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UP News: एडीए में सोते रहे इंजीनियर, बस गई अवैध शारदा सिटी; अब तीसरी बार चलाना पड़ा बुलडोजर
Tue, 23 Jul 2024 12:04 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 23 Jul 2024 12:04 AM IST
सार
ताजनगरी में एडीए में इंजीनियर सोते रहे। इधर अवैध शारदा सिटी बस गई। अब तीसरी बार यहां पर बुलडोजर चलाना पड़ा। 20 परिवार घर बनाकर रहने लगे।
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शारदा सिटी में अवैध निर्माण ध्वस्त करता बुलडोजर
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में सुपरवाइजर, इंजीनियर व अफसर सोते रहे। ताजगंज क्षेत्र में अवैध रूप से शारदा सिटी कॉलोनी विकसित हो गई। बार-बार ध्वस्तीकरण के बावजूद प्लॉट बिकते रहे। उनमें मकान बनाकर 20 परिवार भी बस गए। नए भूखंड पर निर्माण शुरू हुए तो सोमवार को एडीए का बुलडोजर पहुंचा। 20 नवनिर्मित भूखंड ध्वस्त किए।
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ताजगंज क्षेत्र के रजरई रोड पर प्रेम कुमार यादव ने शारदा सिटी कॉलोनी बनाई। एडीए से मानचित्र पास नहीं कराया। एडीए ने नोटिस दिए, लेकिन न तो निर्माण रुके और न ही भूखंडों की बिक्री बंद की गई। अक्तूबर 2022 में एडीए ने ध्वस्तीकरण के नाम पर खानापूर्ति की। फिर भी काम नहीं रुका।
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इंजीनियर व सुपरवाइजर की सांठगांठ से 20 मकान भी बन गए। जून 2023 में फिर एडीए दल ने दूसरी बार ध्वस्तीकरण की खानापूर्ति की। फिर भी अवैध निर्माण व भूखंड बिक्री नहीं रुकी। सोमवार को तीसरी बार एडीए टीम ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची। अवैध रूप से बने मकान ध्वस्त नहीं किए। 20 अन्य नए निर्माणाधीन भूखंड व उनकी सड़क, नाली, चहारदीवारी तोड़ी। सहायक अभियंता मो. हारुन ने बताया कि ध्वस्तीकरण की लागत भू-राजस्व के माध्यम से वसूली जाएगी।
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वहीं एडीए क्षेत्र में 144 अवैध कॉलोनियां कागजों में ध्वस्त हैं। इनमें क्षेत्रीय इंजीनियर व सुपरवाइजर की मिलीभगत से अवैध निर्माण व बिक्री के आरोप लगते रहे हैं। यह हाल तब है जब मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी बार-बार अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के आदेश दे चुकी हैं।