूरसदन चौराहा से मेट्रो होटल तक, दयालबाग में अमर विहार रोड, साकेत कालोनी से हसनपुरा रोड, बोदला-लोहामंडी रोड, कमला नगर मुख्य रोड, मुगल रोड आदि रोड़ों पर जलभराव रहा।
गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
घरों में गंदा पानी घुसने पर रामनगर और बिचपुरी रोड के लोगों का गुस्सा फूट गया। इन लोगों का आरोप था कि नगर निगम द्वारा नालों की सफाई न कराए जाने की वजह से यह हालात बने हैं। सोमवार सुबह हुई पहली बारिश के बाद ही नालों का गंदा पानी रामनगर क्षेत्र के लोगों के घरों में घुस गया था। यहां के लोगों ने सुबह लगभग साढ़े आठ बजे शाहगंज रोड पर जाम लगा दिया। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग एक घंटे तक रोड जाम रही। इधर, बिचपुरी रोड किनारे बने घरों और दुकानों में गंदा पानी भरने से यहां के लोगों ने भी बिचपुरी रोड पर जाम लगाया।
पुलिस चौकी तक डूबी
धार्मिक स्थल और सरकारी भवनों भी घंटों जलभराव रहा। शाहगंज स्थित गुरुद्वारा में पानी भर गया। मूसलाधार बारिश में शहर के अन्य इलाके तो दूर नगर निगम परिसर भी जलमग्न हो गया। गोकुलपुरा पुलिस सहित शहर की तमाम पुलिस चौकियों में जलभराव घंटों जलभराव रहा।
नालों में घुसे वाहन
पानी में नाले और सड़क एक हो जाने पर वाहन चालकों को सड़क का अंदाजा ही नहीं रहा। कई जगह कार और दोपहिया वाहन चालक अपने वाहन सहित नाले में घुस गए। बड़ी मुश्किल से इन्हें निकाला जा सका। कइयों के काफी चोटें भी आईं।
खत्म हुए तालाब, इसलिए ऐसे हालात
आगरा। सोमवार को न सड़क पता चल रही थी और न नाले। गलियों में भी कई-कई फुट तक पानी भर गया। मगर, ये हालात ऐसे ही नहीं बने। इससे पहले भी इससे ज्यादा बारिश हुई लेकिन हालात इतने नाजुक नहीं रहे। पूर्व में जलभराव तो होता था लेकिन कुछ ही देर में सड़कें साफ हो जाती थीं। दरअसल, शहर का फैलाव होने की वजह से अधिकांश क्षेत्र में जमीन पक्की हो कर दी गई है। तालाबों को पाटकर बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई हैं। ऐसे में पानी को निकासी के लिए जगह नहीं मिल रही। दस साल पहले की क्षमता वाले नालों से जितना पानी निकल सकता है, उतना धीरे-धीरे निकलता रहता है। इसमें घंटों लग जाते हैं। इतनी देर तक शहर में ही पानी भरा रहता है। पर्यावरणविद डीके जोशी का कहना है, पूर्व में शहर में बड़े-बड़े तालाब थे, जब भी बारिश होती थी तो इन क्षेत्रों का पानी नजदीकी तालाब में भर जाता था। इसलिए सड़कों पर ज्यादा देर तक पानी नहीं दिखता था। उनका कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से शहर के तालाब पर इमारतें खड़ी करा दी गई हैं।
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पॉश कालोनियां भी जलमग्न
सालों बाद हुई मूसलाधार बारिश की वजह से बस्तियां ही नहीं शहर की पॉश कालोनियों में भी जलभराव हो गया। लॉयर्स कालोनी, सूर्य नगर, कमला नगर, विजय नगर, खंदारी आदि कालोनियों में न सिर्फ जलभराव हुआ बल्कि घरों में भी पानी घुस गया। ड्राइंग रूम से लेकर किचिन तक में नाले का गंदा पानी भर गया। इसके अलावा शास्त्रीपुरम ए ब्लॉक, बल्केश्वर, राधा नगर, लाल मजिस्द (वाटर वर्क्स), कमला नगर जी ब्लॉक, अंबेडकर (टेढ़ी बगिया), दौरेठा, अवधपुरी, सुभाष नगर, मारुति एस्टेट, केदार नगर, बालाजी पुरम, साकेत कालोनी, गोविंद नगर, बिल्लोचपुरा, अर्जुन नगर, डिफेंस कालोनी, मधुनगर, जगदीशुपरा, दुर्गा नगर, सत्य नगर, हनुमान नगर, नगला पदी आदि क्षेत्रों में बने घरों में पानी घुस गया। बारिश बंद होने के कई घंटे बाद तक लोग घरों में से गंदा पानी निकालते रहे।
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इन इलाकों में घंटों रहा जलभराव
यमुनापार के सती नगर, इस्लाम नगर, महावीर नगर, शाहदरा और गोकुलपुरा, बेसन बस्ती, अशोक नगर, राजामंडी, मदिया कटरा, तोता का ताल, सूरसदन चौराहा, सेंट जोंस चौराहा, आवास विकास, अमर बाग, राहुल विहार, राधे ग्रीन, नगला बघेल, ताजगंज, बिजलीघर चौराहा, सदरभट्टी आदि क्षेत्रों में घंटों जलभराव रहा।
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यहां सड़कें हुईं जलमग्न
मारुति एस्टेट चौराहा से मानस नगर, प्रताप नगर, साकेत कालोनी, न्यू शाहगंज, कोठी मीना बाजार मैदान तक, एमजी रोड पर हरीपर्वत से दीवानी चौराहा तक, सेंट चौराहा से किदवई पार्क मोड़ तक, सेंट जोंस चौराहा से बाग मुजफ्फर खां, सूरसदन चौराहा से चर्च रोड तक, सूरसदन चौराहा से मेट्रो होटल तक, दयालबाग में अमर विहार रोड, साकेत कालोनी से हसनपुरा रोड, बोदला-लोहामंडी रोड, कमला नगर मुख्य रोड, मुगल रोड आदि रोड़ों पर जलभराव रहा।
गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
घरों में गंदा पानी घुसने पर रामनगर और बिचपुरी रोड के लोगों का गुस्सा फूट गया। इन लोगों का आरोप था कि नगर निगम द्वारा नालों की सफाई न कराए जाने की वजह से यह हालात बने हैं। सोमवार सुबह हुई पहली बारिश के बाद ही नालों का गंदा पानी रामनगर क्षेत्र के लोगों के घरों में घुस गया था। यहां के लोगों ने सुबह लगभग साढ़े आठ बजे शाहगंज रोड पर जाम लगा दिया। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग एक घंटे तक रोड जाम रही। इधर, बिचपुरी रोड किनारे बने घरों और दुकानों में गंदा पानी भरने से यहां के लोगों ने भी बिचपुरी रोड पर जाम लगाया।
पुलिस चौकी तक डूबी
धार्मिक स्थल और सरकारी भवनों भी घंटों जलभराव रहा। शाहगंज स्थित गुरुद्वारा में पानी भर गया। मूसलाधार बारिश में शहर के अन्य इलाके तो दूर नगर निगम परिसर भी जलमग्न हो गया। गोकुलपुरा पुलिस सहित शहर की तमाम पुलिस चौकियों में जलभराव घंटों जलभराव रहा।
नालों में घुसे वाहन
पानी में नाले और सड़क एक हो जाने पर वाहन चालकों को सड़क का अंदाजा ही नहीं रहा। कई जगह कार और दोपहिया वाहन चालक अपने वाहन सहित नाले में घुस गए। बड़ी मुश्किल से इन्हें निकाला जा सका। कइयों के काफी चोटें भी आईं।
खत्म हुए तालाब, इसलिए ऐसे हालात
आगरा। सोमवार को न सड़क पता चल रही थी और न नाले। गलियों में भी कई-कई फुट तक पानी भर गया। मगर, ये हालात ऐसे ही नहीं बने। इससे पहले भी इससे ज्यादा बारिश हुई लेकिन हालात इतने नाजुक नहीं रहे। पूर्व में जलभराव तो होता था लेकिन कुछ ही देर में सड़कें साफ हो जाती थीं। दरअसल, शहर का फैलाव होने की वजह से अधिकांश क्षेत्र में जमीन पक्की हो कर दी गई है। तालाबों को पाटकर बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई हैं। ऐसे में पानी को निकासी के लिए जगह नहीं मिल रही। दस साल पहले की क्षमता वाले नालों से जितना पानी निकल सकता है, उतना धीरे-धीरे निकलता रहता है। इसमें घंटों लग जाते हैं। इतनी देर तक शहर में ही पानी भरा रहता है। पर्यावरणविद डीके जोशी का कहना है, पूर्व में शहर में बड़े-बड़े तालाब थे, जब भी बारिश होती थी तो इन क्षेत्रों का पानी नजदीकी तालाब में भर जाता था। इसलिए सड़कों पर ज्यादा देर तक पानी नहीं दिखता था। उनका कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से शहर के तालाब पर इमारतें खड़ी करा दी गई हैं।