आगरा: बम की झूठी सूचना देने वाला गिरफ्तार होते ही ताजमहल में लौटी बहार
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ताजमहल में बम होने की झूठी सूचना देने वाले विमल को जैसे ही पुलिस ने गिरफ्तार किया और इसकी सूचना सैलानियों को मिली, वैसे ही ताज में बहार लौट आई। आरोपी के पकड़े जाने से पहले ही यह साफ हो गया था कि ताज में कोई बम नहीं है। अफसर गुरुवार सुबह 11:30 बजे ताज से बाहर निकले, वैसे ही सैलानी अंदर पहुंच गए। इसके बाद शाम तक सैलानियों की लाइन टूटी नहीं।
ताज में पुलिस चेकिंग शुरू होने पर सैलानी काफी दूर चले गए थे। कोई पार्किंग में खड़ा हो गया तो होटल के अंदर चला गया। नजर सबकी ताज पर ही लगी थी। मालूम कर कर रहे थे कि क्या चल रहा है। इसके लिए कोई गाइड को फोन कर रहा था तो कोई टूर ऑपरेटर को। पुलिस के अधिकारियों ने 11:30 बजे यह बता दिया कि कोई खतरा नहीं है, यह सिर्फ एक खुराफात थी, खुराफाती गिरफ्तार कर लिया है। बस फिर क्या था, सैलानी फिर से ताज में पहुंच गए।
जब ताज को खाली कराया गया तो सैलानी दहशत में आ गए। पुलिसवालों से सवाल करने लगे कि क्या हुआ है, इस पर पुलिस ने उनसे कहा कि घबराएं नहीं, यह मॉक ड्रिल है, थोड़ी देर चलेगी। लेकिन जिस तरह एक के बाद एक पुलिस अफसर आते गए, सैलानियों को लग रहा था कि कोई बड़ा मामला है।
दो घंटे खौफ में रहे सैलानी
पुलिस कंट्रोल रूम पर एक कॉल आई और ताजमहल में दहशत पसर गई। दो घंटे तक सैलानी खौफ में रहे। पूर्वी और पश्चिमी गेट को बंद करके पुलिस ने दक्षिणी गेट से सैलानियों को बाहर निकाला। ताजमहल को खाली कराने के बाद सघन चेकिंग कराई गई। 11:30 बजे पुलिस अधिकारी जब यह कहते हुए बाहर निकले कि डरने की कोई बात नहीं है, तब सबकी जान में जान आई।
जिस समय ताज को खाली कराया, अंदर 600 सैलानी थे। बाहर हजारों की संख्या में थे। कोई गाड़ी पार्क कर रहा था तो कोई टिकट ले रहा था। इन्हें जैसे ही ताज खाली कराए जाने की सूचना मिली, ये दूर चले गए। दो घंटे की सघन चेकिंग के बाद ताजमहल को पर्यटकों के लिए खोला गया।