Sharad Purnima 2022: ठाकुर केशवदेव और द्वारिकाधीश महाराज देंगे दिव्य दर्शन, मथुरा के मंदिरों में उमड़ेगी भीड़
शरद पूर्णिमा पर मथुरा के प्रमुख मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इस अवसर पर ठाकुरजी के दिव्य दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी।
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मथुरा में शरद पूर्णिमा पर रविवार की रात श्रीकृष्ण जन्मस्थान और मंदिर द्वारिकाधीश में विशेष दर्शन होंगे। प्राचीन केशव देव मंदिर में छप्पन भोग लगाएं जाएंगे। श्री दीर्घ विष्णु मंदिर प्रांगण में दीपदान महोत्सव होगा। उधर, वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी महारास की मुद्रा में बंसी बजाते हुए भक्तों को दर्शन देंगे।
द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि नौ अक्तूबर को सायंकाल 6:30 से 7:30 तक ठाकुरजी के विशेष दर्शन होंगे। श्री दीर्घ विष्णु मंदिर के सेवायत महंत कांतानाथ चतुर्वेदी ने बताया कि धवल चांदनी में श्री दीर्घ विष्णु भगवान एव पद्मालयी के अलौकिक दर्शन होंगे। कार्तिक माह में भगवान के समक्ष दीपदान का महत्व है।
शाम को दीपदान महोत्सव
श्री दीर्घ विष्णु मंदिर सेवा संस्थान द्वारा मंदिर प्रांगण में शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक प्रतिदिन सांयकाल 5:30 से दीपदान महोत्सव मनाया जाएगा। शरद पूर्णिमा, अहोई अष्टमी, एकादशी, धनतेरस, रूप चौदस, दीपावली, गोर्वधन पूजा, यम द्वितीया, गोपाष्टमी, अक्षय नवमी, कार्तिक पूर्णिमा पर भव्य आयोजन होंगे।
प्राचीन मंदिर ठाकुर श्रीकेशव देव के मीडिया प्रभारी नारायण प्रसाद शर्मा ने बताया कि मंदिर में रविवार को ठाकुर जी को छप्पन भोग लगाएं। प्रात: फूल बंगला सजाया जाएगा। भजन संध्या के साथ साथ रास का आयोजन होगा। शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं यहां आएंगे।
मनाई जाएगी कृपालु महाराज की जन्म शताब्दी
बरसाना में शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में नौ अक्तूबर को जगद्गुरु कृपालु महाराज की जन्म शताब्दी मनाई जाएगी। बरसाना में तोरण द्वारों के साथ रंगीली महल एवं कीर्ति मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों व फूलों से सजाया जा रहा है।
अवध क्षेत्र के मनगढ़ गांव में जन्मे कृपालु महाराज का जन्म शरद पूर्णिमा की अर्ध रात में 5 अक्तूबर 1922 को हुआ। वह बचपन में ही ब्रज में चले आए। यहां ब्रजवासियों में उन्हें राधा-कृष्ण दिखाई देने लगे।
उन्होंने बृजवासियों की सेवा में दवा और दुआ की व्यवस्था के लिए बरसाना में दिव्य कीर्ति मंदिर और रंगीली महल हॉस्पिटल एवं वृंदावन में प्रेम मंदिर व जगद्गुरु कृपालु चिकित्सालय की स्थापना की। जेकेपी संस्था विधवा, साधुओं, स्कूली छात्र-छात्राओं की सहायता करती है।