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Agra News: आगरा डायसिस के बिशप को हाईकोर्ट से मिला स्टे, बयान दर्ज करने पहुंचे विवेचक

Thu, 14 May 2026 03:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2026 03:03 AM IST
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The Bishop of the Diocese of Agra has been granted a stay by the High Court, and the investigators have arrived to record their statements.
आगरा। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई) के आगरा डायसिस के बिशप विजय कुमार नायक समेत अन्य पर संस्था के धन का गबन कर निजी लाभ लेने और धन को धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। इस मामले में थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बिशप को मामले में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्थगनादेश (स्टे) मिल गया है। बुधवार को बयान दर्ज करने पहुंचे विवेचक को बिशप की ओर से स्टे की कापी साैंपी गई।
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हाथरस के थाना सादाबाद क्षेत्र निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जोगेंद्र सिंह उर्फ जुगेंद्र सिंह के प्रार्थनापत्र पर न्यायालय के आदेश पर थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया गया था कि विजय कुमार नायक मूल रूप से ओडिशा के जिला कंधामाल के दारिंगबाड़ी क्षेत्र के निवासी हैं। वर्तमान में आगरा डायसिस के बिशप हैं। उन्होंने फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आगरा डायसिस के खातों से धन का गबन किया। संस्था के धन को अवैध रूप से अपने पैतृक स्थान दारिंगबाड़ी ट्रांसफर कर निजी लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है।
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यह भी आरोप था कि आगरा डायसिस के खातों से धन निकालकर ओडिशा के दारिंगबाड़ी में सेंट पीटर्स इंग्लिश मीडियम पब्लिक स्कूल का निर्माण कराया जा रहा है। संस्था के फंड को अपने रिश्तेदारों व अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर किया गया। उस धन का उपयोग कथित रूप से गरीब और आदिवासी परिवारों के धर्मांतरण में किया जा रहा है।
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मामले की जांच दिल्ली गेट चाैकी प्रभारी साैरभ तिवारी कर रहे हैं। बुधवार को थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा और विवेचक आगरा डायसिस पहुंचे। आरोप के संबंध में बयान दर्ज कराने को कहा। थाना प्रभारी ने बताया कि बिशप की ओर से गिरफ्तारी पर मिले स्टे की कापी साैंपी गई है। उन्हें बयान दिलाने के लिए बुलाया है। उन्होंने आरोप निराधार बताए। कहा कि बोर्ड की अनुमति से ही धन उपयोग किया जाता है। इस पर पुलिस ने उन्होंने साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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