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Agra News: मोहल्ला रामबाग का प्राचीन गेट हुआ धराशाई, बाल-बाल बचे लोग
Sun, 22 Jun 2025 09:16 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 22 Jun 2025 09:16 PM IST
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मैनपुरी। शहर के कचहरी रोड स्थित मोहल्ला रामबाग को जाने वाला आजादी से पहले का एक प्राचीन और जर्जर गेट रविवार दोपहर अचानक ढह गया। इस हादसे में कुछ राहगीरों की जान बाल-बाल बच गई। गेट गिरने से मोहल्ले का रास्ता पूरी तरह से बाधित हो गया है और स्थानीय लोग दहशत में हैं।
क्रिश्चियन तिराहे के पास स्थित मोहल्ला रामबाग का यह मुख्य गेट लंबे समय से जर्जर हालत में था। स्थानीय लोगों ने बताया कि गेट के पास ही एक बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें दो दिन पहले हुई बरसात का पानी भर गया था। इसी वजह से गेट और भी कमजोर हो गया था। रविवार दोपहर जब कुछ लोग गेट के नीचे से गुजर रहे थे, तभी यह अचानक धराशाई हो गया। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका प्रशासन को गेट की जर्जर हालत के बारे में सूचित किया था, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
यह घटना जाको राखे साइयां, मार सके न कोय कहावत को चरितार्थ करती है। जिस समय यह प्राचीन गेट गिरा, उससे ठीक पहले बेसमेंट में दो मजदूर काम कर रहे थे। तभी गेट के नीचे से गुजर रहे दो राहगीरों ने गेट में कुछ हलचल महसूस की और मजदूरों को तुरंत बाहर निकलने को कहा। जैसे ही दोनों मजदूर बाहर निकले, कुछ ही क्षणों में पूरा गेट भरभरा कर गिर गया। इस तरह चार लोगों की जान चमत्कारिक रूप से बच गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है और वे तत्काल रास्ते को साफ करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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क्रिश्चियन तिराहे के पास स्थित मोहल्ला रामबाग का यह मुख्य गेट लंबे समय से जर्जर हालत में था। स्थानीय लोगों ने बताया कि गेट के पास ही एक बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें दो दिन पहले हुई बरसात का पानी भर गया था। इसी वजह से गेट और भी कमजोर हो गया था। रविवार दोपहर जब कुछ लोग गेट के नीचे से गुजर रहे थे, तभी यह अचानक धराशाई हो गया। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका प्रशासन को गेट की जर्जर हालत के बारे में सूचित किया था, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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यह घटना जाको राखे साइयां, मार सके न कोय कहावत को चरितार्थ करती है। जिस समय यह प्राचीन गेट गिरा, उससे ठीक पहले बेसमेंट में दो मजदूर काम कर रहे थे। तभी गेट के नीचे से गुजर रहे दो राहगीरों ने गेट में कुछ हलचल महसूस की और मजदूरों को तुरंत बाहर निकलने को कहा। जैसे ही दोनों मजदूर बाहर निकले, कुछ ही क्षणों में पूरा गेट भरभरा कर गिर गया। इस तरह चार लोगों की जान चमत्कारिक रूप से बच गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है और वे तत्काल रास्ते को साफ करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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