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प्रभारी सब रजिस्ट्रार ने दो सौ रुपये में बेचा इमान, किसान से ली रिश्वत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
Updated Mon, 24 Sep 2018 06:42 PM IST
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रिश्वत में दिए गए नोट
- फोटो : अमर उजाला
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एटा की तहसील सदर स्थित निबंधन कार्यालय में सोमवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने प्रभारी सब रजिस्ट्रार को दो सौ रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा। प्रभारी सब रजिस्ट्रार ने एक किसान से खेत को बंधन मुक्त कराने के लिए दो सौ रुपए रिश्वत ली थी। मामले में पुलिस ने सब रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
गांव कुसाड़ी निवासी किसान रोहनलाल वर्मा का खेत निबंधन कार्यालय में बंधक था। किसान ने बकाया रकम को जमा करने के बाद प्रभारी सब रजिस्ट्रार प्रमोद सक्सेना से खेत को बंधन मुक्त करने की गुहार लगाई। जिस पर प्रभारी सब रजिस्ट्रार (बाबू) ने किसान से दो सौ रुपए की मांग की। किसान ने जब दो सौ रुपए की रसीद को लेकर सवाल किया, तो प्रभारी सब रजिस्ट्रार ने किसान को भगा दिया।
मायूस किसान ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर से रिश्वत लिए जाने की शिकायत की। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अपने पास किसान से दो सौ रुपए प्रभारी सब रजिस्ट्रार को दिलवाए। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर और तहसीलदार दुर्गेश यादव ने निबंधन कार्यालय में छापा मारा। छापेमारी के दौरान कार्यालय में हड़कंप मच गया।
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गांव कुसाड़ी निवासी किसान रोहनलाल वर्मा का खेत निबंधन कार्यालय में बंधक था। किसान ने बकाया रकम को जमा करने के बाद प्रभारी सब रजिस्ट्रार प्रमोद सक्सेना से खेत को बंधन मुक्त करने की गुहार लगाई। जिस पर प्रभारी सब रजिस्ट्रार (बाबू) ने किसान से दो सौ रुपए की मांग की। किसान ने जब दो सौ रुपए की रसीद को लेकर सवाल किया, तो प्रभारी सब रजिस्ट्रार ने किसान को भगा दिया।
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मायूस किसान ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर से रिश्वत लिए जाने की शिकायत की। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अपने पास किसान से दो सौ रुपए प्रभारी सब रजिस्ट्रार को दिलवाए। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर और तहसीलदार दुर्गेश यादव ने निबंधन कार्यालय में छापा मारा। छापेमारी के दौरान कार्यालय में हड़कंप मच गया।
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पुलिस ने किया गिरफ्तार
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जब प्रभारी सब रजिस्ट्रार के पास मौजूद नकदी की जांच की, तो उसमें वही नोट पाए गए, जो उन्होंने किसान को दिए थे। इस पर प्रभारी सब रजिस्ट्रार से पूछताछ की गई। जिसमें पता चला कि सोमवार को 24 बैनामों के कुल रकम 31990 रुपये प्रभारी सब रजिस्ट्रार के पास जमा थे। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने अभिलेखों की जांच की, तो वित्तीय अनियमितता पाई गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल प्रभारी सब रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पीड़ित की तहरीर पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि किसान की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। जिसमें सत्यता पाई गई। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कवायद की जा रही है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी सब रजिस्ट्रार से जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को हुए बैनामों की बकाया रकम को लेकर पूछा कि बैनामे उधार में करते हो क्या। जिस प्रभारी सब रजिस्ट्रार कोई जबाव न दे सके। मामले में बैनामा लेखकों और अधिवक्ताओं से भी पूछताछ की गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल प्रभारी सब रजिस्ट्रार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पीड़ित की तहरीर पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि किसान की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। जिसमें सत्यता पाई गई। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कवायद की जा रही है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी सब रजिस्ट्रार से जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को हुए बैनामों की बकाया रकम को लेकर पूछा कि बैनामे उधार में करते हो क्या। जिस प्रभारी सब रजिस्ट्रार कोई जबाव न दे सके। मामले में बैनामा लेखकों और अधिवक्ताओं से भी पूछताछ की गई।