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टैंपटेशन रेस्टोरेंट में मिला बासी और फफूंद लगा खाना
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 22 Apr 2017 01:00 AM IST
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किचिन में गंदगी के बीच बन रहा था खाना,
- फोटो : अमर उजाला
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कमला नगर स्थित टैंपटेशन रेस्टोरेंट में छापा मारकर यहां से बासी खाना और घटिया मसाले पकड़े। इसके बाद दाल-सब्जी समेत मसालों के चार सैंपल लिए
टीम के सदस्यों ने बताया कि जब उन्होंने किचिन का हाल देखा तो दंग रह गए। गंदगी के बीच खाना बन रहा था, कर्मचारी शेफ की यूनिफार्म भी नहीं पहने हुए थे। फ्रीज खोलकर देखा तो उसमें बर्तनों में दाल, कढ़ाई पनीर भरा हुआ था। ये बासी था और फफूंद भी लगी हुई थी। जब मसालों पर नजर डाली तो ये किसी ब्रांडेड कंपनी के न होकर घटिया किस्म के थे। पास ही पिज्जा बनाया जा रहा थ। पिज्जाबेस को जांचा तो इसके बेस एक्सपायर्ड डेट के मिले। टीम ने यहां से दाल, कढ़ाई पनीर, हल्दी-मिर्च के सैंपल लिए हैं।
गंदगी मिलने पर सुधार नोटिस भी थमाया है। जिला अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि टैम्पटेशन रेस्टोरेंट में गंदगी के बीच खाना बन रहा था। बासी-फंफूंद लगा खाना मिला। एक्सपायर्ड डेट का पिज्जाबेस भी मिला। चार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, सुधार नोटिस भी जारी किया है। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश सिंह, अवधेश भारद्वाज, अजित सिंह, जितेंद्र सिंह रहे। इधर, टैंपटेशन रेस्टोरेंट के स्वामी मनीष अग्रवाल का कहना है कि पार्टी से बचा हुआ खाना था, जो फ्रीज में रखा था। मसाले खुद पिसवाते हैं, जो एक्सपायर्ड सामान मिला उसे फिंकवा दिया गया।
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साहब...ये तो नौकरों के लिए खाना है
बासी और फफूंद लगा खाना जब पकड़ा तो रेस्टोरेंट स्वामी ने जांच से बचने के लिए तिकड़म चलाई। अधिकारियों से बोला...साहब ये खाना तो नौकरों के लिए है। ये सुनकर जिला अभिहित अधिकारी भड़क गए, बोले नौकर क्या इंसान नहीं, जब नौकरों से इसके बारे में पूछा तो बताया कि इसे ही तड़का लगाकर ग्राहकों को परोसा जाता है।
150 की प्लेट और ये हाल
पॉश कॉलोनी कमला नगर में रेस्टोरेंट होने से कीमत भी मनमानी है। कढ़ाई पनीर की प्लेट लगभग एक प्लेट 150 रुपये है। ऐसे में पूरा पैसा देने के बाद भी ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकांश होटल-रेस्टोरेंट में यही किया जा रहा है।
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सुपारी निर्माताओं के यहां छापा, लिए सैंपल
- एफएसडीए ने दो सुपारी निर्माताओं के यहां छापा मारकर सैंपल जुटाए। पहली कार्रवाई सेंट जोंस चौराहा स्थित गौरव सुपारी के यहां छापा मारा। यहां सैक्रीन में मिलाकर मीठी सुपारी बनाई जा रही थी। टीम ने भुनी हुई सुपारी, पैकेट बंद गौरव सुपारी, गुड़ में बनी सुपारी और सैक्रीन समेत चार सैंपल लिए। इसके बाद टीम बल्केश्वर के लवली सुपारी के यहां पहुंची। यहां भी यही हाल मिला। टीम ने भुनी सुपारी, पैकेट बंद स्वीटी सुपारी और मीठी सुपारी के नमूना जुटाए।
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टीम के सदस्यों ने बताया कि जब उन्होंने किचिन का हाल देखा तो दंग रह गए। गंदगी के बीच खाना बन रहा था, कर्मचारी शेफ की यूनिफार्म भी नहीं पहने हुए थे। फ्रीज खोलकर देखा तो उसमें बर्तनों में दाल, कढ़ाई पनीर भरा हुआ था। ये बासी था और फफूंद भी लगी हुई थी। जब मसालों पर नजर डाली तो ये किसी ब्रांडेड कंपनी के न होकर घटिया किस्म के थे। पास ही पिज्जा बनाया जा रहा थ। पिज्जाबेस को जांचा तो इसके बेस एक्सपायर्ड डेट के मिले। टीम ने यहां से दाल, कढ़ाई पनीर, हल्दी-मिर्च के सैंपल लिए हैं।
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गंदगी मिलने पर सुधार नोटिस भी थमाया है। जिला अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि टैम्पटेशन रेस्टोरेंट में गंदगी के बीच खाना बन रहा था। बासी-फंफूंद लगा खाना मिला। एक्सपायर्ड डेट का पिज्जाबेस भी मिला। चार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, सुधार नोटिस भी जारी किया है। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश सिंह, अवधेश भारद्वाज, अजित सिंह, जितेंद्र सिंह रहे। इधर, टैंपटेशन रेस्टोरेंट के स्वामी मनीष अग्रवाल का कहना है कि पार्टी से बचा हुआ खाना था, जो फ्रीज में रखा था। मसाले खुद पिसवाते हैं, जो एक्सपायर्ड सामान मिला उसे फिंकवा दिया गया।
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साहब...ये तो नौकरों के लिए खाना है
बासी और फफूंद लगा खाना जब पकड़ा तो रेस्टोरेंट स्वामी ने जांच से बचने के लिए तिकड़म चलाई। अधिकारियों से बोला...साहब ये खाना तो नौकरों के लिए है। ये सुनकर जिला अभिहित अधिकारी भड़क गए, बोले नौकर क्या इंसान नहीं, जब नौकरों से इसके बारे में पूछा तो बताया कि इसे ही तड़का लगाकर ग्राहकों को परोसा जाता है।
150 की प्लेट और ये हाल
पॉश कॉलोनी कमला नगर में रेस्टोरेंट होने से कीमत भी मनमानी है। कढ़ाई पनीर की प्लेट लगभग एक प्लेट 150 रुपये है। ऐसे में पूरा पैसा देने के बाद भी ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकांश होटल-रेस्टोरेंट में यही किया जा रहा है।
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सुपारी निर्माताओं के यहां छापा, लिए सैंपल
- एफएसडीए ने दो सुपारी निर्माताओं के यहां छापा मारकर सैंपल जुटाए। पहली कार्रवाई सेंट जोंस चौराहा स्थित गौरव सुपारी के यहां छापा मारा। यहां सैक्रीन में मिलाकर मीठी सुपारी बनाई जा रही थी। टीम ने भुनी हुई सुपारी, पैकेट बंद गौरव सुपारी, गुड़ में बनी सुपारी और सैक्रीन समेत चार सैंपल लिए। इसके बाद टीम बल्केश्वर के लवली सुपारी के यहां पहुंची। यहां भी यही हाल मिला। टीम ने भुनी सुपारी, पैकेट बंद स्वीटी सुपारी और मीठी सुपारी के नमूना जुटाए।