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शिक्षक दिवस: आगरा के ये शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए, पढ़ाने का जज्बा बरकरार, दे रहे निशुल्क सेवाएं
Sun, 05 Sep 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 05 Sep 2021 12:03 AM IST
सार
ये तीनों शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बाद आरबीएस इंटर कॉलेज में निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन कक्षाएं भी लगाईं।
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सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. भोजराज शर्मा, एमएल शर्मा और अशोक अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कहा जाता है कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। आगरा जिले के शिक्षक इस उक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। आरबीएस इंटर कॉलेज से शिक्षक पद से सेवानिवृत्त तीन शिक्षक उदाहरण हैं। तीनों शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंच जाते हैं और कक्षाएं लेते हैं। विद्यार्थियों को निशुल्क पढ़ाते हैं। उनका कहना है कि जब तक वे विद्यालय आने में सक्षम में हैं, शिक्षण कार्य जारी रखेंगे।
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'पढ़ाने से सुख की अनुभूति होती है'
एमएल शर्मा प्रवक्ता पद से मार्च, 2018 में सेवानिवृत्त हुए। तीन साल हो गए लेकिन शिक्षण कार्य नहीं छोड़ा है। नियमित रूप से आरबीएस इंटर कॉलेज पहुंचते हैं। यहां वह इंटरमीडिएट के छात्रों को भूगोल और अंग्रेजी विषय पढ़ाते हैं। ऑनलाइन कक्षाओं में भी सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को पढ़ाने से सुख की भी अनुभूति होती है। विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। जब तक संबंधित विषय के शिक्षक नहीं आ जाते, पढ़ाते रहने की योजना है।
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विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाया
आरबीएस कॉलेज में भौतिक विज्ञान के शिक्षक रहे डॉ. भोजराज शर्मा ने गत सत्र में विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाया। अब कॉलेज खुलने पर भी पढ़ाने पहुंच रहे हैं। बोले कि जब तक शरीर साथ देगा वह खुद को विद्यार्थियों से अलग नहीं करेंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाकर उन्हें शांति मिलती है। वह 38 वर्ष से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इसे कैसे छोड़ दें। उनके इस कार्य में घरवालों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
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'जब तक मैं समर्थ हूं स्कूल में आता रहूंगा'
अशोक कुमार अग्रवाल विद्यार्थियों को वाणिज्य पढ़ाते हैं। वह आरबीएस इंटर कॉलेज में वर्ष 1988 में नियुक्त हुए थे। वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त होने के बाद से भी नियमित विद्यालय पहुंच रहे हैं। विद्यार्थियों की विषय से संबंधित समस्याओं का समाधान करते हैं। बोले कि वह घर पर अकेले रहते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षक साथियों के बीच रहने से उन्हें खुशी मिलती है। जब तक वह विद्यालय आने में समर्थ हैं, यह कार्य जारी रखेंगे।
शिक्षकों के 50 फीसदी से अधिक पद खाली
आरबीएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. यतेंद्र पाल सिंह का कहना है कि प्रवक्ता के सृजित 34 पदों में से 14 कार्यरत हैं, 20 रिक्त हैं। सहायक अध्यापक के 36 पदों में से महज 12 कार्यरत हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षकों के सहयोग देने से शिक्षण व्यवस्था बनाने में मदद मिल रही है।
अशोक कुमार अग्रवाल विद्यार्थियों को वाणिज्य पढ़ाते हैं। वह आरबीएस इंटर कॉलेज में वर्ष 1988 में नियुक्त हुए थे। वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त होने के बाद से भी नियमित विद्यालय पहुंच रहे हैं। विद्यार्थियों की विषय से संबंधित समस्याओं का समाधान करते हैं। बोले कि वह घर पर अकेले रहते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षक साथियों के बीच रहने से उन्हें खुशी मिलती है। जब तक वह विद्यालय आने में समर्थ हैं, यह कार्य जारी रखेंगे।
शिक्षकों के 50 फीसदी से अधिक पद खाली
आरबीएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. यतेंद्र पाल सिंह का कहना है कि प्रवक्ता के सृजित 34 पदों में से 14 कार्यरत हैं, 20 रिक्त हैं। सहायक अध्यापक के 36 पदों में से महज 12 कार्यरत हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षकों के सहयोग देने से शिक्षण व्यवस्था बनाने में मदद मिल रही है।