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ताज का शहर अब बनेगा स्मार्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:55 AM IST
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स्मार्ट सिटी
- फोटो : डेमो फोटो
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घर से बाहर निकलने पर न जाम सामना और गाड़ी खड़ी करने को न पार्किंग की समस्या। एक ही टिकट पर साइकिल, बस और मेट्रो तक का सफर। पुलिस के बूथ भी अत्याधुनिक। शहर की हर गतिविधि पर तीसरी आंख का पहरा भी। सड़कें साफ सुथरी, पर्यटन स्थलों पर सुकून। जी हां, आने वाले समय में आगरा ऐसा ही होगा। क्योंकि अब यह स्मार्ट सिटी जो बनने जा रहा है।
स्मार्ट सिटी में चयन होने के बाद शहर के विकास के लिए पांच वर्ष में करीब 1000 करोड़ रुपये की धनराशि मिलेगी। इसमें 500 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश सरकार/नगर निगम और 500 करोड़ रुपये भारत सरकार की ओर से मिलेंगे। यह राशि पांच वर्ष में मिलेगी। इस तरह शहर को प्रतिवर्ष करीब 200 करोड़ रुपये मिलेंगे।
प्रधानमंत्री की स्मार्ट सिटी परियोजना के दूसरे चरण में ताजमहल के शहर को चुन लिया गया है। इस योजना के तहत पांच वर्ष में कई बड़े सुधार होने है। स्मार्ट सिटी मेें चुने जाने के बाद नगर निगम के अधिकारी खुश हैं तो आम शहरियों को भी उम्मीद जागी है कि शायद अब यह शहर इंटरनेशनल सिटी की राह पर चल पड़ा है।
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ये होगा स्मार्ट शहर में
अरबन ट्रांसपोर्टेशन: स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में यातायात के स्मार्ट संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें इंटीग्रेटिड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सड़कों और चौराहों के अलावा प्रमुख स्थानों की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी की जाएगी। आटोमैटिक पार्किंग का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: शहर को स्वच्छ रखने के लिए हाईटेक सिस्टम बनाने का प्रस्ताव है। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि घरों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा नहीं उठता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर रखे डस्टबीनों में रेडियो फ्रीक्वैंसी (आरएफ) डिवाइस लगाई जाएंगी। इससे कूड़ा उठान पर सीधी नजर रखी जाएगी।
एरिया वेस्ट डेवलपमेंट: ताजमहल के आसपास के कुछ हिस्से, ताजमहल, आगरा किला और जामा मसजिद के आसपास के इलाकों शामिल किया गया है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन क्षेत्रों में हाईटेक सुविधाएं दी जाएंगी। ताजमहल और किले के बीच हेरीटेज वाक भी तैयार किया जाएगा।
एसपीवी के गठन की मांगी अनुमति
प्रधानमंत्री की स्मार्ट सिटी परियोजना में आगरा का चयन होने के बाद पहला कदम स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) का गठन करना है। एसपीवी के गठन की अनुमति प्रदेश सरकार को देनी है। नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि एसपीवी के गठन के लिए लखनऊ से आई टीम के साथ पिछले दिनों मंथन किया गया था। एसपीवी एक तरह की कंपनी होगी जो शहर के विकास के संबंध में योजना तैयार करेगी और विकास योजनाएं इसी टीम की देखरेख में संचालित होंगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि एसपीवी में कमिश्नर, डीएम/सीडीओ, नगर आयुक्त, उपाध्यक्ष प्राधिकरण, शासन स्तर के अधिकारी और भारत सरकार के स्तर के अधिकारी सदस्य होेते हैं। एसपीवी का कंपनी एक्ट तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यह कंपनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लागू कराने के लिए जिम्मेदार होती है। एसपीवी के गठन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शासन को भेज दी गई हैं।
‘शहर की जनता को धन्यवाद और बधाई दूंगा। आगरा को स्मार्ट सिटी में चुना गया है। आगरा का देश भर में 10वां नंबर है। शहर की सभी संस्थाओं, निगम के कर्मचारियों को धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने आलोचनाओं के दौर में भी विश्वास बनाए रखा। अब आगे बढ़ना है और इस योजना के तहत शहर को स्मार्ट बनाना है।’
इंद्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त
‘शहरवासियों को बधाई और शुभकानाएं, उनकी मेहनत से सफलता मिली है। स्कूल, सामाजिक संगठन, सरकारी गैरसरकारी सभी संस्थाओं को धन्यवाद देना चाहूंगा जिनके वोट से शहर को स्मार्ट सिटी योजना में स्थान मिला है। पहले स्मार्ट सिटी का खाका तैयार होगा, लेकिन इसके साथ हमारी भी परीक्षा है। ताकि हरेक पर्यटक ताजमहल को देखकर कहे वाह ताज और फिर कहे वाह आगरा।’
इंद्रजीत आर्य, महापौर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में आगरा का चयन हुआ है। इसके लिए मैं आगरा की जनता को बधाई देता हूं और शहरी विकास मंत्री वैंकया नायडू को धन्यवाद देता हूं। मैं मानता हूं कि स्मार्ट सिटी योजना से ऐतिहासिक पर्यटन स्थल आगरा का नाम विश्व पटल और तेजी से निखरेगा।
- रामशंकर कठेरिया, सांसद आगरा
आगरा का नाम स्मार्ट सिटी योजना में आया, बड़ा संतोष मिला। अब जरूरत हैं हमें बदलने की। अपने आचार-विचार और व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है। जब तक शहरवासी स्मार्ट नहीं बनेंगे तब तक स्मार्ट सिटी का सपना पूरा नहीं होगा।
वीरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट चेंबर
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स्मार्ट सिटी में चयन होने के बाद शहर के विकास के लिए पांच वर्ष में करीब 1000 करोड़ रुपये की धनराशि मिलेगी। इसमें 500 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश सरकार/नगर निगम और 500 करोड़ रुपये भारत सरकार की ओर से मिलेंगे। यह राशि पांच वर्ष में मिलेगी। इस तरह शहर को प्रतिवर्ष करीब 200 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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प्रधानमंत्री की स्मार्ट सिटी परियोजना के दूसरे चरण में ताजमहल के शहर को चुन लिया गया है। इस योजना के तहत पांच वर्ष में कई बड़े सुधार होने है। स्मार्ट सिटी मेें चुने जाने के बाद नगर निगम के अधिकारी खुश हैं तो आम शहरियों को भी उम्मीद जागी है कि शायद अब यह शहर इंटरनेशनल सिटी की राह पर चल पड़ा है।
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ये होगा स्मार्ट शहर में
अरबन ट्रांसपोर्टेशन: स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में यातायात के स्मार्ट संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें इंटीग्रेटिड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सड़कों और चौराहों के अलावा प्रमुख स्थानों की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी की जाएगी। आटोमैटिक पार्किंग का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: शहर को स्वच्छ रखने के लिए हाईटेक सिस्टम बनाने का प्रस्ताव है। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि घरों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा नहीं उठता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर रखे डस्टबीनों में रेडियो फ्रीक्वैंसी (आरएफ) डिवाइस लगाई जाएंगी। इससे कूड़ा उठान पर सीधी नजर रखी जाएगी।
एरिया वेस्ट डेवलपमेंट: ताजमहल के आसपास के कुछ हिस्से, ताजमहल, आगरा किला और जामा मसजिद के आसपास के इलाकों शामिल किया गया है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन क्षेत्रों में हाईटेक सुविधाएं दी जाएंगी। ताजमहल और किले के बीच हेरीटेज वाक भी तैयार किया जाएगा।
एसपीवी के गठन की मांगी अनुमति
प्रधानमंत्री की स्मार्ट सिटी परियोजना में आगरा का चयन होने के बाद पहला कदम स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) का गठन करना है। एसपीवी के गठन की अनुमति प्रदेश सरकार को देनी है। नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि एसपीवी के गठन के लिए लखनऊ से आई टीम के साथ पिछले दिनों मंथन किया गया था। एसपीवी एक तरह की कंपनी होगी जो शहर के विकास के संबंध में योजना तैयार करेगी और विकास योजनाएं इसी टीम की देखरेख में संचालित होंगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि एसपीवी में कमिश्नर, डीएम/सीडीओ, नगर आयुक्त, उपाध्यक्ष प्राधिकरण, शासन स्तर के अधिकारी और भारत सरकार के स्तर के अधिकारी सदस्य होेते हैं। एसपीवी का कंपनी एक्ट तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यह कंपनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लागू कराने के लिए जिम्मेदार होती है। एसपीवी के गठन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शासन को भेज दी गई हैं।
‘शहर की जनता को धन्यवाद और बधाई दूंगा। आगरा को स्मार्ट सिटी में चुना गया है। आगरा का देश भर में 10वां नंबर है। शहर की सभी संस्थाओं, निगम के कर्मचारियों को धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने आलोचनाओं के दौर में भी विश्वास बनाए रखा। अब आगे बढ़ना है और इस योजना के तहत शहर को स्मार्ट बनाना है।’
इंद्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त
‘शहरवासियों को बधाई और शुभकानाएं, उनकी मेहनत से सफलता मिली है। स्कूल, सामाजिक संगठन, सरकारी गैरसरकारी सभी संस्थाओं को धन्यवाद देना चाहूंगा जिनके वोट से शहर को स्मार्ट सिटी योजना में स्थान मिला है। पहले स्मार्ट सिटी का खाका तैयार होगा, लेकिन इसके साथ हमारी भी परीक्षा है। ताकि हरेक पर्यटक ताजमहल को देखकर कहे वाह ताज और फिर कहे वाह आगरा।’
इंद्रजीत आर्य, महापौर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में आगरा का चयन हुआ है। इसके लिए मैं आगरा की जनता को बधाई देता हूं और शहरी विकास मंत्री वैंकया नायडू को धन्यवाद देता हूं। मैं मानता हूं कि स्मार्ट सिटी योजना से ऐतिहासिक पर्यटन स्थल आगरा का नाम विश्व पटल और तेजी से निखरेगा।
- रामशंकर कठेरिया, सांसद आगरा
आगरा का नाम स्मार्ट सिटी योजना में आया, बड़ा संतोष मिला। अब जरूरत हैं हमें बदलने की। अपने आचार-विचार और व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है। जब तक शहरवासी स्मार्ट नहीं बनेंगे तब तक स्मार्ट सिटी का सपना पूरा नहीं होगा।
वीरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट चेंबर