सेहत की बात: मांसपेशियों में दर्द... हफ्तेभर में उतर रहा बुखार; मेडिकल कॉलेज पहुंचे तीन हजार से अधिक मरीज
ताजनगरी में मांसपेशियों में दर्द से मरीज परेशान हैं। बुखार हफ्तेभर में उतर रहा है। तीन हजार से अधिक मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ओपीडी में 3,382 मरीज आए। सबसे ज्यादा वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं। जोड़-मांसपेशियों में दर्द अधिक हो रहा है, 5-7 दिन में बुखार उतर रहा है। प्लेटलेट्स भी प्रभावित हो रही हैं। राहत की बात है कि हालत गंभीर नहीं हो रही और मरीज सामान्य इलाज से ठीक हो रहे हैं।
मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि विभाग की ओपीडी में 679 मरीज आए। इस बार बुखार कई तरह का देखने मिल रहा है। तेज बुखार, खांसी-खराश और सर्दी भी लग रही है। कई ऐसे मरीज हैं, जिनको बुखार कम है लेकिन मासंपेशियों और शरीर में दर्द हो रहा है। जोड़, हाथ-पैर, कमर,गर्दन और सिर-आंखों में दर्द बता रहे हैं। कई की प्लेटलेट्स भी कम मिलीं, लेकिन दवा से ये 5-7 दिन में ठीक हो रहे हैं। प्लेटलेट्स भी बढ़ रही हैं, भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही।
बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि बाल रोग विभाग की ओपीडी में 195 मरीज आए। इनमें बुखार, खांसी, खराश, पेट में दर्द की परेशानी मिली। कुछ मरीजों में सांस लेने में दिक्कत भी दिखी। दवा देने के साथ, साफ-सफाई के लिए परिजन को जागरूक भी कर रहे हैं।
पर्चे-दवा के लिए मारामारी, घंटेभर अधिक देखे मरीज
एसएन में पर्चे और दवा के लिए मारामारी रही। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में एक से डेढ़ घंटा लगा। सबसे ज्यादा मेडिसिन विभाग में 679 और त्वचा रोग विभाग में 427 मरीज आए। इसके चलते मेडिसिन और त्वचा रोग विभाग में एक घंटा अतिरिक्त 3 बजे तक मरीज देखे गए।
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि खुजली, कीट-पतंगे काटने से एलर्जी, फुंसियां, फंगल इन्फेक्शन, बाल झड़ने के सबसे ज्यादा मरीज आए। इनको दवा देने के साथ साफ-सफाई बरतने के लिए भी जागरूक किया।
ये करें
- खाने-पीने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। सामान्य पानी पीएं।
- बच्चों को बड़ी बोतल में पानी भरकर दें, स्कूल में टंकी से पानी नहीं पीने दें।
- कमजोरी, थकान और बुखार का आभास होने पर पैरासिटामॉल लें।
- खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री खाने-पीने से बचें। घर का बना भोजन लें।
- एसी है तो कमरे का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से कम न रखें।
- मच्छर नहीं पनपने दें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर रहें।