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Agra News: जमीन अधिग्रहण के लिए काश्तकारों ने लिखित में दी सहमति
Tue, 20 Aug 2024 11:49 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 20 Aug 2024 11:49 PM IST
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भोगांव। जसराजपुर में एक महिला को छोड़कर सभी किसानों ने भूमि अधिग्रहण पर अपनी सहमति लिखित रूप में तहसीलदार को दे दी है। जिन किसानों की खेती की जमीन अधिग्रहण की गई है। उनको सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मिलेगा। मंगलवार को एसडीएम संध्या शर्मा ने खुद ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें भूमि देने के लिए तैयार किया।
जनपद की सीमा से सटे गांव जसराजपुर की पहचान अब बौद्ध तीर्थ स्थल के रूप में होगी। जबसे इस बौद्ध स्थल पर दलाई लामा ने एशिया के दूसरे सबसे बड़े गज सतंभ में प्राण प्रतिष्ठा की है, तब से देश विदेश से आने वाले बौद्ध उपासक जसराजपुर में आकर भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं। इसे और अधिक उत्कृष्ट बनाने में केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने यहां बौद्ध सर्किट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
किसानों को उनकी भूमि का सर्किल रेट से ज्यादा मुआवजा दिए जाने के लिए लगभग 85 लोगों की सूची लगभग तैयार कर ली गई है। लेखपाल अरविंद कुमार श्रीवास्तव, कानूनगो महेंदर सिंह ने बताया कि अब सिर्फ प्रियंका नामक महिला की सहमति शेष रह गई है। महिला बिहार प्रदेश में रह रही है। उसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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पचास बीघा से अधिक में बनने वाले बौद्ध सर्किट के लिए जमीन सुरक्षित की जा चुकी है। सुरक्षित भूमि पर बनने वाले बौद्ध सर्किट में बौद्ध भिक्षुओं, अनुयायियों, उपासकों के रुकने के लिए आकर्षक भवन, होटल, पार्क, रिवर फ्रंट, रेस्टोरेंट, पूजा स्थल का निर्माण होगा। - कमलेश कुमार, तहसीलदार
शीघ्र ही बौद्ध सर्किट का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। उच्चाधिकारियों के साथ प्राइमरी पाठशाला में बैठक करके विचार विमर्श भी कर लिया है। चिन्हित की गई भूमि का भी निरीक्षण किया जा चुका है। - संध्या शर्मा, एसडीएम
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जनपद की सीमा से सटे गांव जसराजपुर की पहचान अब बौद्ध तीर्थ स्थल के रूप में होगी। जबसे इस बौद्ध स्थल पर दलाई लामा ने एशिया के दूसरे सबसे बड़े गज सतंभ में प्राण प्रतिष्ठा की है, तब से देश विदेश से आने वाले बौद्ध उपासक जसराजपुर में आकर भगवान बुद्ध की पूजा करते हैं। इसे और अधिक उत्कृष्ट बनाने में केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने यहां बौद्ध सर्किट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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किसानों को उनकी भूमि का सर्किल रेट से ज्यादा मुआवजा दिए जाने के लिए लगभग 85 लोगों की सूची लगभग तैयार कर ली गई है। लेखपाल अरविंद कुमार श्रीवास्तव, कानूनगो महेंदर सिंह ने बताया कि अब सिर्फ प्रियंका नामक महिला की सहमति शेष रह गई है। महिला बिहार प्रदेश में रह रही है। उसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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पचास बीघा से अधिक में बनने वाले बौद्ध सर्किट के लिए जमीन सुरक्षित की जा चुकी है। सुरक्षित भूमि पर बनने वाले बौद्ध सर्किट में बौद्ध भिक्षुओं, अनुयायियों, उपासकों के रुकने के लिए आकर्षक भवन, होटल, पार्क, रिवर फ्रंट, रेस्टोरेंट, पूजा स्थल का निर्माण होगा। - कमलेश कुमार, तहसीलदार
शीघ्र ही बौद्ध सर्किट का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। उच्चाधिकारियों के साथ प्राइमरी पाठशाला में बैठक करके विचार विमर्श भी कर लिया है। चिन्हित की गई भूमि का भी निरीक्षण किया जा चुका है। - संध्या शर्मा, एसडीएम