{"_id":"5d8334678ebc3e93ca6f7d14","slug":"tej-pratap-yadav-visits-vrindavan-in-new-look-up-political-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वृंदावन में 'नए रूप' में आए लालू के पुत्र तेज प्रताप, राधाकृष्ण लीलाओं पर की चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृंदावन में 'नए रूप' में आए लालू के पुत्र तेज प्रताप, राधाकृष्ण लीलाओं पर की चर्चा
Fri, 20 Sep 2019 10:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 20 Sep 2019 10:10 AM IST
विज्ञापन
श्रीश्याम सेवा आश्रम में बाल विदूषी शीघ्रता त्रिपाठी एवं भागवत वक्ता श्रीकांत त्रिपाठी के साथ तेज प्रताप यादव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव गांधी मार्ग स्थित श्रीश्याम सेवा आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत के आयोजन में शामिल हुए। मंगलवार रात को करीब 11 बजे गांधी मार्ग स्थित श्री श्याम सेवा आश्रम में तेज प्रताप यादव आए। यहां उन्होंने भागवत वक्ता शीघ्रता त्रिपाठी के साथ श्रीकांत त्रिपाठी से अध्यात्म चर्चा की।
करीब दो घंटे भागवत एवं भगवान राधाकृष्ण की लीलाओं पर चर्चा करने के बाद वह करीब रात के एक बजे चले गए। तेज प्रताप यहां नए रूप में लोगों को नजर आए। वह यहां लंबे घुंघराले बाल, माथे पर गोपी चंदन लगाए थे।
विज्ञापन
करीब दो घंटे भागवत एवं भगवान राधाकृष्ण की लीलाओं पर चर्चा करने के बाद वह करीब रात के एक बजे चले गए। तेज प्रताप यहां नए रूप में लोगों को नजर आए। वह यहां लंबे घुंघराले बाल, माथे पर गोपी चंदन लगाए थे।
विज्ञापन
विभिन्न प्रांतों से आए भागवत भक्त भी इसी आश्रम में ठहरे हुए हैं। उन्होंने जैसे ही तेज प्रताप को भक्ति के रंग में रंगा देखा वो खुश हुए और उनके साथ सेल्फी लेने और फोटो खिंचाने की होड़ सी लग गई।
भागवत प्रवक्ता श्रीकांत त्रिपाठी ने बताया कि उनकी भगवान राधाकृष्ण में बहुत आस्था है। वह यहां आकर भी उनकी लीलाओं पर ही चर्चा कर रहे थे।
भागवत प्रवक्ता श्रीकांत त्रिपाठी ने बताया कि उनकी भगवान राधाकृष्ण में बहुत आस्था है। वह यहां आकर भी उनकी लीलाओं पर ही चर्चा कर रहे थे।