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Agra News: नगर निगम की लापरवाही से हुआ हादसा, एक हजार दुकानों पर संकट
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सुभाष बाजार में बारिश के दौरान नाले में गिरी दुकान। संवाद
आगरा। सुभाष बाजार में 20 फीट गहरे नाले के ऊपर बनी दुकान के ढह जाने से हुए हादसे के पीछे नगर निगम की लापरवाही है। सुभाष बाजार में जो दुकान नाले में लिंटर ढहने से गिरी, वह नगर निगम की है। एक महीने पहले 9 जून को व्यापारियों ने नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य से मिलकर जर्जर प्लेटफॉर्म का पुन: निर्माण कराने की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि अगर निगम नहीं बना सके तो हादसे की आशंका देखते हुए व्यापारियों को ही बनाने की अनुमति दी जाए। एक माह में नगर आयुक्त नाले के ऊपर बने प्लेटफॉर्म का निर्माण करा सके और न ही दुकानदारों को ही अनुमति दे पाए।
सुभाष बाजार व्यापार समिति के अध्यक्ष कुमार मंगवानी के साथ नाले पर बनी 8 दुकानों के दुकानदारों ने नगर आयुक्त से 9 जून को मुलाकात की थी। बुधवार को दोपहर में भी दुकानदार नगर आयुक्त से प्लेटफॉर्म का निर्माण कराने या दुकानदारों को ही अनुमति देने के लिए मिलने गए थे, लेकिन उनके न मिलने पर मार्केट में लौट आए। लौटते ही यह हादसा हो गया। व्यापार समिति के मनोज अग्रवाल ने बताया कि नाले के ऊपर दुकानों का निर्माण नगर निगम ने किया था। 8 दुकानों को निगम ने किराए पर दिया है। नाले के ऊपर लिंटर पड़ा है, जिस पर दुकानें बनी हैं। इसी लिंटर का प्लेटफॉर्म जर्जर हो गया था। इसमें दरारें आने पर उन्होंने 9 जून को नगर आयुक्त से मिलकर निर्माण की मांग की थी।
फैसला लेने में देरी बनी हादसे की वजह
आगरा व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरसनानी ने बताया कि एक महीने तक नगर आयुक्त के कार्यालय में ही उनका मांगपत्र रखा रहा। व्यापारियों ने चेताया था कि लिंटर जर्जर हो चुका है और किसी भी समय गिर सकता है। तेज बारिश में दुर्घटना हो सकती है। इसलिए जनहानि से बचने के लिए नगर निगम सीसी प्लेटफॉर्म का निर्माण कराए या फिर दुकानदारों को ही अनुमति दे दे। नगर निगम ने दोनों में से किसी विकल्प पर फैसला नहीं किया।
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नाले पर इनकी बनी हैं दुकानें
- सुभाष बाजार में नाले पर बनी दुकानों में नगर निगम के किराएदार भूषण कुमार, धर्मेंद्र कुमार, केवलराम, देवनदास, ज्ञानचंद, गुरुबख्श कौर, कमलजीत सिंह और सुशील कपूर हैं। यह सभी कई सालों से दुकानों पर काबिज हैं। हर माह निगम को 150 से 200 रुपये किराया दिया जाता है।
- नाले की दीवार टूटने से हो रहा कटान
- सुभाष बाजार में जिस जगह हादसा हुआ, वहां प्लेटफॉर्म तो जर्जर था ही, नाले की दीवारें भी गिर चुकी थीं। यहां पानी के तेज बहाव और नीचे कई फीट तक सिल्ट भरे होने के कारण मिट्टी का कटान भी हो रहा है। इसके आसपास के भवन भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
- हमने नाले पर बने और इसके पास के सभी जर्जर भवनों की सूची बनाने को कहा है। जर्जर भवनों को नोटिस देंगे, हालांकि इस दुकान को कोई नोटिस नहीं दिया गया था। व्यापारियों के ज्ञापन के बाद भी ढिलाई बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
व्यापारियों ने किया नगर आयुक्त का घेराव
दोपहर में हादसे के चंद मिनटों के बाद ही डीएम मनीष बंसल अधिकारियों और राहत दल के साथ मौके पर पहुंच गए, लेकिन नगर आयुक्त संतोष कुमार और निगम के अन्य अधिकारी शाम को पहुंचे। डीएम ने अपनी निगरानी में बचाव कार्य करवाया, लेकिन निगम की टीम गायब रही। व्यापारियों में इससे आक्रोश फैल गया। दोपहर बाद जब नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे तो व्यापारियों ने उनका घेराव कर लिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरसनानी ने कहा कि निगम की लापरवाही से हादसा हुआ है। नगर आयुक्त की मेज पर ही एक माह तक फाइल पड़ी रही। मेयर हेमलता दिवाकर इस हादसे पर नहीं पहुंचीं। इस पर सुभाष बाजार के व्यापारियों ने नाराजगी जताई।
नाले के सहारे बनी हैं एक हजार दुकानें
आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि नाले के सहारे कपड़े की एक हजार दुकानें यहां बनी हैं। 22 फीट गहरे नाले में हर समय 16 फीट से ज्यादा सिल्ट, कचरा, कतरन, कबाड़ भरा रहता है। उसके ऊपर पानी का तेज बहाव रहता है, जो रोशन मोहल्ला, सुभाष बाजार, मुखर्जी मार्केट, अजीत मार्केट तथा तखत सिंह मार्केट में बारिश में जलभराव की प्रमुख वजह है। दुकानों में करीब 6 फीट तक पानी भरता है। नगर निगम ने नाले की सफाई नहीं की, जिस वजह से सिल्ट के ऊपर नाले के पानी के तेज बहाव से कटान हो रहा है।
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सुभाष बाजार व्यापार समिति के अध्यक्ष कुमार मंगवानी के साथ नाले पर बनी 8 दुकानों के दुकानदारों ने नगर आयुक्त से 9 जून को मुलाकात की थी। बुधवार को दोपहर में भी दुकानदार नगर आयुक्त से प्लेटफॉर्म का निर्माण कराने या दुकानदारों को ही अनुमति देने के लिए मिलने गए थे, लेकिन उनके न मिलने पर मार्केट में लौट आए। लौटते ही यह हादसा हो गया। व्यापार समिति के मनोज अग्रवाल ने बताया कि नाले के ऊपर दुकानों का निर्माण नगर निगम ने किया था। 8 दुकानों को निगम ने किराए पर दिया है। नाले के ऊपर लिंटर पड़ा है, जिस पर दुकानें बनी हैं। इसी लिंटर का प्लेटफॉर्म जर्जर हो गया था। इसमें दरारें आने पर उन्होंने 9 जून को नगर आयुक्त से मिलकर निर्माण की मांग की थी।
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फैसला लेने में देरी बनी हादसे की वजह
आगरा व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरसनानी ने बताया कि एक महीने तक नगर आयुक्त के कार्यालय में ही उनका मांगपत्र रखा रहा। व्यापारियों ने चेताया था कि लिंटर जर्जर हो चुका है और किसी भी समय गिर सकता है। तेज बारिश में दुर्घटना हो सकती है। इसलिए जनहानि से बचने के लिए नगर निगम सीसी प्लेटफॉर्म का निर्माण कराए या फिर दुकानदारों को ही अनुमति दे दे। नगर निगम ने दोनों में से किसी विकल्प पर फैसला नहीं किया।
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नाले पर इनकी बनी हैं दुकानें
- सुभाष बाजार में नाले पर बनी दुकानों में नगर निगम के किराएदार भूषण कुमार, धर्मेंद्र कुमार, केवलराम, देवनदास, ज्ञानचंद, गुरुबख्श कौर, कमलजीत सिंह और सुशील कपूर हैं। यह सभी कई सालों से दुकानों पर काबिज हैं। हर माह निगम को 150 से 200 रुपये किराया दिया जाता है।
- नाले की दीवार टूटने से हो रहा कटान
- सुभाष बाजार में जिस जगह हादसा हुआ, वहां प्लेटफॉर्म तो जर्जर था ही, नाले की दीवारें भी गिर चुकी थीं। यहां पानी के तेज बहाव और नीचे कई फीट तक सिल्ट भरे होने के कारण मिट्टी का कटान भी हो रहा है। इसके आसपास के भवन भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
- हमने नाले पर बने और इसके पास के सभी जर्जर भवनों की सूची बनाने को कहा है। जर्जर भवनों को नोटिस देंगे, हालांकि इस दुकान को कोई नोटिस नहीं दिया गया था। व्यापारियों के ज्ञापन के बाद भी ढिलाई बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
व्यापारियों ने किया नगर आयुक्त का घेराव
दोपहर में हादसे के चंद मिनटों के बाद ही डीएम मनीष बंसल अधिकारियों और राहत दल के साथ मौके पर पहुंच गए, लेकिन नगर आयुक्त संतोष कुमार और निगम के अन्य अधिकारी शाम को पहुंचे। डीएम ने अपनी निगरानी में बचाव कार्य करवाया, लेकिन निगम की टीम गायब रही। व्यापारियों में इससे आक्रोश फैल गया। दोपहर बाद जब नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे तो व्यापारियों ने उनका घेराव कर लिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरसनानी ने कहा कि निगम की लापरवाही से हादसा हुआ है। नगर आयुक्त की मेज पर ही एक माह तक फाइल पड़ी रही। मेयर हेमलता दिवाकर इस हादसे पर नहीं पहुंचीं। इस पर सुभाष बाजार के व्यापारियों ने नाराजगी जताई।
नाले के सहारे बनी हैं एक हजार दुकानें
आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि नाले के सहारे कपड़े की एक हजार दुकानें यहां बनी हैं। 22 फीट गहरे नाले में हर समय 16 फीट से ज्यादा सिल्ट, कचरा, कतरन, कबाड़ भरा रहता है। उसके ऊपर पानी का तेज बहाव रहता है, जो रोशन मोहल्ला, सुभाष बाजार, मुखर्जी मार्केट, अजीत मार्केट तथा तखत सिंह मार्केट में बारिश में जलभराव की प्रमुख वजह है। दुकानों में करीब 6 फीट तक पानी भरता है। नगर निगम ने नाले की सफाई नहीं की, जिस वजह से सिल्ट के ऊपर नाले के पानी के तेज बहाव से कटान हो रहा है।