फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   students protest in university campus for degree and marksheet in agra

विश्वविद्यालय: डिग्री और अंकपत्र न मिलने पर छात्रों का प्रदर्शन, सुरक्षाकर्मियों से धक्कामुक्की

Wed, 16 Sep 2020 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 16 Sep 2020 12:16 AM IST
सार

  • अंदर जाने से रोके जाने पर प्रवेश द्वार को धक्का दिया, सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक और धक्कामुक्की

विज्ञापन
students protest in university campus for degree and marksheet in agra
विश्वविद्यालय के गेट को खुलवाने का प्रयास करते छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में मंगलवार को आगरा और अलीगढ़ मंडल के विभिन्न जिलों से समस्याओं का समाधान कराने पहुंचे छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पालीवाल पार्क परिसर के प्रवेश द्वार संख्या दो को धक्का देकर खोलने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा गार्डों से धक्कामुक्की भी हुई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। चीफ प्रॉक्टर ने प्रार्थनापत्र लिए और आश्वासन दिया तब छात्र माने।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के संक्रमित पाए जाने के बाद एक सितंबर से ही पालीवाल पार्क परिसर में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और बाहरी व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। हेल्प डेस्क पर प्रार्थनापत्र लिए जा रहे हैं। इसके बाद भी छात्रों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। विवि में 12 सितंबर तक छात्रों व बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी, लेकिन 14 और 15 सितंबर को भी परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया।
विज्ञापन



डिग्री, अंकपत्र, माइग्रेशन आदि के लिए चक्कर लगाकर परेशान हो चुके छात्र-छात्राएं मंगलवार दोपहर विवि के प्रवेश द्वार पर एकत्रित हो गए और अधिकारियों से मिलने की जिद करने लगे। सुरक्षा गार्डों ने रोका तो छात्रों ने द्वार को धक्का देना शुरू कर दिया। इस बीच छात्रों और सुरक्षा गार्डों में धक्कामुक्की हुई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

छात्रों की मांग थी कि सक्षम अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान का आश्वासन दें तो वे लौटेंगे। हेल्प डेस्क के माध्यम से काम नहीं हो रहा है। बाद में पुलिस पहुंच गई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने सभी से प्रार्थनापत्र लिया। एक छात्रा की बीएससी द्वितीय व तृतीय वर्ष की अंकतालिका जारी कराई, इसके बाद सभी लौटे।

पांच दिन से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए गए 

विश्वविद्यालय प्रशासन चाह रहा है कि विवि में छात्र-छात्राओं की भीड़ न बढ़े। जबकि पांच दिन से ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था बंद है। छात्र-छात्राओं को मजबूरी में विवि की दौड़ लगानी पड़ रही है। दूरदराज से विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। उनका काम नहीं हो रहा। 

वेबसाइट के प्रभारी प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वर पर लोड बढ़ने की वजह से ऑनलाइन आवेदन को बंद किया गया था। मुख्य परीक्षा के प्रवेशपत्र अपलोड होने में दिक्कत आ रही थी। परीक्षा फॉर्म भी भरे जा रहे थे। ऑनलाइन आवेदन मंगलवार को खुलवा दिया गया।

'छात्रों की समस्याओं पर अधिकारी गंभीर नहीं'

एनएसयूआई के प्रदेश संयोजक अंकुश गौतम ने कहा कि छात्रों की समस्याओं पर अधिकारी गंभीर नहीं है। छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन आंदोलन करेगा।

'छात्रों का काम नहीं करना तो विवि खोलने का औचित्य ही नहीं'

समाजवादी छात्र सभा के जिला महासचिव रवि यादव ने कहा कि छात्रों को विवि परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। हेल्प डेस्क पर प्रार्थनापत्र देने से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। छात्रों के काम नहीं करने हैं, तो विवि खोलने का औचित्य ही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed