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Agra News: सर्जन का नहीं पता, ईनएनटी सर्जन को भी ढूंढते रहे मरीज
Thu, 22 Feb 2024 10:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 22 Feb 2024 10:51 PM IST
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मैनपुरी। महाराजा तेजसिंह जिला अस्पताल में मर्ज का इलाज कराने आए मरीजों का दर्द और बढ़ जाता है। दरअसल घड़ी की सुई जैसे ही एक बजे के करीब पहुंचती है, डॉक्टर्स भी कुर्सी से उठ खड़े होते हैं। इसके बाद मरीजों को खाली कुर्सी बस तकलीफ ही देती है। बृहस्पतिवार को भी जिला अस्पताल में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
जिला अस्पताल के कमरा नंबर दो में सर्जन बैठते हैं। दवा काउंटर पर पर्चा बनवाने के दौरान सर्जन संबंधी समस्या होने पर कमरा नंबर दो में ही जाने की हिदायत भी दी जाती है। बृहस्पतिवार को भी कई मरीजों को यही हिदायत दी गई थी। मरीज कमरा नंबर दो में पहुंचे तो यहां कुर्सी खाली थी। दोपहर एक बजे के करीब कमरे के बाहर कई मरीज इंतजार कर रहे थे, लेकिन डॉक्टर का कोई अता पता नहीं था। आम दिनों में तो यहां सर्जन गौरव पारीक बैठते हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को वह यहां नहीं थे। मरीजों ने पूछने पर बताया कि वह काफी देर से डॉक्टर साहब के इंतजार में हैं, लेकिन वे नहीं आए।
इसके अगले ही कमरे में ईनएटी सर्जन नितिन कुमार की तैनाती है। कमरा नंबर तीन में उनकी कुर्सी भी दोपहर 1.15 बजे खाली पड़ी थी। वैसे तो अस्पताल का समय सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे का है। डॉक्टर्स की घड़ी शायद इतनी तेज चलती है कि उनके उठने का समय पहले ही हो जाता है। यहां भी मरीज दोपहर दो बजे तक ईएनटी सर्जन का इंतजार करते नजर आए। दिन भर जिला अस्पताल में मरीज इन्हीं परेशानियों से जूझते रहते हैं। परेशान होने के बाद कभी फिजीशियन से दवा लिखवाने के लिए पहुंच जाते हैं तो कभी वापस अपने घर ही लौट जाते हैं।
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केस एक : काशीराम कॉलोनी निवासी सावित्री के कोहनी में चोट लग गई थी। बाद में चोट में संक्रमण हो गया। वह सर्जन को दिखाने के लिए आई थीं। कमरा नंबर दो के बाहर दो घंटे इंतजार के बाद भी उन्हें डॉक्टर नहीं मिल सके।
केस दो : प्रजापति कॉलोनी निवासी सावित्री देवी के कान में इन दिनों कुछ तकलीफ चल रही है। कभी पस आने लगता है तो कभी कम सुनाई देता है। बृहस्पतिवार को वह दवा लेने पहुंची तो कमरा नंबर तीन में ईएनटी सर्जन उन्हें नहीं मिल सके।
केस तीन : नगला गुलाल निवासी ओमप्रकाश के पैर में कुछ दिनों पहले चोट लग गई थी। वे चोट ठीक न होने पर सर्जन को दिखाने के लिए जिला अस्पताल आए थे। यहां कमरा नंबर दो के बाहर काफी देर इंतजार किया, लेकिन डॉक्टर नहीं मिल सके।
सभी चिकित्सकों को समय से अस्पताल में बैठने और उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई डॉक्टर समय से पहले जा रहे हैं तो ये गलत है। इसकी जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मदनलाल, सीएमएस
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जिला अस्पताल के कमरा नंबर दो में सर्जन बैठते हैं। दवा काउंटर पर पर्चा बनवाने के दौरान सर्जन संबंधी समस्या होने पर कमरा नंबर दो में ही जाने की हिदायत भी दी जाती है। बृहस्पतिवार को भी कई मरीजों को यही हिदायत दी गई थी। मरीज कमरा नंबर दो में पहुंचे तो यहां कुर्सी खाली थी। दोपहर एक बजे के करीब कमरे के बाहर कई मरीज इंतजार कर रहे थे, लेकिन डॉक्टर का कोई अता पता नहीं था। आम दिनों में तो यहां सर्जन गौरव पारीक बैठते हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को वह यहां नहीं थे। मरीजों ने पूछने पर बताया कि वह काफी देर से डॉक्टर साहब के इंतजार में हैं, लेकिन वे नहीं आए।
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इसके अगले ही कमरे में ईनएटी सर्जन नितिन कुमार की तैनाती है। कमरा नंबर तीन में उनकी कुर्सी भी दोपहर 1.15 बजे खाली पड़ी थी। वैसे तो अस्पताल का समय सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे का है। डॉक्टर्स की घड़ी शायद इतनी तेज चलती है कि उनके उठने का समय पहले ही हो जाता है। यहां भी मरीज दोपहर दो बजे तक ईएनटी सर्जन का इंतजार करते नजर आए। दिन भर जिला अस्पताल में मरीज इन्हीं परेशानियों से जूझते रहते हैं। परेशान होने के बाद कभी फिजीशियन से दवा लिखवाने के लिए पहुंच जाते हैं तो कभी वापस अपने घर ही लौट जाते हैं।
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केस एक : काशीराम कॉलोनी निवासी सावित्री के कोहनी में चोट लग गई थी। बाद में चोट में संक्रमण हो गया। वह सर्जन को दिखाने के लिए आई थीं। कमरा नंबर दो के बाहर दो घंटे इंतजार के बाद भी उन्हें डॉक्टर नहीं मिल सके।
केस दो : प्रजापति कॉलोनी निवासी सावित्री देवी के कान में इन दिनों कुछ तकलीफ चल रही है। कभी पस आने लगता है तो कभी कम सुनाई देता है। बृहस्पतिवार को वह दवा लेने पहुंची तो कमरा नंबर तीन में ईएनटी सर्जन उन्हें नहीं मिल सके।
केस तीन : नगला गुलाल निवासी ओमप्रकाश के पैर में कुछ दिनों पहले चोट लग गई थी। वे चोट ठीक न होने पर सर्जन को दिखाने के लिए जिला अस्पताल आए थे। यहां कमरा नंबर दो के बाहर काफी देर इंतजार किया, लेकिन डॉक्टर नहीं मिल सके।
सभी चिकित्सकों को समय से अस्पताल में बैठने और उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई डॉक्टर समय से पहले जा रहे हैं तो ये गलत है। इसकी जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मदनलाल, सीएमएस